केजरीवाल के समर्थन में ‘पीड़ित होने का हौवा’ खड़ा करने वालों की भाजपा ने की आलोचना

नयी दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के समर्थन में आम आदमी पार्टी पर’पीड़ित होने का हौवा’ खड़ा करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि उन्हें जेल भेजने का यहां की एक अदालत का आदेश ‘ठोस’ सबूतों पर आधारित है.

इससे पहले विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा की अदालत ने आप प्रमुख को 15 अप्रैल तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया. अब रद्द हो चुकी आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में उनकी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत खत्म हो गई थी. भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि मामले में दिल्ली सरकार की स्थिति लगातार स्पष्ट होती जा रही है.

केजरीवाल और जेल में बंद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समर्थन में दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित रैली के लिए विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पर निशाना साधते हुए त्रिवेदी ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता खुद वहां एकत्र हुए थे जो भ्रष्टाचार के मामलों का सामना कर रहे थे.

भाजपा प्रवक्ता शाजिया इल्मी के साथ संयुक्त रूप से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ”मैं पीड़ित का मुद्दा उठाने का प्रयास करने वालों को ध्यान दिलाना चाहूंगा कि अदालत का आदेश आज ठोस सबूतों पर आधारित है.” शाजिया पहले आप में थीं लेकिन मुख्यमंत्री के साथ मतभेदों के बाद 2015 में भाजपा में शामिल हो गईं. उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक नेताओं को केजरीवाल ने कभी ‘चोर’ कहा था, वे रामलीला मैदान रैली में उनका बचाव करने उतरे थे.

उन्होंने कहा कि 2011 में केजरीवाल 320 घंटे भूख हड़ताल पर बैठे थे और भ्रष्टाचार के सबूत के तौर पर कागजात लहरा रहे थे. इल्मी ने कहा कि जिन्हें उन्होंने चोर कहा था, वे अब रामलीला रैली में उनका बचाव कर रहे हैं. त्रिवेदी और शाजिया ने दावा किया कि आबकारी नीति मामले में एक बयान में केजरीवाल ने कहा है कि आप से जुड़े रहे और अब गिरफ्तार किए जा चुके विजय नायर मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करते थे, उन्हें नहीं.

शाजिया ने दावा किया कि उन्हें और योगेंद्र यादव तथा प्रशांत भूषण सहित पार्टी के उनके कई पूर्व सहयोगियों को पार्टी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया. उन्होंने कहा कि केजरीवाल के ‘नए दोस्तों’ आतिशी और भारद्वाज की किस्मत का फैसला भी जल्द स्पष्ट होगा.

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