- राज्यपाल झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने मुख्यमंत्री पद से हेमंत सोरेन का इस्तीफा स्वीकार किया: राजभवन।
- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को रांची में ईडी कार्यालय ले जाया गया: आधिकारिक सूत्र।
रांची. हेमंत सोरेन ने बुधवार को झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और इसके साथ ही सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाले गठबंधन ने नए मुख्यमंत्री के रूप में वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन का नाम प्रस्तावित किया. भूमि घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा लगभग सात घंटे तक पूछताछ किए जाने के बाद सोरेन ने राजभवन में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना इस्तीफा सौंप दिया.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा, ”हेमंत सोरेन ने झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. सत्तारूढ़ झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन ने नए मुख्यमंत्री के रूप में वरिष्ठ झामुमो नेता चंपई सोरेन का नाम प्रस्तावित किया है.” इससे पहले मुख्यमंत्री आवास पर जुटे विधायकों ने चंपई सोरेन को झामुमो विधायक दल का नेता चुना. पार्टी प्रवक्ता विनोद पांडे ने कहा कि चंपई सोरेन के नाम पर आम सहमति बनी. इससे पहले ऐसी अटकलें थीं कि नए मुख्यमंत्री के तौर पर हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना का नाम प्रस्तावित किया जा सकता है.
झामुमो समर्थकों ने कहा: अगर मुख्यमंत्री सोरेन जेल जाएंगे तो हम भी उनके साथ जाएंगे
सत्तारूढ. झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक भूमि सौदे से जुड़े कथित धनशोधन मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के विरोध में बुधवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में एकत्र हुए.
पार्टी के बैनर, पोस्टर थामे हुए और तीर-धनुष प्रर्दिशत करते हुए, समर्थकों ने दावा किया कि मुख्यमंत्री को उनकी आदिवासी पहचान के लिए जांच एजेंसी के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार निशाना बना रही है.
जमशेदपुर से यहां आईं झामुमो नेता झरना पाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”हेमंत सोरेन को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह आदिवासी हैं. लेकिन, वह हमारे लिए भगवान की तरह हैं. हम उनके लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. अगर वह (मुख्यमंत्री) जेल जाएंगे तो हम भी उनके साथ जाएंगे.” मुख्यमंत्री आवास सहित राज्य की राजधानी के प्रमुख स्थानों पर 100 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू होने के साथ, सोरेन के आवास से कुछ किलोमीटर दूर मोरहाबादी मैदान में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया.
हजारीबाग जिले से आए झामुमो समर्थक उमेश ठाकुर ने कहा, ”मुख्यमंत्री को बार-बार परेशान किया जा रहा है, जबकि वह सहयोग कर रहे हैं. उन्होंने 20 जनवरी को ईडी के सवालों का जवाब दिया था, लेकिन उन्हें एक सप्ताह के भीतर फिर से बुलाया गया. क्या यह जान-बूझकर उन्हें और उनकी सरकार को बदनाम करने का प्रयास नहीं है?” रामगढ. के तौफीक आलम ने कहा, ”सरकार को अस्थिर करने के लिए भाजपा हमारे मुख्यमंत्री के खिलाफ साजिश रच रही है. लेकिन, वे अपने मिशन में सफल नहीं होंगे. अगर मुख्यमंत्री को कुछ हुआ, तो झारखंड में तेज आंदोलन होगा.”