नयी दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने झारखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से 11 लोगों को गिरफ्तार कर एवं तीन लोगों को हिरासत में लेकर अलकायदा के एक आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का बृहस्पतिवार को दावा किया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि खुफिया जानकारी मिलने के बाद इन राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर एक अभियान चलाया गया.
पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, राजस्थान के भिवाड़ी से छह लोगों को हथियारों का प्रशिक्षण लेते समय गिरफ्तार किया गया.
उन्होंने बताया कि इन लोगों की पहचान हसन अंसारी, इनामुल अंसारी, अल्ताफ अंसारी, अरशद खान, उमर फारूक और शाहबाज अंसारी के रूप में हुई है तथा वे सभी झारखंड के मूल निवासी हैं. उन्होंने कहा कि ये लोग पिछले कुछ दिन से राजस्थान में रह रहे थे.
अधिकारी ने बताया कि इन गिरफ्तारियों के बाद पांच और लोग झारखंड के रांची से गिरफ्तार किए गए जिनकी पहचान डॉ. इश्तियाक अहमद, मोतिउर, रिजवान, मुफ्ती रहमतुल्लाह और फैजान के रूप में हुई है.
दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा, ”मॉड्यूल का नेतृत्व रांची (झारखंड) का डॉ. इश्तियाक नामक व्यक्ति कर रहा था तथा उसकी देश के भीतर ‘खिलाफत’ की घोषणा करने और बड़ी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की मंशा थी.” वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि राजस्थान की अरावली पहाड़ियों के जंगल समेत विभिन्न स्थानों पर आतंकवादी मॉड्यूल के सदस्यों को हथियारों सहित कई तरह का प्रशिक्षण दिया गया था.
उन्होंने कहा कि संदिग्धों को पकड़ने के लिए इन पहाड़ियों के जंगल में सघन अभियान चलाया गया. दिल्ली पुलिस ने कहा कि तीन और लोग उतर प्रदेश के अलीगढ. से पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए हैं. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा के दल तीन राज्यों में 15 स्थानों पर छापा मार चुके हैं. सूत्रों ने कहा कि ऐसा संदेह है कि मॉड्यूल आगामी त्योहारों के दौरान उत्तर भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रच रहा था.
अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी की जा रही है ताकि हथियार, गोला-बारूद और दस्तावेज बरामद किए जा सकें. अभियान की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अलकायदा मॉड्यूल पिछले कुछ महीनों से सक्रिय था और इसके सदस्य सोशल मीडिया से आपस में जुड़े थे. सूत्रों ने बताया कि 15 जुलाई को विशेष प्रकोष्ठ ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 61 (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया था और तब से आतंकवाद निरोधक इकाई संदिग्धों का विवरण जुटा रही थी.