इंदौर. प्रशिक्षण के कड़े मानसिक और शारीरिक पैमानों पर खरी उतरते हुए उप निरीक्षक सुमन कुमारी ”भारत की प्रथम रक्षा पंक्ति” कहे जाने वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की पहली महिला स्नाइपर (दुश्मन पर छिपकर निशाना लगाने वाला सैनिक) बन गई हैं. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी.
यह संयोग है कि सुमन ने आठ मार्च को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से चंद रोज पहले बीएसएफ की पहली महिला स्नाइपर बनने का गौरव हासिल किया है. बीएसएफ के इंदौर स्थित केंद्रीय आयुध और युद्ध कौशल विद्यालय (सीएसडब्ल्यूटी) ने सोशल मीडिया मंच “एक्स” पर लिखा,”बीएसएफ वास्तव में एक समावेशी बल बन रहा है जहां महिलाएं हर जगह लम्बे डग भर रही हैं. इस दिशा में एक कदम के तौर पर कड़े प्रशिक्षण के बाद बीएसएफ को पहली महिला स्नाइपर मिल गई है.” अधिकारियों ने बताया कि मूलत: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से ताल्लुक रखने वाली सुमन (28) बीएसएफ में तीन साल पहले भर्ती हुई थीं और उन्होंने खुद आगे बढ़कर स्नाइपर प्रशिक्षण लेने की इच्छा जताई थी.
उन्होंने बताया कि सुमन, बीएसएफ के सीएसडब्ल्यूटी में आठ हफ्ते का प्रशिक्षण हासिल करने वाले 57 र्किमयों में शामिल थीं.
अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में खत्म हुए इस कड़े प्रशिक्षण को सुमन ने ”इंस्ट्रक्टर” ग्रेड के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया है यानी आवश्यकता पड़ने पर वह बीएसएफ के अन्य र्किमयों को स्नाइपर प्रशिक्षण देने वाले इंस्ट्रक्टर के तौर पर भी काम कर सकती हैं.
उन्होंने बताया कि सुमन शारीरिक प्रशिक्षण और बिना हथियारों से लड़ने का प्रशिक्षण पहले ही ले चुकी हैं. अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ की इस महिला उप निरीक्षक के पिता इलेक्ट्रीशियन और माता गृहिणी हैं. अधिकारियों के मुताबिक कोई प्रशिक्षित स्नाइपर स्थानीय वातावरण के मुताबिक खुद को ढालने और दुश्मन से छिपकर निशाना लगाने में दक्ष में होता है.