मोहनिया/सासाराम/डेहरीआनसोन/रोहतास. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को नरेन्द्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह रक्षा बजट को सैनिकों के वेतन पर खर्च करने के बजाय एक बड़े व्यापारिक घराने के लाभ के लिए खर्च करने के मकसद से ‘अग्निवीर’ योजना लेकर आई है. गांधी ने यह आरोप पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया में अपनी ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान शुक्रवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए लगाया. मोहनिया के युवा बड़ी संख्या में सशस्त्र बलों में भर्ती होते हैं और यह अग्निवीर योजना के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का गवाह रहा था.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ”एक अग्निवीर को एक नियमित सेना के जवान के बराबर वेतन और पेंशन नहीं मिलेगी और न ही उसे कैंटीन का लाभ मिलेगा. इससे भी गलत बात यह है कि उन्हें शहीद नहीं माना जाएगा, भले ही वह एक नियमित जवान के समान जुनून के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे.” पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”ऐसा इसलिए है क्योंकि मोदी सरकार रक्षा बजट को सैनिकों के वेतन पर खर्च नहीं करना चाहती है. वह इस राशि को एक कारोबारी घराने के लाभ के लिए खर्च करना चाहती है.”
गांधी ने यह भी आरोप लगाया, ”यदि आप मीडिया में कवरेज देखें, तो आपको किसानों और हमारे जैसे अन्य लोगों और विपक्षी नेताओं का बहुत कम उल्लेख किया जाता है. आप मोदी को अपने दोस्तों और अमिताभ बच्चन और ऐश्वर्या राय जैसी मशहूर हस्तियों के साथ मंच साझा करते हुए पाएंगे.” उन्होंने हाल में ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) गठबंधन छोड़कर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हुए बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) अध्यक्ष नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा, ”कभी-कभी आप प्रधानमंत्री के बगल में नीतीश कुमार को भी पा सकते हैं.”
गांधी ने कहा, ”मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण युवा अब सशस्त्र बलों, रेलवे या किसी अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई में रोजगार की तलाश नहीं कर सकते हैं. केंद्र सरकार आप सभी को एक अनुबंधित श्रमिक की स्थिति में लाना चाहती है जिसे इच्छानुसार नौकरी से निकाला जा सकता है.”
जाति आधारित जनगणना की वकालत करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, ”आप किसी भी क्षेत्र को देखें और आपको शीर्ष स्तर पर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), दलितों और आदिवासियों, जो कुल आबादी का 73 प्रतिशत हैं, का नगण्य प्रतिनिधित्व दिखाई देगा. यह स्थिति तब है जब मैं अल्पसंख्यकों को इसमें नहीं गिन रहा हूं.” गांधी ने दावा किया, ”यह स्थिति उच्च न्यायपालिका में भी बनी हुई है. देश के उच्च न्यायालयों में 650 न्यायाधीशों में आबादी में 73 प्रतिशत का योगदान करने वाले इस वर्ग के न्यायाधीशों की संख्या 100 से अधिक नहीं है.
उन्होंने कहा, ”दूसरी ओर संविदा मजदूरों या यहां तक कि बेरोजगारों की कोई भी सूची लें. इसमें 73 फीसदी अबादी को समाहित करने वाले वर्ग के लोगों की संख्या सबसे अधिक होगी. आपको सामान्य वर्ग के गरीबों में से भी कुछ लोग मिल सकते हैं.” गांधी ने अपने संबोधन की शुरुआत लोगों से यह पूछकर की कि उनका मूड कैसा है. इस अवसर पर गांधी के साथ राजद नेता तेजस्वी यादव सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ मंच पर मौजूद थे .
उन्होंने कहा, ”हमारी पार्टी के सदस्यों और लालू जी (तेजस्वी के पिता और राजद अध्यक्ष) जैसे हमारे सहयोगियों में एक विशेषता यह है कि हम हर परिस्थितियों में मुस्कुराते रहते हैं. दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी और उनके कैबिनेट सहयोगियों समेत भाजपा के लोग उदास चेहरा रखते हैं और दूसरों के लिए जहर से भरे हुए लगते हैं. वे उन लोगों के बारे में भी बुरा सोचते हैं जो उनसे सहमत नहीं हैं.” गांधी ने कहा, ”आरएसएस और भाजपा ने पूरे देश में नफरत फैलाई है.”
उन्होंने कहा, ”हमारी यात्रा का नारा ‘नफरत के बाजार में मुहब्बत की दुकान’, हमारी सोच को दर्शाता है. हालांकि यह हमारी पार्टी द्वारा गढ.ा नहीं गया था. इसका सुझाव एक आम आदमी ने दिया था जो मेरी पिछली भारत जोड़ो यात्रा से प्रभावित था.” इससे पहले गांधी ने निकटवर्ती रोहतास जिले में एक किसान महापंचायत के दौरान किसानों के साथ बातचीत की थी. अपनी उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों पर ध्यान न देने के लिए मोदी सरकार की आलोचना करते हुए गांधी ने आश्वासन दिया कि अगर उनकी पार्टी कांग्रेस सत्ता में आयी तो एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी देगी.
किसानों की मांगें माने और एमएसपी की कानूनी गारंटी दे सरकार: कांग्रेस
कांग्रेस ने प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ पुलिस के कथित बल प्रयोग की निंदा करते हुए शुक्रवार को कहा कि सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने समेत किसानों की सभी मांगें स्वीकार करनी चाहिए. पार्टी के प्रकोष्ठ अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के प्रमुख सुखपाल सिंह खैरा ने आरोप भी लगाया कि केंद्र सरकार ने किसानों के वादाखिलाफी की है.
