
बहराइच. उत्तर प्रदेश के बहराइच में रविवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान भड़की हिंसा में मारे गए युवक का अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर भारी पुलिस बल और तनाव के बीच किया गया. जिले में अब भी तनाव बना हुआ है और युवक का परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है.
महसी क्षेत्र से भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”मृतक का अंतिम संस्कार उसके परिवार के सदस्यों ने कर दिया है.” हिंसा के दौरान मारे गए राम गोपाल मिश्रा (22) की मां मुन्नी देवी ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ”मेरा बेटा मर गया है, हमें न्याय चाहिए.” बहराइच की महसी तहसील के मंसूर गांव में रविवार को भड़की हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने छह नामजद और 24 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
हिंसा के दौरान मिश्रा की मौत के बाद पथराव और गोलीबारी में करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए. पुलिस ने करीब 30 लोगों को हिरासत में लिया है. पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि अब तक तीन गिरफ्तारियां की गई हैं. पुलिस ने बताया कि इस मामले में नामजद आरोपियों में से एक सलमान को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी की जा रही है. हालांकि, कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि एहतियात के तौर पर महसी तहसील में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं.
बहराइच में रविवार को हुई हिंसा के बाद सोमवार को तनाव की स्थिति है और लाठियां तथा लोहे की छड़ें लेकर कुछ लोग सड़कों पर घूमते दिखे. कुछ दुकानों और वाहनों में आग भी लगाई गई. हिंसा के विरोध में कई जगहों पर प्रदर्शन हुए और पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए गए. पुलिस बलों ने इलाके में फ्लैग मार्च किया. कुछ दुकानों, घरों और वाहनों में आग लगाए जाने से आसमान में काले धुएं का गुबार उठ रहा था.
विरोध-प्रदर्शनों और बढ़ते तनाव तथा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी के बीच सुरक्षा बलों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में फ्लैग मार्च किया. हालांकि, हिंसक भीड़ ने कुछ दुकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया और कुछ वाहनों को आग के हवाले कर दिया. प्रत्यक्षर्दिशयों के अनुसार, सोमवार सुबह जब राम गोपाल का शव रेहुआ मंसूर गांव पहुंचा तो वहां हजारों की भीड़ एकत्र हो गई थी. लोग शव लेकर महसी तहसील पहुंचे और तहसील के सामने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया.
आसपास के कई गांवों से हजारों की भीड़ वहां जुटी थी. लोग हत्यारे को मुठभेड़ में मार गिराने, उसके घर को गिराने और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे थे. देवीपाटन क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा, “यहां माहौल तनावपूर्ण है, लेकिन हमने पुलिस बल बढ़ाकर फिलहाल इसे नियंत्रण में कर लिया है.” अधिकारियों ने बताया कि गृह सचिव संजीव गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अमिताभ यश स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंच गए हैं. कैमरे में रिकॉर्ड वीडियो के मुताबिक, बहराइच पहुंचते ही अमिताभ यश भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश में जुट गए और इस दौरान उनके हाथ में पिस्तौल भी थी.
बहराइच की पुलिस अधीक्षक (एसपी) वृंदा शुक्ला ने ‘पीटीआई-वीडियो’ को बताया, ”स्थिति सामान्य करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और असामाजिक तत्वों को खदेड़ा जा रहा है.” हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”उत्तर प्रदेश की शांति और सद्भाव को बिगाड़ने की कोई भी साजिश सफल नहीं होगी. दंगाइयों को संरक्षण देने वाले एक बार फिर सक्रिय हो रहे हैं, लेकिन हमें सतर्क और सजग रहना होगा.” उन्होंने हिंदी में किए गए अपने पोस्ट में कहा, ”प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी.” मौर्य ने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी और पीड़ितों को पूरा न्याय मिलेगा. उन्होंने कहा, ”मैं सभी नागरिकों से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील करता हूं.”
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने ‘एक्स’ पर हिंदी में किए गए एक पोस्ट में कहा, ”उत्तर प्रदेश के बहराइच में हिंसा की खबर और प्रशासन की नि्क्रिरयता बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है.” उन्होंने कहा, ”मैं राज्य के मुख्यमंत्री और राज्य प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने, जनता को विश्वास में लेने और हिंसा को रोकने की अपील करती हूं. दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. मेरी जनता से विनम्र अपील है कि कृपया कानून को अपने हाथ में न लें.” इससे पहले दिन में शुक्ला ने कहा कि 25 से 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है और प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास जारी हैं. उन्होंने कहा कि पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
शुक्ला ने कहा, ”सभी अराजक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.” पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सलमान नाम के एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के मुताबिक, उसके घर से गोलियां चलाई गईं. घर पर ही वह एक दुकान चलाता है. उन्होंने कहा कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है.
