नयी दिल्ली. संसद पर आतंकी हमले की बरसी के दिन बुधवार को सुरक्षा में सेंधमारी की बड़ी घटना उस वक्त सामने आई जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए और ‘केन’ के जरिये पीले रंग का धुआं फैला दिया. घटना के तत्काल बाद दोनों को पकड़ लिया गया.
सदन में करीब एक बजे शून्यकाल के दौरान यह घटना घटी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घटना को गंभीर करार देते हुए कहा कि इसकी उच्च स्तरीय जांच की जा रही है तथा संसद की सुरक्षा की व्यापक समीक्षा की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि जो धुआं सदन में फैलाया गया था वह साधारण था और इसको लेकर चिंता वाली कोई बात नहीं है.
बिरला ने लोकसभा में कूदने वाले दोनों व्यक्तियों को रोकने और दबोचने में मुस्तैदी एवं निडरता दिखाने के लिए सांसदों, सुरक्षार्किमयों एवं कर्मचारियों की सराहना की. सदन में कूदने वाले दोनों व्यक्तियों पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन डी. के रूप में हुई है. बसपा के लोकसभा सदस्य दानिश अली ने कहा कि सागर शर्मा नामक व्यक्ति का पास मैसूर से भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा की अनुशंसा पर बना था.
विपक्षी दलों ने इस विषय पर सरकार से जवाब और संसद की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की मांग की. संसद की सुरक्षा में चूक की यह घटना 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन हुई है. सदन में शून्यकाल के दौरान दोपहर करीब एक बजे दर्शक दीर्घा से दो व्यक्ति सदन में कूदे और इनमें से एक व्यक्ति एक मेज से अगली मेज पर तेजी से कूदते हुए आगे की ओर भाग रहा था. इन लोगों ने केन से सदन में धुआं फैला दिया सुरक्षार्किमयों और कुछ सांसदों ने इन्हें घेर लिया. बाद में दोनों को पकड़ लिया गया.
घटना के तत्काल बाद पीठासीन सभापति राजेंद्र अग्रवाल ने कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी. दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर बिरला ने सदस्यों से कहा, ”जो घटना शून्यकाल के दौरान हुई थी उस घटना की लोकसभा अपने स्तर पर संपूर्ण जांच कर रही है. इस संदर्भ में दिल्ली पुलिस को आवश्यक निर्देश दिया गया है.” उन्होंने कहा, ”आरंभिक जांच से पता चला कि वह साधारण धुंआ था.” उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और कई सदस्यों ने सुरक्षा में चूक की इस घटना को लेकर चिंता जताई.
लोकसभा अध्यक्ष ओम ने सदन में चार बजे कहा, ” बिरला ने लोकसभा में सदस्यों से कहा, ”आज जो आज घटना घटी है वह हम सबके लिए चिंता का विषय है. यह गंभीर घटना भी है. हमारे सांसदों, सुरक्षार्किमयों, मार्शलों, चैम्बर स्टॉफ ने जिस तरह से मुस्तैदी और निडरता के साथ उनको (कूदने वालों को) दबोचा, मैं उसके लिए उन सबको बधाई देता हूं.” उन्होंने कहा , ”आज के दिन ही 2001 में इसी तरह से हमारे केंद्रीय सुरक्षा बल, संसद सुरक्षा बल, अन्य लोगों ने उस हमले को विफल किया था. आज घटना को विफल करने के लिए हमने जो सामूहिक प्रयास किया है उसके लिए सदन को बधाई देता हूं.”
लोकसभा अध्यक्ष ने सदन को बताया, ”हम इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कर रहे हैं. जांच के उपरांत जो निष्कर्ष निकलेंगे, उनके अनुसार कार्रवाई भी सुनिश्चित करेंगे.” उन्होंने कहा, ”मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाएगी. सभी दलों के नेताओं और सांसदों ने ऐसा आग्रह भी किया है.” बिरला ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में क्या-क्या सुधार हो सकता है, उस पर सभी दलों के नेताओं के सुझाव के आधार पर कदम उठाये जाएंगे. इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
घटना के समय बैठक का संचालन कर रहे पीठासीन सभापति राजेन्द्र अग्रवाल ने संसद भवन परिसर में ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”हमें ऐसा लगा कि जैसे एक व्यक्ति गिर गया. फिर देखा तो एक व्यक्ति कूद रहा था. फिर ध्यान में आया कि दोनों कूदे होंगे. एक व्यक्ति ने जूते से कुछ निकालकर धुआं फैलाया. इसके बाद इन्हें पकड़ लिया गया.” समाजवादी पार्टी के सांसद एस टी हसन ने कहा कि दर्शक दीर्घा से दो लोग लोकसभा कक्ष में कूदे और जूते से कुछ ऐसी चीज निकाली, जिससे गैस फैलनी शुरू हो गई.
उन्होंने कहा, ”यह गैस कैसी थी, यह कोई जहरीली गैस तो नहीं थी, पता नहीं. हमें संसद की सुरक्षा में भारी गंभीर खामी नजर आ रही है. इस तरह से तो कोई जूते में बम भी रखकर आ सकता है.” हसन ने कहा कि इस तरह की सुरक्षा चूक पर आगे ध्यान देने की जरूरत है.
उधर, लोकसभा कक्ष में दो व्यक्तियों के कूदने की घटना के कुछ देर बाद ही पीले और लाल रंग का धुआं छोड़ने वाली ‘केन’ लेकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन करने वाले एक पुरुष और एक महिला को बुधवार को हिरासत में ले लिया गया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संसद भवन के बाहर से हिरासत में लिए गए दो लोगों की पहचान हरियाणा के जींद जिले के गांव घासो खुर्द निवासी नीलम (42) और लातूर (महाराष्ट्र) निवासी अमोल शिंदे (25) के रूप में हुई है. नीलम हिसार में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी. अधिकारियों ने बताया कि संसद भवन के बाहर धुआं छोड़ने वाली ‘केन’ खोलने के बाद दोनों ने ‘तानाशाही नहीं चलेगी’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय भीम, जय भारत’ के नारे लगाए.
संसद भवन के बाहर प्रदर्शन के दौरान धुआं फैलाने के मामले में दो गिरफ्तार
संसद भवन के बाहर बुधवार को प्रदर्शन के दौरान कनस्तर का इस्तेमाल कर पीला और लाल रंग का धुआं फैलाने के आरोप में एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने यह जानकारी दी. दर्शक दीर्घा से दो व्यक्तियों के लोकसभा में कूदने और एक कनस्तर से पीला और लाल रंग का धुआं फैलाने के कुछ मिनट बाद यह घटना हुई. लोकसभा में हुई घटना से सांसदों में दहशत फैल गई.
दिल्ली पुलिस के आयुक्त संजय अरोड़ा ने दो बार हुई सुरक्षा चूक के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए संसद का दौरा किया .
इन घटनाओं के बाद पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती करके संसद के आसपास के इलाके की सुरक्षा कड़ी कर दी गई. अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा को दोनों घटनाओं की जांच का जिम्मा सौंपा गया है. वैज्ञानिक और अन्य साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए फोरेंसिक दलों ने संसद का दौरा किया.
संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन करने वाले दो लोगों की पहचान हरियाणा के हिसार की 42 वर्षीय नीलम और महाराष्ट्र के लातूर इलाके के 25 वर्षीय अमोल शिंदे के रूप में हुई है. अधिकारियों ने बताया कि संसद भवन के बाहर गैस कनस्तर खोलकर धुआं फैलाने वाले दोनों लोगों ने ‘ तानाशाही नहीं चलेगी’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय भीम, जय भारत’ जैसे नारे लगए. पुलिस कर्मी जब महिला को लेकर जा रहे थे तब उसने पत्रकारों से कहा कि वह किसी भी संगठन से संबंधित नहीं है और छात्रा है.
उसने कहा, ह्ल मेरा नाम नीलम है. भारत सरकार हम पर जुल्म कर रही है. जब हम अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं तो हमें पीटा जाता है और जेल में डाल दिया जाता है. हम पर अनुचित दबाव डाला जाता है. हम किसी संगठन से नहीं जुड़े हैं. हम विद्यार्थी हैं और हम बेरोजगार हैं.ह्व उसने कहा, “हमारे माता-पिता मजदूर, किसान हैं और कुछ के छोटे दुकानदार हैं. हमारी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है. तानाशाही नहीं चलेगी.” पुलिस ने कहा कि दोनों को क्षेत्र में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
सुरक्षा में चूक की यह घटना 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमले की बरसी के दिन हुई है. पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद संगठनों के आतंकवादियों ने 2001 में आज ही के दिन संसद परिसर पर हमला किया था, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी.
लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार की घटना को लेकर कहा, ह्ल जब शून्यकाल चल रहा था तो एक व्यक्ति को लोकसभा की मेज. पर छलांग लगाते हुए देखा गया, जबकि दूसरे को दर्शक दीर्घा से लटकते हुए, कुछ गैस छोड़ते हुए देखा गया.ह्व पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उनमें से एक की पहचान सागर शर्मा के रूप में हुई, जिसने एक सांसद की सिफारिश पर जारी पास का उपयोग करके सदन में प्रवेश किया था. दूसरे अनधिकृत तौर पर सदन में घुसा और उसकी पहचान मनोरंजन डी के रूप में हुई है.
उन्होंने कहा कि अनधिकृत रूप से घुसा व्यक्ति संसद सुरक्षा इकाई की हिरासत में हैं. अधिकारी ने कहा, “सुरक्षा अधिकारी दोनों से पूछताछ कर रहे हैं. उन्हें स्थानीय पुलिस को सौंप दिया जाएगा.” कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ह्ल मैंने देखा कि दो युवक संसद दीर्घा के अंदर कनस्तरों से दुर्गंधयुक्त पीले रंग की गैस फैला रहे हैं. सांसद उन व्यक्तियों को पकड़ने के लिए दौड़े. एक व्यक्ति कुछ नारे लगा रहा था. यह नए संसद भवन के एक अन्य पहलू – सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है.”
दर्शक दीर्घा में बैठे एक चश्मदीद ने कहा, ह्ल जब वे बैठे थे तो वे किसी तरह की तख्तियां नहीं दिखा रहे थे. फिर, अचानक उनमें से व्यक्ति खड़ा हुआ और कूद गया और ऐसा लगा जैसे दूसरा उसे पकड़ लेगा. दूसरा व्यक्ति भी कूद गया. नीचे बैठे सांसदों ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया. सुरक्षा निर्देशों के अनुसार सबसे पहले हमें निकाला गया. उन्होंने धुआं निकालने वाला बम फेंका था और हमारे बाहर आने के बाद सुरक्षार्किमयों ने उन्हें पकड़ लिया.”