खैरा ने संवाददाताओं से कहा, ”मोदी सरकार ने किसान संगठनों से वादा किया था कि एमएसपी को कानूनी गारंटी देंगे, तीनों काले कृषि कानून रद्द होंगे, किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस होंगे, शहीद किसानों के परिवारों को मुआवजा व बच्चों को नौकरी देंगे, बिजली संशोधन विधेयक वापस लेंगे.” उन्होंने दावा किया, ”दो साल से ज्यादा होने पर भी मोदी सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए. ऐसे में किसानों-खेत मजदूरों के पास दिल्ली कूच के सिवाए क्या रास्ता बचा था.” खैरा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इशारे पर हरियाणा सरकार की पुलिस पंजाब में घुसकर किसानों से मारपीट कर रही है.
उन्होंने सवाल किया, ”भाजपा सरकार के मंत्री कहते हैं कि बातचीत करके मसला हल होगा. जब बातचीत से मामला हल होना था, तो 3 साल तक किसानों से क्यों बात नहीं की गई? सरकार अरबपतियों का लाखों-करोड़ों का कर्ज माफ कर सकती है, लेकिन किसानों का कर्ज क्यों माफ नहीं करती?”
उन्होंने कहा, ”हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि वो किसानों की इन मांगों को पूरा करे. एमएसपी को लेकर एक कानून बनाया जाए, किसानों के कर्ज की समीक्षा हो और उसे माफ किया जाए. पिछले आंदोलन में किसानों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएं, बिजली संशोधन विधेयक वापस लिया जाए या उसकी समीक्षा की जाए, पिछले आंदोलन में शहीद किसानों के परिवार को मुआवजा मिले और किसी एक (परिजन) को सरकारी नौकरी दी जाए.” खैरा ने कहा कि इस बार के आंदोलन की अगुवाई कर रहे किसान मोर्चा को दिल्ली आने दिया जाए.
‘इंडिया’ के सत्ता में आने पर एमएसपी को कानूनी गारंटी मिलेगी: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि यदि आगामी लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी दलों का गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) सत्ता में आता है तो उनकी पार्टी देश में किसानों की लंबे समय से लंबित मांगों को स्वीकार करेगी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करेगी.
गांधी ने किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए दावा किया, ”किसानों को उनकी फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा है.” उन्होंने कहा कि केंद्र की सत्ता में आने के बाद कांग्रेस एमएसपी को कानूनी गारंटी देगी. उन्होंने कहा, ”जब भी किसानों ने कांग्रेस से कुछ मांगा हैं, उन्हें दिया गया है. चाहे कर्ज माफी हो या एमएसपी, कांग्रेस ने हमेशा किसानों के हितों की रक्षा की है और हमेशा ऐसा करती करेगी.” गांधी का बयान ऐसे समय में आया है जब संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने भाजपा नीत केन्द्र सरकार पर फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित किसानों की विभिन्न मांगों को मानने का दबाव बनाने के वास्ते शुक्रवार को ‘भारत बंद’ आहूत किया है.
सरकार रक्षा बजट का एक बड़ा हिस्सा उद्योगपति गौतम अडाणी की जेब में डाल रही है: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर शुक्रवार को निशाना साधते हुए रक्षा बजट का एक बड़ा हिस्सा उद्योगपति गौतम अडाणी की जेब में डालने का आरोप लगाया. अपनी ”भारत जोड़ो न्याय यात्रा” के दौरान रोहतास जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, ”मुझे आपको एक बात बतानी है कि वर्तमान में केंद्र का रक्षा बजट ”जवानों” के कल्याण के लिए नहीं है. सभी रक्षा ठेके केवल अडाणी समूह को जा रहे हैं. वास्तव में केंद्र सरकार रक्षा बजट के धन का एक बड़ा हिस्सा उद्योगपति गौतम अडाणी की जेब में डाल रही है.”
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव और राहुल गांधी ने रोहतास जिले के डेहरी मुफस्सिल थाना अंतर्गत जमुहार से शुक्रवार को ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ को आगे बढ.ाया . तेजस्वी और राहुल एक लाल रंग की खुली जीप में सवार हुए. तेजस्वी जीप चला रहे थे और राहुल बगल की सीट में बैठे थे. जीप में पीछे लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार बैठी हुईं थीं. गांधी ने कहा, ”केंद्र ने सेनाओं के लिए जो कुछ भी खरीदा… हेलीकॉप्टर, सैन्य विमान, तोपें, कारतूस, राइफल और सभी आधुनिक हथियार, अडाणी समूह के स्वामित्व वाली कंपनी से ही खरीदा. आपको हर जगह (सभी रक्षा अनुबंधों में) अडाणी समूह का नाम मिलेगा.”
बिहार में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान राहुल के सारथी बने तेजस्वी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ”भारत जोड़ो न्याय यात्रा” शुक्रवार को बिहार के सासाराम जिले से फिर से शुरू हुई और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव इस यात्रा में शामिल होने के साथ कांग्रेस नेता के सारथी की भूमिका में दिखाई दिए. कांग्रेस सांसद राहुल ने रोहतास जिले के डेहरी मुफस्सिल थाना अंतर्गत जमुहार में रात्रि विश्राम के बाद तेजस्वी के साथ एक लाल खुली जीप में सवार होकर यात्रा की शुरुआत की. तेजस्वी जीप चला रहे थे वहीं कांग्रेस नेता राहुल बगल की सीट में बैठे थे. जीप में पीछे लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार बैठी हुईं थीं. दोनों युवा नेताओं ने सड़क पर एकत्र भीड़ की ओर हाथ हिला कर उनका अभिवादन किया.