चंडीगढ. दिल्ली के मुख्यमंत्री और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि एक आम आदमी चाहता है कि उसके बच्चों को अच्छी तालीम मिले और शिक्षा से देश की गरीबी दूर हो सकती है. केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ लुधियाना के इंद्रापुरी में ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ का उद्घाटन करने के बाद यह बात कही.
लुधियाना के स्कूल के बारे में केजरीवाल ने कहा, “जब हम स्कूल में प्रवेश करते हैं, तो विश्वास ही नहीं होता कि यह सरकारी स्कूल है. जिस तरह की कक्षाएं, प्रयोगशालाएं और अन्य सुविधाएं हैं, मैं चुनौती के साथ कह सकता हूं कि अगर किसी ने निजी क्षेत्र में ऐसा स्कूल बनाया होता, तो कम से कम 10,000 रुपये प्रति माह फीस तय की होती.” उन्होंने कहा कि अब मजदूरों, गरीबों, किसानों, बिजली मि्त्रिरयों, प्लंबरों और अन्य लोगों के बच्चों को ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ में आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी.
केजरीवाल ने कहा, “मैं नियमित रूप से पंजाब का दौरा करता रहता हूं. दो मुख्यमंत्री (मान और केजरीवाल) पंजाब का दौरा कर रहे हैं और सरकारी स्कूलों का दौरा कर रहे हैं. क्या पहले किसी मुख्यमंत्री ने इस बात की परवाह की थी कि सरकारी स्कूल ठीक से चल रहे हैं या नहीं. अब, दो मुख्यमंत्री अस्पतालों और मोहल्ला क्लीनिकों का दौरा करके देख रहे हैं कि चीजें कैसे काम कर रही हैं.” केजरीवाल ने कहा कि एक आम आदमी यही चाहता है कि उसके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और वे अपने पैरों पर खड़े हों.
उन्होंने कहा, “केवल एक चीज है, जिससे हम अपने देश की गरीबी दूर कर सकते हैं और वह है शिक्षा. अगर हम अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देते हैं, तो वे अच्छे व योग्य नागरिक बन सकते हैं और देश को प्रगति के पथ पर ले जा सकते हैं.” इस अवसर पर मान ने कहा, ह्लआम आदमी पार्टी विकास की राजनीति करती है, न कि नफरत या जाति की राजनीति. हम अच्छे स्कूल, अच्छे अस्पताल बनाने, मुफ्त बिजली देने और बुनियादी ढांचे के निर्माण की बात करते हैं.” स्कूल के बारे में बात करते हुए मान ने कहा, ”काश हमारे समय में ऐसी सुविधाएं होतीं.” उन्होंने कहा, “कई अभिभावकों ने मुझे बताया कि निजी स्कूलों में बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, जबकि दाखिला लेने के बाद कुछ नहीं मिलता.”