रायपुर. छत्तीसगढ. विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 20 सीट के लिए रविवार शाम चुनाव प्रचार समाप्त हो गया.
राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के 12 सीट समेत इन 20 विधानसभा क्षेत्रों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई बड़े नेताओं ने प्रचार किया है. इस चरण में नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के सात जिलों तथा राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ. चौकी, कबीरधाम और खैरागढ.-छुईखदान के 20 सीट पर मतदान होगा.
अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में 20 विधानसभा क्षेत्रों में से 10 विधानसभा क्षेत्रों– मोहला-मानपुर, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा में सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक तथा दस विधानसभा क्षेत्रों– पंडरिया, कवर्धा, खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, खुज्जी, बस्तर, जगदलपुर और चित्रकोट में सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा.
अधिकारियों ने बताया कि बस्तर क्षेत्र के कुछ मतदान केंद्रों के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच शनिवार से मतदान दलों को उनके गंतव्यों के लिए रवाना किया जा रहा है. बस्तर क्षेत्र में तैनात एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील दूरदराज के इलाकों में मतदान केंद्रों तक ईवीएम, मतदान र्किमयों और मतदान सामग्री को पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है.
उन्होंने बताया कि सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर के 156 मतदान केंद्रों से संबंधित र्किमयों को हेलीकॉप्टर से भेजा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि प्रथम चरण में 20 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 223 उम्मीदवार हैं जिनमें 198 पुरुष तथा 25 महिलाएं हैं. इस चरण में 40 लाख 78 हजार 681 मतदाता हैं जिनमें 19 लाख 93 हजार 937 पुरुष , 20 लाख 84 हजार 675 महिलाएं तथा 69 तृतीय लिंगी हैं. प्रथम चरण के लिए कुल 5304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं.
उन्होंने बताया कि सबसे अधिक 29 उम्मीदवार राजनांदगांव निर्वाचन क्षेत्र में हैं, जबकि चित्रकोट और दंतेवाड़ा सीट पर सबसे कम सात-सात उम्मीदवार हैं. पहले चरण में कांग्रेस से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद दीपक बैज (चित्रकोट सीट), मंत्री कवासी लखमा (कोंटा), मोहन मरकाम (कोंडागांव), मोहम्मद अकबर (कवर्धा) और दिवंगत कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा के बेटे छविंद्र कर्मा (दंतेवाड़ा) प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं.
वहीं भाजपा से पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह (राजनांदगांव), राज्य के चार पूर्व मंत्री केदार कश्यप (नारायणपुर), लता उसेंडी (कोंडागांव), विक्रम उसेंडी (अंतागढ.) और महेश गागड़ा (बीजापुर) तथा पूर्व आईएएस अधिकारी नीलकंठ टेकाम (केशकाल) प्रमुख उम्मीदवार हैं.
कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ ओबीसी नेता और छत्तीसगढ. खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन को राजनांदगांव से रमन सिंह के खिलाफ मैदान में उतारा है.
राज्य में चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी को भानुप्रतापपुर सीट से मैदान में उतारा है. कांग्रेस विधायक अनूप नाग ने पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर अपनी मौजूदा अंतागढ. सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. प्रचार के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डोंगरगढ. विधानसभा क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल डोंगरगढ. का दौरा किया. प्रधानमंत्री ने जैन संत आचार्य विद्यासागर महाराज से मुलाकात की और मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की. उन्होंने वहां किसी भी सार्वजनिक रैली को संबोधित नहीं किया.
पहले चरण के लिए प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने पार्टी के लिए प्रचार किया और कथित घोटालों तथा धर्मांतरण सहित कई मुद्दों पर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा. इधर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं को लेकर प्रचार किया तथा दावा किया कि उन्होंने 2018 में किसानों, आदिवासियों, युवाओं और महिलाओं से किए गए वादों को पूरा किया है.
2018 के पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने इन 20 निर्वाचन क्षेत्रों में से 17 सीट जीती थीं, जबकि भाजपा को दो और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ. (जे) को एक सीट मिली थी. बाद में कांग्रेस ने उपचुनावों में शेष तीन में से दो सीट और जीत लीं. कांग्रेस ने 2018 के चुनावों में 68 सीट जीतकर सरकार बनाई थी. इस चुनाव में भाजपा को 15 सीट पर जीत मिली थी जबकि जेसीसी (जे) और बसपा को क्रमश? पांच और दो सीट मिली थीं. कांग्रेस के विधायकों की संख्या वर्तमान में 71 है.
नक्सलियों ने राज्य में मतदाताओं से चुनाव का बहिष्कार करने का आह्वान किया है तथा शनिवार को नारायणपुर जिले के एक गांव में एक भाजपा नेता की हत्या कर दी है. विधानसभा की कुल 90 में से शेष 70 सीटों पर 17 नवंबर को दूसरे चरण में मतदान होगा.
