बांग्लादेश ने दक्षेस में नई जान फूंकने में भारत का समर्थन मांगा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 17 Feb 2025 08:14 PM
बांग्लादेश ने दक्षेस में नई जान फूंकने में भारत का समर्थन मांगा
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ढाका/नयी दिल्ली. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन ने मस्कट में एक बहुपक्षीय सम्मेलन के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक में दक्षेस को पुनर्जीवित करने के लिए भारत से समर्थन मांगा है.

रविवार को मस्कट, ओमान में 8वें हिंद महासागर सम्मेलन (आईओसी) के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ”हुसैन ने 1996 में हस्ताक्षरित गंगा जल संधि के नवीनीकरण के लिए चर्चा शुरू करने की मांग की और दक्षेस स्थायी समिति की बैठक बुलाने की आवश्यकता पर जोर दिया तथा इस मामले में नई दिल्ली से समर्थन का अनुरोध किया.”

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की नई अंतरिम सरकार दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस या सार्क) के पुनरुद्धार पर जोर दे रही है, जिसे भारत-पाकिस्तान संघर्ष के कारण लंबे समय से निलंबित कर दिया गया है. बैठक के बाद ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जयशंकर ने दक्षेस का उल्लेख नहीं किया.

जयशंकर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन से मुलाकात की. बातचीत हमारे द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ बिम्सटेक पर भी केंद्रित थी.” इस साल 2 से 4 अप्रैल तक बैंकॉक में होने वाले छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के बाद बांग्लादेश थाईलैंड की जगह अध्यक्ष बन जाएगा.

बयान में कहा गया, ”दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के संदर्भ में दोनों पड़ोसियों के सामने आने वाली चुनौतियों को पहचाने और उनसे निपटने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता पर चर्चा की.” पिछले साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर मुलाकात के बाद दोनों विदेश मंत्रियों की यह दूसरी भेंट थी. इससे एक महीने पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को हिंसक छात्र आंदोलन के बाद पद छोड़ना पड़ा था और यूनुस ने सत्ता संभाली थी.

हसीना के अपदस्थ होने के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच घनिष्ठ संबंध गंभीर तनाव में आ गए थे. हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं में वृद्धि हुई थी, साथ ही बांग्लादेश में मंदिरों पर हमले भी हुए थे, जिससे नई दिल्ली में गहरी चिंताएं पैदा हुई थीं.

बांग्लादेश और भारत के बीच 4,000 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सीमा है, वहां भी छिटपुट अशांति भी देखने को मिली है. दोनों देशों के सीमा बलों के प्रमुख इस हफ़्ते नई दिल्ली में वार्षिक सम्मेलन में मिलने वाले हैं. बयान में कहा गया है, ”दोनों पक्षों ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों के महानिदेशकों के स्तर पर बैठक 18-20 फ.रवरी, 2025 को नई दिल्ली में होने वाली है.” बयान में कहा गया है कि बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार और भारतीय विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई कि बैठक के दौरान सीमा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और उनका समाधान निकाला जाएगा.

बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा; बीएसएफ के साथ बातचीत कल से शुरू होगी

बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए सोमवार को नयी दिल्ली पहुंचा. अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्ष भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने और बांग्लादेश के अराजक तत्वों द्वारा बीएसएफ जवानों ए­वं भारतीय नागरिकों पर हमले जैसे मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. बीजीबी बांग्लादेश की सीमा की सुरक्षा का जिम्मा संभालता है.

अधिकारियों के मुताबिक, बीएसएफ और बीजीबी के बीच 55वां महानिदेशक स्तरीय सीमा समन्वय सम्मेलन 17 से 20 फरवरी के बीच लोधी रोड स्थित बीएसएफ मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा. उन्होंने बताया कि दोनों बलों के बीच द्विपक्षीय वार्ता मंगलवार को होगी.

अधिकारियों के अनुसार, बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल विमान से भारत पहुंचा और इसमें शामिल सदस्य 20 फरवरी तक यहां रहेंगे. उन्होंने बताया कि द्विवार्षिक वार्ता में हिस्सा लेने के अलावा वे केंद्रीय गृह मंत्रालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात भी कर सकते हैं. यह वार्ता पिछले साल अगस्त में बांग्लादेश में शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद बीएसएफ और बीजीबी के बीच पहली उच्च स्तरीय बैठक होगी.

अधिकारियों के मुताबिक, वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बीएसएफ महानिदेशक (डीजी) दलजीत सिंह चौधरी करेंगे, जबकि बांग्लादेशी टीम की कमान बीजीबी महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अशरफज्जमां सिद्दीकी संभालेंगे. बीएसएफ ने पिछले हफ्ते एक बयान में कहा था कि यह सम्मेलन सीमा संबंधी मुद्दों पर चर्चा करने और दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों के बीच समन्वय में सुधार लाने के लिए आयोजित किया जा रहा है.

बयान में कहा गया था कि सम्मेलन में बीएसएफ जवानों और भारतीय नागरिकों पर बांग्लादेश के अराजक तत्वों/नागरिकों की ओर से किए जाने वाले हमलों की रोकथाम, सीमा पार से होने वाले अपराधों को रोकने के तरीके, बाड़ लगाने, बांग्लादेश में भारतीय विद्रोही समूहों के खिलाफ कार्रवाई, सीमा पर बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे, समन्वित सीमा प्रबंधन योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए संयुक्त प्रयास, विश्वास बहाली के उपाय और अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. इस द्विपक्षीय वार्ता का पिछला संस्करण मार्च 2024 में ढाका में आयोजित किया गया था.

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