मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की दी बधाई

‘हर घर आंगन योग‘ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं: भूपेश बघेल

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को आठवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दी हैं. योग दिवस की पूर्व संध्या पर आज यहां जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि योग मूल रूप से शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करने की एक प्रक्रिया है. इससे शारीरिक शक्ति के साथ हमें सकारात्मकता और आंतरिक भावनात्मक मजबूती भी मिलती है. वास्तव में योग स्वस्थ, तनावमुक्त और अनुशासित जीवन जीने की एक शैली है.

बघेल ने कहा है कि योग को निरोग रहने का उत्तम साधन माना गया है. यह भारत की प्राचीन परंपरा है. हमारे ऋषि-मुनियों ने इसके महत्व को बहुत पहले से ही जान लिया था. अब पूरा विश्व योग का महत्व समझ रहा है. हर साल 21 जून को पूरा विश्व योग दिवस मनाता है. इस वर्ष की ‘वसुधैव कुटुंम्बकंब‘ के सिद्धांत पर आधारित ‘एक विश्व एक स्वास्थ्य‘ थीम रखी गयी है. सभी लोग अपने स्वास्थ्य के लिए योग करें.

बघेल ने सभी नागरिकों से योग को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा है कि कहा है कि शारीरिक ऊर्जा, स्वास्थ्य और प्रतिरोधक क्षमता के विकास पर योग का काफी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है. इसे नियमित रूप से अपनी दिनचर्या में शामिल करें. ‘हर घर आंगन योग‘ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं. योग से जीवन में सकारात्मकता आएगी. तन और मन दोनो स्वस्थ्य रखकर हम ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़‘ के साथ ‘गढ़बो स्वस्थ्य छत्तीसगढ़‘ के सपने को तेजी से साकार कर सकते हैं. स्वस्थ्य रहें और लोगों को स्वस्थ जीवन शैली के लिए प्रेरित करें.

गुजराती स्कूल में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में 1500 लोग हिस्सा लेंगे

छत्तीसगढ. की राजधानी रायपुर में संचालित भारतीय योग संस्थान लोगों को नि:शुल्क योग का प्रशिक्षण देता है और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उसने बुधवार को विशेष योग सत्र का आयोजन किया है जिसमें 1500 लोग हिस्सा लेंगे. संस्थान ने बताया कि उसने योग के माध्यम से अवसाद से घिरे लोगों को भी नई जिंदगी दी है. ऐसे ही लोगों में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान अवसाद में आईं जयंती चंद्रा (24) भी शामिल हैं.

चंद्रा ने बताया कि अवसाद से बाहर निकलने में योग ने उनकी बहुत मदद की. वह अब योग प्रशिक्षिका के रूप में अन्य लोगों की मदद कर रही हैं. चंद्रा ने बताया, ”मैं पिछले तीन वर्षों से संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी कर रही हूं. मैं पढ.ाई में इतना मशगूल हो गई कि अपने घर के एक कमरे में ही सिमट गई. मैंने दूसरों से बात करना बंद कर दिया और धीरे-धीरे अवसाद में घिर गई.” चंद्रा ने बताया कि उनके परिजनों और दोस्तों ने उन्हें रायपुर के आनंद नगर इलाके में स्थापित भारतीय योग संस्थान की जानकारी दी और वह इसमें शामिल हो गई.

चंद्रा कहती हैं, ”योग अभ्यास ने मुझे पूरी तरह से बदल दिया और इसने मुझे अपना आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण हासिल करने में मदद की.” उन्होंने बताया, ”एक महीने के प्रशिक्षण के बाद, मैं केंद्र में प्रशिक्षक बन गई. सिविल सेवाओं के लिए मेरी तैयारी भी जोरों पर चल रही है. विश्वास है कि इस बार इस प्रतियोगी परीक्षा में सफल होउंगी.” संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि संस्थान के रायपुर में 52 सहित लगभग 125 केंद्र हैं. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बुधवार को राजधानी के गुजराती स्कूल में एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की जा रही है.

भारतीय योग संस्थान की योग शिक्षिका रेखा बजाज ने बताया कि संगठन देश और विदेश में मुफ्त योग प्रशिक्षण प्रदान करता है तथा प्रशिक्षुओं को दूसरों को भी मुफ्त में प्रशिक्षित करने के लिए प्रेरित करता है. बजाज ने बताया कि बुधवार को रायपुर के गुजराती स्कूल में योग कार्यक्रम होगा, जिसमें लगभग 1500 लोग हिस्सा लेंगे. उन्होंने बताया कि संस्थान रायपुर में अपने सभी 52 केंद्रों में वर्ष भर दिन में तीन बार योग प्रशिक्षण प्रदान करता है. उन्होंने बताया कि संस्थान में योग के माध्यम से कई अन्य युवाओं ने चंद्रा की तरह अवसाद को हराया है. संस्थान में आने वाले लोग योग के माध्यम से तनाव से मुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य, वजन घटाने और गुणवत्तापूर्ण नींद का प्रशिक्षण ले रहे हैं.

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