जम्मू. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह ने लद्दाख के लेह शहर में हुई हिंसा पर बृहस्पतिवार को चिंता व्यक्त की और केंद्र से आंदोलनकारी युवाओं की संवैधानिक सुरक्षा उपायों सहित उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने वाली मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया. अंतिम डोगरा शासक के पुत्र सिंह ने लद्दाख के लोगों से शांत रहने और अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त करने की भी अपील की.
सिंह ने यहां एक बयान में कहा, ”लद्दाख में हाल ही में हुई अशांति जिसके परिणामस्वरूप चार लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए, को लेकर मैं बेहद व्यथित हूं. 1947 से ही लद्दाख के लोग पूरी तरह से भारत समर्थक रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर हमेशा सुरक्षा बलों की मदद की है.” उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है लद्दाख के युवा इस बात से बहुत नाराज हैं कि उनके रोजगार के अवसर खत्म होते जा रहे हैं.
सिंह ने कहा, ”एक बात तो यह है कि अब उनके पास लोक सेवा आयोग नहीं है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अखिल भारतीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है. संविधान की छठी अनुसूची जैसी व्यवस्था में शामिल किया जाना एक अत्यंत व्यावहारिक और उचित समाधान प्रतीत होता है.” सिंह ने अधिकारियों से अपील की कि वे युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करें और यह देखें की संवैधानिक संरक्षण समेत उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा सकते हैं.