बहराइच की जिला मजिस्ट्रेट मोनिका रानी ने बताया कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान विवाद हुआ था. उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति को गोली लगने के बाद स्थिति बिगड़ गई और घटना को देखते हुए कई जगहों पर प्रतिमा विसर्जन रोक दिया गया.
महसी से भाजपा विधायक सुरेश्वर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”हम मृतक के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे हैं. चार महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी. मृतक के परिवार के सदस्यों की मांग है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. थाना प्रभारी और पुलिस चौकी के प्रभारी को निलंबित किया जाना चाहिए.” रविवार को हुई हिंसा की शुरुआत देवी दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के लिए निकाली गई शोभा यात्रा के दौरान लाउडस्पीकर से संगीत बजाने को लेकर विवाद के कारण हुई. रेहुआ मंसूर गांव के राम गोपाल मिश्रा शोभा यात्रा में शामिल थे, तभी उन्हें गोली लग गई.
मिश्रा के एक परिजन ने बताया कि उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया. फखरपुर कस्बे और कुछ अन्य जगहों पर शोभा यात्रा रोक दी गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंसा की निंदा की है और प्रशासन को धार्मिक संगठनों से संवाद करने और समय पर प्रतिमा विसर्जन का निर्देश दिया है. उन्होंने पुलिस को विसर्जन स्थलों पर र्किमयों को तैनात करने का भी निर्देश दिया है.
बहराइच हिंसा : लाठियां, लोहे की छड़ें लिए लोग सड़कों पर, दुकानों और वाहनों में लगाई गई आग
बहराइच में रविवार को हुई हिंसा के बाद सोमवार को तनाव की स्थिति है और लाठियां तथा लोहे की छड़ें लिए कुछ लोग सड़कों पर घूमते दिखे. कुछ दुकानों और वाहनों में आग भी लगाई गई. एक दिन पहले यहां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा में 22 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.
पुलिस ने रविवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के गुजरने के दौरान मंसूर गांव के महाराजगंज इलाके में भड़की अशांति के सिलसिले में एक व्यक्ति पर मामला दर्ज किया है और करीब 30 लोगों को हिरासत में लिया है. पथराव और गोलीबारी में करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए. हिंसा के विरोध में कई जगहों पर प्रदर्शन हुए और पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए गए. पुलिस बलों ने इलाके में फ्लैग मार्च किया. कुछ दुकानों, घरों और वाहनों में आग लगने से आसमान में काला धुआं उठ रहा था. अधिकारियों ने बताया कि गृह सचिव संजीव गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अमिताभ यश स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंच गए हैं.
बहराइच की पुलिस अधीक्षक (एसपी) वृंदा शुक्ला ने पीटीआई वीडियो को बताया, ”स्थिति सामान्य करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और असामाजिक तत्वों को खदेड़ा जा रहा है.” हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”उत्तर प्रदेश की शांति और सद्भाव को बिगाड़ने की कोई भी साजिश सफल नहीं होगी. दंगाइयों को संरक्षण देने वाले एक बार फिर सक्रिय हो रहे हैं, लेकिन हमें सतर्क और सजग रहना होगा.” उन्होंने हिंदी में किए गए अपने पोस्ट में कहा ”प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी.” मौर्य ने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी और पीड़ितों को पूरा न्याय मिलेगा. उन्होंने कहा, ”मैं सभी नागरिकों से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील करता हूं.”
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने ‘एक्स’ पर हिंदी में किए गए एक पोस्ट में कहा ”उत्तर प्रदेश के बहराइच में हिंसा की खबर और प्रशासन की नि्क्रिरयता बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है.” उन्होंने कहा, ”मैं राज्य के मुख्यमंत्री और राज्य प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने, जनता को विश्वास में लेने और हिंसा को रोकने की अपील करती हूं. दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. मेरी जनता से विनम्र अपील है कि कृपया कानून को अपने हाथ में न लें.” इससे पहले, दिन में शुक्ला ने कहा कि 25 से 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है और प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास जारी हैं. उन्होंने कहा कि पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है.



