उत्तराखंड के बड़ियाकोट स्थित प्राचीन आदि बद्री मां भगवती शक्तिपीठ में आग लगने की खबर सामने आई है. मंदिर के ढांचे को बहुत नुकसान पहुंचा है. इस घटना में मंदिर को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, मंदिर का इतिहास 5वीं–8वीं शताब्दी ईस्वी तक जाता है। इसकी पारंपरिक लकड़ी की नक्काशी और ऐतिहासिक विरासत विशेष महत्व रखती है।
आग लगने के कारणों की जांच जारी है। उम्मीद है कि स्थिति जल्द स्पष्ट होगी और मंदिर की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
पारंपरिक लकड़ी की नक्काशी के लिए प्रसिद्ध यह मंदिर क्षेत्र में आस्था का एक प्रमुख केंद्र है. मान्यताओं के अनुसार, देवी भगवती ने इसी स्थल के पास राक्षस निशुंभ का वध किया था. आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
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