तेल अवीव/हेग. इजराइल की सेना ने शुक्रवार को कहा कि पिछले साल सात अक्टूबर को मारे गए तीन और बंधकों के शव रात को गाजा से बरामद किए गए. उधर संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत ने इस बारे में नियम बनाने की तैयारी कर ली है कि क्या इजराइल को अपने सैन्य अभियानों को बंद करना चाहिए. सेना ने बताया कि हनान याब्लोंका, मिशेल निसेनबॉम और ओरियन हर्नांदेज के शव मिल गए हैं और उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है.
सेना के मुताबिक, हमास द्वारा मेफालिज्म चौराहे पर किए गए एक हमले में तीनों मारे गए थे और उनके शव गाजा ले जाए गए थे.
सेना ने करीब एक हफ्ते पहले ही कहा था कि उसे सात अक्टूबर को मारे गए तीन अन्य इजराइली बंधकों के शव मिले हैं. हमास चरमपंथियों ने सात अक्टूबर को इजराइल पर हमला कर दिया था, जिसमें करीब 1,200 लोग मारे गए थे. इनमें अधिकतर आम नागरिक थे. हमास ने करीब 250 लोगों को बंधक बना लिया था. तब से अब तक करीब आधे बंधकों को छोड़ा जा चुका है, जिनमें से अधिकतर को इजराइल द्वारा कैद में डाले गए फलस्तीनियों को नवंबर में सप्ताह भर चले संघर्ष विराम के दौरान रिहा किये जाने के बदले छोड़ा गया.
इजराइल का दावा है कि गाजा में अब भी करीब 100 लोगों को बंधक बनाकर रखा गया है. उसने 30 और बंधकों के मारे जाने का दावा भी किया है. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को खत्म करने और सभी बंधकों को वापस लाने का संकल्प लिया है, लेकिन उन्हें फिलहाल बहुत कम सफलता मिली है. उन पर इस्तीफा देने का दबाव है और अमेरिका ने गाजा में मानवीय स्थिति को देखते हुए इजराइल को दिये जा रहे समर्थन में कटौती करने की धमकी दी है. नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि अपहृत नागरिकों, मारे गए लोगों और जीवित लोगों, सभी को वापस लाने की जिम्मेदारी देश की है.
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने इजराइल को रफह में सैन्य अभियान रोकने का आदेश दिया
संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष अदालत ने इजराइल को गाजा के दक्षिण स्थित शहर रफह में अपने सैन्य अभियान रोकने का आदेश दिया है. इजराइल का कहना है कि उसे हमास के आतंकवादियों से खुद की रक्षा करने का अधिकार है और उसके द्वारा इस फैसले का पालन करने की संभावना नहीं है. अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के इस आदेश से गाजा में हमास के खिलाफ युद्ध को रोकने के लिए इजराइल पर वैश्विक दबाव और बढ. गया है. गाजा में अपने सैन्य अभियान को लेकर इजराइल पहले ही अलग-थलग पड़ते जा रहा है.
आईसीजे के शुक्रवार के फैसले के साथ इस साल 15 न्यायाधीशों की पीठ ने तीसरी बार गाजा में हताहतों की संख्या घटाने और मानवीय पीड़ा को कम करने के लिए प्रारंभिक आदेश जारी किए हैं. आदेश कानूनी रूप से बाध्यकारी हैं, लेकिन उन्हें लागू करने के लिए अदालत के पास कोई शक्ति नहीं है.