कुछ विशेष मामलों पर समझौते हुए: ब्लिंकन ने शी से मुलाकात के बाद कहा

बीजिंग. अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने चीन की अपनी दो दिवसीय यात्रा के अंतिम दिन सोमवार को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की, जिसके बाद शी ने कहा कि दोनों देशों के तनावपूर्ण संबंधों के बीच हुई दोनों नेताओं की इस व्यापक बातचीत में ”कुछ विशेष मामलों” पर समझौता हुआ. शी ने कहा कि चीन के शीर्ष राजनयिक एवं विदेश मामलों के निदेशक वांग यी और विदेश मंत्री छिन कांग ने ब्लिंकन के साथ वार्ताओं को स्पष्ट एवं गहन बताया.

चीन के सरकारी समाचार चैनल ‘सीजीटीएन’ ने शी के हवाले से कहा कि चीनी पक्ष ने अपना रुख स्पष्ट किया और दोनों पक्षों ने ”उस आपसी समझ को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई, जिसपर मैं और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन बाली में पहुंचे थे.” शी ने विस्तार से जानकारी दिए बिना कहा, ”दोनों पक्षों ने कुछ विशेष मामलों पर प्रगति की और एक समझौते पर पहुंचे.”

उन्होंने कहा, ”सरकारों के बीच संवाद हमेशा आपसी सम्मान और ईमानदारी पर आधारित होना चाहिए. मैं उम्मीद करता है कि इस यात्रा के जरिए मंत्री ब्लिंकन चीन और अमेरिका के संबंधों को स्थिर बनाने में सकारात्मक योगदान दे सकेंगे.” यह बैठक होने की संभावना पहले ही जताई जा रही थी और इसे यात्रा की सफलता के लिए अहम समझा जा रहा था. यह बैठक ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ में हुई.

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के पदभार ग्रहण करने के बाद से ब्लिंकन चीन की यात्रा करने वाले सर्वोच्च स्तर के पहले अमेरिकी अधिकारी हैं. वह पिछले पांच वर्ष में बीजिंग की यात्रा करने वाले पहले अमेरिकी विदेश मंत्री हैं. इससे वरिष्ठ अमेरिकी और चीनी अधिकारियों की यात्राओं का नया दौर शुरू होने की संभावना है. ऐसी संभावना है कि इसके बाद आगामी महीनों में शी और बाइडन के बीच भी बैठक हो सकती है.

अमेरिका के एक अधिकारी ने बताया कि इससे पहले, ब्लिंकन ने सोमवार को चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी के साथ करीब तीन घंटे बैठक की. चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ब्लिंकन की यात्रा ऐसे समय में हुई है, जब ”चीन-अमेरिका संबंध एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं और बातचीत या टकराव, सहयोग या संघर्ष के बीच चयन करना आवश्यक है” तथा उसने संबंधों के इस समय ”निम्न स्तर” पर होने के लिए ”चीन को लेकर अमेरिकी पक्ष की गलत धारणा को दोषी” ठहराया, जिसके कारण ”चीन के प्रति गलत नीतियां बनाई” गईं.

उसने कहा कि ”चीन और अमेरिका के संबंधों में गिरावट को रोककर उसे एक स्वस्थ एवं स्थिर स्थिति में लाना” अमेरिका की जिम्मेदारी है. चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, वांग ने ”मांग की कि अमेरिका चीन से खतरे के सिद्धांत को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना बंद करे, चीन के खिलाफ लगाए गए अवैध एकतरफा प्रतिबंध हटाए, प्रौद्योगिकी के स्तर पर चीन के विकास के दमन को बंद करे और चीन के आंतरिक मामलों में मनमाने तरीके से हस्तक्षेप करने से बचे.” ताइवान के मामले पर वांग ने जोर देकर कहा कि अपनी राष्ट्रीय एकता की रक्षा करना चीन के हितों का हमेशा केंद्र रहेगा और ”समझौते के लिए कोई जगह नहीं” होगी.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ब्लिंकन ने ”संवाद के खुले माध्यमों से अमेरिका और चीन के बीच प्रतियोगिता के जिम्मेदाराना तरीके से प्रबंधन की महत्ता को रेखांकित किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह प्रतियोगिता संघर्ष में न बदले.” इससे पहले ब्लिंकन ने रविवार को करीब छह घंटे तक चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी अपने समकक्ष छिन कांग के साथ व्यापक बातचीत की थी.
बैठक में दोनों पक्ष उच्च स्तरीय बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए. हालांकि ऐसे कोई संकेत नहीं मिले कि दोनों देशों के बीच जिन मुद्दों को लेकर विवाद है उनके समाधान की दिशा में कोई प्रगति हुई है.

दोनों पक्षों ने कहा कि छिन ने ब्लिंकन के वाशिंगटन आने के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है. चीन ने साथ ही स्पष्ट किया कि ”चीन-अमेरिका के बीच संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर हैं.” अमेरिकी अधिकारी भी कई बार ये बात कह चुके हैं. बाइडन और शी पिछले साल बाली में एक बैठक में ब्लिंकन के दौरे पर सहमत हुए थे. हालांकि, अमेरिका के हवाई क्षेत्र में चीन का कथित जासूसी गुब्बारा नजर आने के बाद फरवरी में ब्लिंकन ने अपनी चीन की यात्रा रद्द कर दी थी.

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