छत्तीसगढ़ में भी कर्नाटक जैसा होगा भाजपा का हश्र : भूपेश बघेल

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को कहा कि केन्द्रीय नेतृत्व के भरोसे कर्नाटक विधानसभा चुनाव लड़ने वाली भाजपा का हश्र छत्तीसगढ़ में भी कर्नाटक जैसा ही होगा. छत्तीसगढ़ में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं.
रायपुर में संवाददाताओं से बातचीत में बघेल ने भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि उनकी पार्टी उन्हें गंभीरता से नहीं लेती है.

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ के प्रस्तावित दौरे के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शाह के राज्य के दौरे के बारे में पता चला है और चूंकि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में इस तरह के दौरे तो होंगे ही.
मुख्यमंत्री ने कहा, ”वे (भाजपा नेता) चार महीने अभी छत्तीसगढ़ घूमेंगे. जो बदला हुआ छत्तीसगढ़ है उसको देखेंगे. इन साढ़े चार साल में हमने जो काम किया है किसानों, मजदूरों, गरीबों, आदिवासियों और महिलाओं के हित में उसे देखेंगे.”

बघेल ने कहा, ”उन्होंने (भाजपा ने) केन्द्रीय नेतृत्व के सहारे कर्नाटक में चुनाव लड़के देख लिया है. वहां क्या हश्र हुआ है, बस यही होगा.” उन्होंने हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित छत्तीसगढ़ी फिल्म अभिनेता अनुज शर्मा समेत कई लोगों के भाजपा में शामिल होने को “आई वॉश” करार दिया.
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, ”नड्डा जी को भारतीय जनता पार्टी गंभीरता से नहीं लेती है. आपने देखा था केन्द्रीय कार्यालय में किस प्रकार से अमित शाह जी उन्हें धक्का देकर पीछे हाथ पकड़ कर खींच रहे हैं. नड्डा जी को कोई गंभीरता से नहीं लेता है और उनके बयान को हम लोग भी गंभीरता से नहीं लेते हैं. जब से वह अध्यक्ष बने हैं, अपनी पार्टी को अपने ही राज्य (हिमाचल प्रदेश) में हरा दिया और अब तो कर्नाटक भी हार गए. नड्डा जी को चुना किसने (पार्टी अध्यक्ष के रूप में) यह आज तक पता नहीं चला. यह उनका दूसरा कार्यकाल है, फिर उन्हें कौन गंभीरता से ले रहा है.”

उन्होंने कहा, ”जहां तक राहुल जी की बात है तो वह नफरत की बाजार में मोहब्बत का दुकान खोले हुए हैं. वह जहां जाते हैं प्यार की बात करते हैं. मोहब्बत की बात करते हैं. जोड़ने की बात करते हैं. बगैर झगड़े के भारतीय जनता पार्टी का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा. जब तक समाज के लोगों को नहीं लड़ाएंगे तब तक उनका स्वार्थ सिद्धि नहीं हो सकती.”

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