दंड प्रक्रिया शिनाख्त विधेयक कानून के हिसाब से जीने वालों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए : शाह

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 04 Apr 2022 10:13 PM
दंड प्रक्रिया शिनाख्त विधेयक कानून के हिसाब से जीने वालों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए : शाह
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नयी दिल्ली. दंड प्रक्रिया (शिनाख्त) विधेयक पर विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि यह विधेयक किसी डेटा के दुरुपयोग की मंशा से नहीं, बल्कि कानून के हिसाब से जीने वाले लोगों के अधिकारों की सुरक्षा करने एवं अपराधियों को दंडित करके कड़ा संदेश देने के लिए लाया गया है.

शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार का मानना है कि ‘‘अपराध की जांच थर्ड डिग्री के आधार पर नहीं बल्कि तकनीक एवं सूचना के आधार पर हो, ऐसे में थर्ड डिग्री से निजात दिलाने के लिए यह विधेयक लाया गया है.’’ लोकसभा में ‘दंड प्रक्रिया (शिनाख्त) विधेयक, 2022’ पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने कहा, ‘‘

यह विधेयक किसी भी डेटा के दुरुपयोग के लिए नहीं लाया गया है. यह व्यवस्था स्थापित करने के लिए लाया गया है. समय के अनुकूल बदलाव का उपयोग दोषसिद्धि के लिए किया जाए, इसके लिए विधेयक लाया गया है.’’ कुछ विपक्षी सदस्यों द्वारा मानवाधिकारों का विषय उठाये जाने जाने का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि उनके भी मानवाधिकार हैं, जो अपराधियों से पीड़ित हैं, जिन बच्चियों से बलात्कार हुआ है, जिनकी गाढ़ी मेहनत की कमाई कोई लूट लेता है, उनके भी मानवाधिकारों की चिंता पहले करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि यह नरेंद्र मोदी सरकार है, जो कानून के हिसाब से जीने वाले लोगों के अधिकार की चिंता करती है. उन्होंने कहा कि ‘‘एक ही चश्मे से मानवाधिकारों के विषय को नहीं देखा जाए.’’ शाह ने कहा, ‘‘ यह विधेयक कानून का पालन करने वाले देश के करोड़ों लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए लाया गया है. इसका कोई दूसरा अर्थ निकालने का प्रयास नहीं किया जाए.’’ उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश में दोष सिद्धि को बढ़ाने और अपराधों को सीमित करने तथा गुनाहगारों के दंडित करके सख्त संदेश देने के एक मात्र उद्देश्य से लाया गया है.

उन्होंने कहा कि कुछ सदस्यों ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ इसके प्रावधानों का दुरुपयोग किये जाने की आशंका जतायी जबकि इसमें कहीं ‘अल्पसंख्यक’ शब्द ही नहीं है. उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों को अपने देखने का चश्मा बदलना होगा. मंत्री के जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से ‘दंड प्रक्रिया (शिनाख्त) विधेयक, 2022’ को मंजूरी प्रदान कर दी.

गृह मंत्री ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के वर्ष 2020 के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में हत्या के मामलों में दोषसिद्धि सिर्फ 44 प्रतिशत, बलात्कार के मामलों में दोषसिद्धि 39 प्रतिशत, हत्या के प्रयास के मामले में 24 प्रतिशत रही. उन्होंने कहा कि जबकि ब्रिटेन, कनाडा, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका और आॅस्ट्रेलिया जैसे देशों में दोषसिद्धि की दर उच्च है. उन्होंने कहा कि अपराध का स्वरूप और अपराधियों के तौर-तरीके बदल गए हैं, ऐसे में पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस करने की जरूरत है. शाह ने कहा कि हम अगली पीढ़ी के अपराधों से पुरानी तकनीक के माध्यम से नहीं निपट सकते हैं, ऐसे में इस विधेयक को समग्रता से देखने की जरूरत है.

गृह मंत्री ने कहा कि हम भारतीय दंड संहिता, अपराध दंड प्रक्रिया संहिता, साक्ष्य अधिनियम में सुधार की बड़ी कवायद में लगे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘इस बारे में मैंने सांसदों तथा राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है.’’ उन्होंने कहा कि इस बारे में केंद्रीय गृह सचिव ने न्यायालयों, राज्यों के गृह सचिवों, विधि विश्वविद्यालयों को भी पत्र लिखा है. सभी के सुझाव आ रहे हैं और इसके आधार पर जब इस बारे में सुधार लाया जायेगा तब संसद की स्थायी समिति या गृह मंत्रालय से जुड़ी परामर्श समिति को चर्चा के लिये भेजा जायेगा. शाह ने डेटा चोरी होने संबंधी कुछ सदस्यों की आशंकाओं को खारिज करते हुए पिछले ढाई साल में गृह मंत्रालय के उठाये अनेक कदम गिनाए और दावा किया कि इनमें से एक में भी किसी भी अदालत में डेटा के लीकेज और दुरुपयोग का एक भी मामला सामने नहीं आया है.

उन्होंने कहा कि हमने देशभर की पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 2080 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं. गृह मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (नैफिस) के पास एक करोड़ से ज्यादा फिंगरप्रिंट हैं, यह अभी प्रायोगिक आधार पर चल रहा है तथा इसके आंकड़े एनसीआरबी में हैं. उन्होंने कहा कि इसमें किसी कानून प्रवर्तन एजेंसी का एकतरफा हस्तक्षेप नहीं है. उन्होंने कहा कि इस कानून पर बिना आधार के आशंका खड़ा करना अनुचित है. उन्होंने ‘पोटा’ कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देशहित में था और इसे संप्रग सरकार में तुष्टीकरण के कारण से रद्द किया गया. शाह ने कहा, ‘‘ हम वोट बैंक की राजनीति नहीं करते. हम देश को सुरक्षित करने, आगे बढ़ाने के लिए राजनीति में आए हैं.’’

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