बिलासपुर. नवभारत-सेंट्रल क्रॉनिकल व एसईसीएल आल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट 2026 का बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबला बुधवार को नॉर्थ ईस्ट रेलवे इंस्टीट्यूट फुटबॉल ग्राउंड में खेला गया। खिताबी मुकाबले में दल्ली राजहरा माइंस की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए तमिलनाडु पुलिस को 1-0 से पराजित कर टूर्नामेंट की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। पूरे मुकाबले के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने जीत के लिए जोरदार संघर्ष किया और मैदान पर रोमांच देखने को मिला। फाइनल में शुरुआत से ही दल्लीराजहरा माइंस और तमिलनाडु पुलिस के खिलाड़ियों ने आक्रामक रुख अपनाया। दोनों टीमों ने एक-दूसरे के गोलपोस्ट पर लगातार हमले किए, लेकिन मजबूत डिफेंस के कारण शुरुआती प्रयास गोल में तब्दील नहीं हो सके। मैदान के दोनों छोर पर खिलाड़ियों के बीच गेंद पर कब्जे को लेकर कड़ा संघर्ष देखने को मिला।
दल्लीराजहरा माइंस की टीम ने किया शानदार प्रदर्शन
दल्लीराजहरा माइंस ने शानदार तालमेल बनाते हुए गोल दागकर बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद तमिलनाडु पुलिस ने बराबरी के लिए लगातार आक्रमण किए। टीम ने कई बार दल्लीराजहरा के गोलपोस्ट तक पहुंचकर गोल करने का प्रयास किया, लेकिन दल्लीराजहरा के डिफेंडरों और गोलकीपर ने बेहतरीन बचाव करते हुए तमिल पुलिस को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। मैच के अंतिम क्षणों में मुकाबला और भी रोमांचक हो गया। तमिलनाडु पुलिस ने स्कोर बराबर करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन दल्ली राजहरा माइंस के खिलाड़ियों ने धैर्य और अनुशासन के साथ खेलते हुए अपनी 1-0 की बढ़त को अंत तक कायम रखा। अंतिम सीटी बजते ही दल्ली राजहरा माइंस के खिलाड़ी और समर्थक खुशी से झूम उठे।

राज्यपाल ने इशांत को दिया मैन आफ द सीरीज
इस जीत के साथ दल्लीराजहरा माइंस ने शानदार प्रदर्शन के दम पर आॅल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया। राज्यपाल रमेन डेका ने बेहतर प्रदर्शन के लिए दल्लीराजहरा के खिलाड़ी जर्सी नंबर 7 लोकू को मैन आफ द मैच से सम्मानित किया। राज्यपाल ने दल्लीराजहरा के खिलाड़ी जर्सी नंबर 2 इशांत यादव को मैन आफ द सीरीज से सम्मानित किया। तमिलनाडु पुलिस को उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा। टूर्नामेंट में देश के विभिन्न हिस्सों से आई टीमों ने हिस्सा लिया और खिलाड़ियों ने बेहतरीन फुटबॉल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आयोजन ने बिलासपुर में फुटबॉल के प्रति उत्साह को एक बार फिर नई ऊंचाई दी।
फुटबॉल सिर्फ खेल नहीं, जिंदगी का अनुशासन सिखाता है: राज्यपाल डेका
खेल का मैदान केवल हार-जीत का मंच नहीं, बल्कि अनुशासन, संघर्ष, टीम भावना और व्यक्तित्व निर्माण की पाठशाला भी है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए नवभारत द्वारा आयोजित 17वें अखिल भारतीय फुटबॉल टूर्नामेंट ने शहर में खेलों के प्रति नई ऊर्जा पैदा की। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि नवभारत समाचारों के माध्यम से समाज का आईना दिखाने के साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को भी लगातार मंच देता रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के फुटबॉल, हॉकी सहित विभिन्न खेलों के खिलाड़यिों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए ऐसे आयोजनों की जरूरत है।
रेलवे के फुटबॉल ग्राउण्ड में नवभारत,सेंट्रल क्रॉनिकल एवं एसईसीएल द्वारा आयोजित आल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल मैच में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने नवभारत द्वारा आयोजित आॅल इंडिया मेंस फूटबाल एवं डिस्ट्रीक्ट लेवल इंटर स्कूल ब्वाय के खिलाड़ियों के बीच अपने बचपन की यादें साझा करते हुए कहा कि स्कूल के बाद फुटबॉल खेलना उन्हें आज भी याद है। उस दौर में फुटबॉल आम लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय खेल हुआ करता था। उन्होंने कहा कि फुटबॉल केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं बढ़ाता, बल्कि खिलाड़ियों में टीम स्पिरिट, अनुशासन और बौद्धिक विकास भी करता है। आज खेलों में कॅरियर की संभावनाएं बढ़ी हैं। गांव-कस्बों से निकलकर बच्चे राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने नवभारत से ऐसे आयोजन लगातार करते रहने का आह्वान किया। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि आमतौर पर लोग खेल को केवल हार और जीत के नजरिए से देखते हैं, जबकि खेल का असली उद्देश्य इससे कहीं बड़ा है। हार को स्वीकार करना भी अनुशासन और खेल भावना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हार खिलाड़ी को अपनी कमियों को पहचानकर आगे और बेहतर प्रयास करने की प्रेरणा देती है। इसलिए हार से निराश होने के बजाय उसे विनम्रता से स्वीकार कर उससे सीख लेने की मानसिकता होनी चाहिए। यही सोच खिलाड़ी को भविष्य की बड़ी जीत के लिए तैयार करती है।
एशियन गेम्स में प्रदेश के बच्चों की मौजूदगी गर्व की बात
राज्यपाल ने कहा कि एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को जगह मिलना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। प्रदेश के प्रतिभावान बच्चे विभिन्न खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि आज की युवा पीढ़ी खेलों में कॅरियर की संभावनाओं को समझने लगी है। पहले खेलों में कॅरियर के अवसर सीमित माने जाते थे, लेकिन अब राज्य और जिला स्तर पर लगातार हो रहे आयोजनों से गांव-कस्बों के प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल रहा है।
बालोद की बेटी किरण ने फुटबॉल में बढ़ाया प्रदेश का मान
राज्यपाल ने बालोद जिले की 23 वर्षीय फुटबॉल खिलाड़ी किरण की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सीनियर फुटबॉल टीम में जगह बनाकर उन्होंने पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। प्रदेश की बेटी की यह सफलता बताती है कि प्रतिभा के साथ कड़ी मेहनत और पक्की लगन हो तो खिलाड़ी किसी भी ऊंचाई तक पहुंच सकता है। किरण की उपलब्धि प्रदेश के उन तमाम युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के मैदान में अपनी पहचान बनाने का सपना देख रहे हैं।
दल्लीराहरा की टीम बनी विजेता, राज्यपाल ने दिया सम्मान
नवभारत-सेंट्रल क्रॉनिकल व एसईसीएल आल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट 2026 का समापन बुधवार को नॉर्थ ईस्ट रेलवे इंस्टीट्यूट फुटबॉल ग्राउंड में राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। फाइनल मुकाबले में दल्लीराजहरा माइंस की टीम ने तमिलनाडु पुलिस पर 1-0 से रोमांचक जीत दर्ज कर फाइनल का खिताब अपने नाम किया। फाइनल मैच के दौरान मंच पर राज्यपाल के साथ विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष विजय कुमार गोयल, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह मौजूद रहे।