रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर आज, 2 नवंबर को भी नवा रायपुर के सेंध लेक के ऊपर सेना के सारंग हेलिकॉप्टर रोमांचक उड़ान भरेंगे। सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे तक हवाई प्रदर्शन देखने को मिलेगा। स्थानीय प्रशासन ने दर्शकों से समय से पहले पहुंचने और प्रशासन व आयोजकों के निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया है।
रविवार को सीएम साय ने देखी फुल ड्रेस रिहर्सल
रविवार को नवा रायपुर का आसमान भारतीय वायु सेना के शौर्य, साहस, अनुशासन और उड़ान कौशल का साक्षी बना। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सेंध लेक में आयोजित वायु सेना की सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम की फुल ड्रेस रिहर्सल में शामिल हुए। इस दौरान आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम के जवानों ने अपने करतबों से उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया। आसमान में तिरंगे की छटा, हेलिकॉप्टरों की फॉर्मेशन और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज से माहौल देशभक्ति से भर गया।
“सारंग का अर्थ मोर”: सीएम साय
मुख्यमंत्री ने जवानों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि राज्य स्थापना दिवस पर वायु सेना की प्रतिष्ठित सारंग टीम का आयोजन सभी के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि जवानों का साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और सटीक समन्वय हर नागरिक, खासकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।
सीएम साय ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ हवाई करतबों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि वायु सेना की क्षमता, कठिन प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का जीवंत परिचय है। उन्होंने बताया कि सारंग का अर्थ मोर होता है। जिस तरह मोर देश की पहचान और सुंदरता का प्रतीक है, उसी तरह सारंग टीम वायु सेना की गरिमा, कौशल और अनुशासन का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई भी दी।
आकाशगंगा टीम ने दिखाया साहस
हवाई प्रदर्शन की शुरुआत वायु सेना की आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने की। खुले आसमान से छलांग लगाते हुए जवानों ने पैराशूट को नियंत्रित कर संतुलन और सटीकता दिखाई और सेंध लेक के सामने निर्धारित स्थान पर सटीक लैंडिंग की। सफल लैंडिंग के बाद पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा। इस प्रस्तुति में जवानों की शारीरिक दक्षता, मानसिक दृढ़ता और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की झलक दिखी।
गरुड़ कमांडोज ने दिखाया विशेष ऑपरेशन का कौशल
आकाशगंगा टीम के बाद गरुड़ कमांडोज ने एमआई-17 हेलिकॉप्टर से स्लिदरिंग का प्रदर्शन किया। हवा में स्थिर हेलिकॉप्टर से रस्सियों के सहारे उतरते हुए जवानों ने चुनौतीपूर्ण हालात में निर्धारित स्थान तक पहुंचने की दक्षता दिखाई।
हेलिकॉप्टर से उतरने के बाद कमांडोज ने सेंध लेक के सामने रेस्क्यू और कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रदर्शन किया और मंच को सलामी दी। इस प्रस्तुति से वायु सेना के विशेष बलों की त्वरित कार्रवाई और कठिन परिस्थितियों में मिशन पूरा करने की क्षमता सामने आई।