नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्रीय बजट की आलोचना करने पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर बुधवार को निशाना साधा तथा कहा कि इससे उनकी राजनीतिक हताशा एवं उन पिछड़े राज्यों के प्रति उनकी नकारात्मक सोच का पता चलता है जिन्हें विकास के लिए विशेष ध्यान देने और सहायता की आवश्यकता है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मंगलवार को आंध्र प्रदेश और बिहार के लिए बजट की कई घोषणाएं किए जाने के बाद कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के घटक दलों ने सरकार पर विपक्ष शासित राज्यों के प्रति ‘भेदभावपूर्ण’ बजट पेश करने का आरोप लगाया था.
बिहार और आंध्र प्रदेश में क्रमश: सत्ता में काबिज जनता दल (यूनाइटेड) और तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) केंद्र में भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के प्रमुख घटक हैं. भाजपा के राज्यसभा सदस्य जीवीएल नरसिम्हा राव ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के बजट का सभी ने स्वागत किया है, लेकिन विपक्षी दल इसके खिलाफ ‘अपरिपक्व और नकारात्मक प्रतिक्रिया’ दे रहे हैं.
उन्होंने भाजपा मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, ”पूरा देश इसको प्रगतिशील, जन समर्थक, गरीब समर्थक, किसान समर्थक और रोजगार समर्थक बजट के रूप में देखता है. यह एक ऐसा बजट है जिसने वास्तव में ‘विकसित भारत’ के लिए एक दृष्टिकोण पेश किया है.” राव ने कहा कि 48 लाख करोड़ रुपये से अधिक के समग्र बजटीय व्यय के साथ केंद्रीय बजट 2024-25 ने समाज के हर वर्ग और देश के हर राज्य पर अपना ध्यान केंद्रित किया है. उन्होंने कहा कि पिछड़े राज्यों, विशेष रूप से पूर्वी क्षेत्र को उनके विकास के लिए विशेष ध्यान दिया गया है.
वित्त मंत्री द्वारा बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए की गई बजटीय घोषणाओं का परोक्ष संदर्भ देते हुए राव ने कहा कि लेकिन विकास संबंधी जरूरतों और लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ राज्यों को कुछ आवंटन किए गए हैं. उन्होंने कहा, ”इसलिए इस पृष्ठभूमि को देखते हुए कांग्रेस और इंडिया गठबंधन का बजट का विरोध उनकी राजनीतिक हताशा को दिखाता है. यह कुछ पिछड़े राज्यों के प्रति उनके नकारात्मक रवैये को दर्शाता है जिन पर विशेष ध्यान देने और विकास की जरूरत है.”
भाजपा नेता ने कहा, ”आंध्र प्रदेश को निश्चित तौर पर विशेष वित्तीय सहायता की जरूरत है क्योंकि कांग्रेस के कारण राज्य को विभाजन के बाद नुकसान झेलना पड़ा है.” राव ने कहा कि बजट की आलोचना कर रही कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में उल्लेख किया था कि वह सत्ता में आने पर आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देगी.
उन्होंने कहा, ”वे इस तरह के खोखले वादे करते हैं क्योंकि उन्हें एहसास है कि उन्होंने आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ विश्वासघात किया है और वे इससे बाहर नहीं निकल सकते. आंध्र प्रदेश में (हालिया चुनावों में) वे घटकर एक प्रतिशत वोट शेयर वाली पार्टी बनकर रह गए हैं.” राव ने कहा, ”मैं राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि इतना बड़ा झटका लगने के बाद भी अगर वह सीखना नहीं चाहेंगे तो आंध्र प्रदेश के लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे.”