सात नवंबर को पहले चरण का मतदान, 600 से अधिक मतदान केंद्र होंगे तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मंगलवार को होने वाले मतदान के लिए नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के संवेदनशील इलाकों में स्थित 600 से अधिक मतदान केंद्र तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में रहेंगे. पुलिस अधिकारियों ने रविवार को बताया कि 12 विधानसभा क्षेत्रों वाले बस्तर संभाग में शांतिपूर्ण मतदान के लिए लगभग 60 हजार जवानों को तैनात किया गया है जिनमें से 40 हजार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) तथा 20 हजार राज्य पुलिस के जवान हैं.
उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से बस्तर संभाग के पांच विधानसभा क्षेत्रों के कुल 149 मतदान केंद्रों को नजदीकी थानों और सुरक्षा शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गया है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन और हेलीकॉप्टर के माध्यम से भी माओवादी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी. राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए सात और 17 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा.
पहले चरण में जिन 20 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा उनमें बस्तर संभाग की 12 विधानसभा सीटें शामिल हैं. इन 12 सीटों में से अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा सीटों पर सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान होगा. शेष तीन सीटों- बस्तर, जगदलपुर और चित्रकोट पर मतदान का समय सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक है.
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने एक बयान में बताया, ”बस्तर संभाग में विधानसभा चुनाव के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. मतदान केंद्र और सड़कों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बल और विशेष बल जैसे डि्ट्रिरक्ट रिजर्व गार्ड, स्पेशल टास्क फोर्स, बस्तर फाइटर्स और सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन को तैनात किया गया है.” सुंदरराज ने कहा कि निकटवर्ती राज्यों-तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा के विशेष बल भी अंतरराज्यीय सीमा पर मोर्चा संभालेंगे.
उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित अंदरूनी इलाकों में 600 से अधिक मतदान केंद्र तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरे में होंगे. पुलिस अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग के मानदंडों के अनुसार अन्य मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बल और स्थानीय पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था होगी.
उन्होंने बताया कि आंतरिक इलाकों में 156 से अधिक मतदान केंद्रों के मतदान र्किमयों और ईवीएम को हेलीकॉप्टरों के माध्यम से उनके गंतव्यों तक पहुंचाया जा रहा है. सुंदरराज ने बताया कि सुरक्षा कारणों से बीजापुर, नारायणपुर, अंतागढ़, दंतेवाड़ा और कोंटा विधानसभा क्षेत्रों के कुल 149 मतदान केंद्रों को निकटतम थाने और सुरक्षा शिविर में स्थानांतरित कर दिया गया है.
साल 2018 के विधानसभा चुनावों में 196 मतदान केंद्रों को स्थानांतरित किया गया था जबकि 2019 के लोकसभा चुनावों में 330 बूथ को स्थानांतरित किया गया था. बयान में कहा गया है कि 2018 के विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार 126 से अधिक स्थानों पर नए मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं.
उसके मुताबिक, इनमें से मिनपा, गलगाम, सिलगेर, चंदामेटा जैसे 40 मतदान केंद्रों को सुरक्षा स्थिति सामान्य होने के बाद उनके मूल गांवों में फिर से स्थापित किया गया है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि संभाग के सात जिलों में से प्रत्येक में कम से कम पांच मतदान केंद्र महिला कमांडो की सुरक्षा में होंगे. सुंदरराज ने बताया कि ड्रोन और हेलीकॉप्टर के जरिए नक्सली गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी. इसमें बम निरोधक टीम और श्वान दस्ते को भी शामिल किया जाएगा.
पुलिस महानिरीक्षक ने बयान में कहा, ”प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) ने चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के लिए हिंसक गतिविधियों का सहारा लिया है क्योंकि वे बस्तर क्षेत्र के विकास को देखकर निराश हैं. यह माओवादी संगठन की पुरानी शैली है जो उनके अलोकतांत्रिक चेहरे का प्रमाण है.” उन्होंने कहा कि बस्तर के निवासी, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल के सभी सदस्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने तथा बस्तर की शांति, सुरक्षा और विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं.
सुंदरराज ने शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सभी सुरक्षा इंतजाम किए जाने का आश्वासन देते हुए बस्तर के मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंचकर मतदान करने और अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी का निर्वहन करने की अपील की है.
नक्सलियों ने मतदाताओं से बस्तर क्षेत्र में चुनाव का बहिष्कार करने का आ”ान किया है. उन्होंने शनिवार को नारायणपुर जिले के एक गांव में एक भाजपा नेता की उस समय हत्या कर दी, जब वह पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे.
अक्टूबर 2018 में, दंतेवाड़ा जिले में विधानसभा चुनाव से पहले एक नक्सली हमले में तीन पुलिसकर्मी और दूरदर्शन के कैमरामैन की मृत्यु हुई थी. पहले चरण के मतदान के लिए 20 विधानसभा सीटों पर 5304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. पहले चरण के 20 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 223 उम्मीदवार हैं जिनमें 198 पुरुष तथा 25 महिला हैं. प्रथम चरण के लिए 40 लाख 78 हजार 681 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. इनमें 19 लाख 93 हजार 937 पुरुष मतदाता, 20 लाख 84 हजार 675 महिला मतदाता तथा 69 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं.