दुबई. यमन में विद्रोहियों के नियंत्रण वाले क्षेत्र से किये गए हमले की चपेट में आने के बाद लाल सागर में लाइबेरियाई ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज में शुक्रवार को आग लग गई. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अल जसराह पर हुए हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है. संदेह है कि अल जसराह जहाज पर यह हमला ईरान सर्मिथत हूती विद्रोहियों ने किया है. हालांकि विद्रोहियों ने अभी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. इससे पहले, विद्रोहियों ने हाल में लाल सागर और महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्र बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए कई हमलों की जिम्मेदारी ली थी.
ईरान सर्मिथत हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए समुद्री हमले इजराइल-हमास युद्ध और गाजा पट्टी को निशाना बनाकर किये जा रहे हवाई और जमीनी हमले का जवाब हैं. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर बताया कि जहाज पर हमला हुआ है. वहीं, निजी खुफिया फर्म एंब्रे ने भी हमले की पुष्टि की है.
एंब्रे ने कहा, ”कथित तौर पर प्रक्षेपित वस्तु जहाज के बंदरगाह वाले हिस्से से टकरायी और इसके प्रभाव के कारण एक कंटेनर गिर गया. हमले के कारण जहाज के एक हिस्से में आग लग गई.” पश्चिम एशिया में महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर नजर रखने वाले ब्रिटेन की सेना के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस(यूकेएमटीओ) ने भी हमले की पुष्टि की है और अन्य जहाजों को सावधान रहने की चेतावनी दी है. इसने बताया कि आग से किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है.
अल जसराह का संचालन जर्मनी की शिपिंग कंपनी हापाग लॉयड करती है. इसके अनुसार, हमले में जहाज के चालक दल के किसी भी सदस्य को चोट नहीं आई है. कंपनी ने कहा,”हापाग-लॉयड कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त उपाय करेगी.” अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हमला ड्रोन से हुआ है या फिर मिसाइल से.
एंब्रे ने कहा कि हापाग-लॉयड के इजराइली बंदरगाहों अशदोद, हाइफा और तेल अवीव में कार्यालय हैं. यमन के हूती विद्रोहियों ने बृहस्पतिवार को एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी, जो बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक मालवाहक जहाज को निशाना बनाने से चूक गई थी.