धामी ने श्रमिकों को एक-एक लाख रु के चेक सौंपे

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 29 Nov 2023 08:33 PM
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उत्तरकाशी/ऋषिकेश. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुरंग से निकाले गए श्रमिकों को ऋषिकेश के एम्स में भर्ती किए जाने से पहले बुधवार को चिन्यालीसौड़ अस्पताल में उनसे मिलकर उनका हालचाल जाना और उन्हें एक-एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक सौंपा .

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को निकालने के लिए चलाए गए बचाव अभियान के अंतिम दौर में मलबे में पाइप डालने के लिए ‘रैट माइनिंग तकनीक’ से हाथ से खुदाई करने वाले श्रमिकों को भी 50-50 हज़ार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की. केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों द्वारा युद्धस्तर पर चलाए गए बचाव अभियान के जरिए सुरंग में फंसे सभी 41 श्रमिकों को 17 वें दिन मंगलवार रात को सकुशल बाहर निकाल लिया गया था.

सुरंग से बाहर निकाले जाने के बाद उन्हें सिलक्यारा से 30 किलोमीटर दूर स्थित चिन्यालीसौड़ अस्थायी अस्पताल ले जाया गया था जहां उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया था . हालांकि, सभी श्रमिक स्वस्थ हैं . बाद में श्रमिकों को हेलीकॉप्टर से ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्वज्ञिान संस्थान (एम्स) जे जाया गया है जहां उनका गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा.

अस्थायी अस्पताल में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक करके सभी श्रमिकों से उनका हाल-चाल जाना और पीठ थपथपाकर उनका हौसला बढ.ाया . इस दौरान कई श्रमिकों ने बिस्तर से उठकर उनके चरण स्पर्श किए तथा उनका आभार जताया . एक श्रमिक ने अपने मोबाइल फोन से मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी भी ली .

सुरंग से निकाले गए श्रमिकों को एम्स ऋषिकेश लाया गया

उत्तरकाशी जिले की सिलक्यारा सुरंग से निकाले गए श्रमिकों को हेलीकॉप्टर से बुधवार को ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्वज्ञिान संस्थान (एम्स) लाया गया जहां उनका गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा. भारतीय वायु सेना के चिनूक हेलीकॉप्टर के जरिए सभी 41 श्रमिकों को चिन्यालीसौड़ से एम्स ऋषिकेश लाया गया है.

केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों द्वारा युद्धस्तर पर चलाए गए बचाव अभियान के जरिए सुरंग में फंसे सभी 41 श्रमिकों को 17 वें दिन मंगलवार रात को सकुशल बाहर निकाल लिया गया था. सुरंग से बाहर निकाले जाने के बाद उन्हें सिलक्यारा से 30 किलोमीटर दूर स्थित चिन्यालीसौड़ अस्पताल ले जाया गया था जहां उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया था . सभी श्रमिक स्वस्थ हैं लेकिन दो हफ्ते से ज्यादा वक्त तक सुरंग में फंसे रहने के कारण संभावित स्वास्थ्य परेशानियों के दृष्टिगत उन्हें एम्स ऋषिकेश लाया गया है.

इससे पहले एम्स ऋषिकेश के एक अधिकारी ने बताया कि श्रमिकों को पहले ट्रॉमा वार्ड में ले जाया जाएगा. उन्होंने बताया कि वहां से उन्हें 100 बिस्तरों वाले आपदा वार्ड में स्थानांतरित कर दिया जाएगा जहां उनके स्वास्थ्य के सभी मानकों की जांच की जाएगी.
उन्होंने बताया कि अस्पताल में श्रमिकों के स्वस्थ्य परीक्षण के लिए सभी सुविधाएं और चिकित्सक मौजूद हैं .

इससे पहले, चिन्यालीसौड़ अस्पताल में श्रमिकों से मिलकर उनका हालचाल लेने के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा था कि सभी लोग स्वस्थ और प्रसन्न हैं लेकिन डॉक्टरों के परामर्श पर उन्हें जांच के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा जा रहा है .
चारधाम यात्रा मार्ग पर बन रही साढ.े चार किलोमीटर लंबी सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह जाने से उसमें 41 श्रमिक फंस गए थे जिन्हें युद्धस्तर पर चलाए गए बचाव अभियान के बाद मंगलवार को सकुशल बाहर निकाल लिया गया.

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