शिक्षा विभाग शिक्षकों से ‘बंधुआ मजदूर’ जैसा व्यवहार कर रहा: अवकाश विवाद पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा

पटना. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को आरोप लगाया कि बिहार में शिक्षा विभाग सरकारी शिक्षकों को ”भयभीत” कर रहा है और होली के पर्व पर अवकाश से वंचित करके उनसे ”बंधुआ मजदूर” जैसा व्यवहार किया जा रहा है.

बेगुसराय लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी सिंह का यह बयान शिक्षा विभाग के उस आदेश के एक दिन बाद आया है, जिसमें चेतावनी देते हुए कहा गया था कि जो शिक्षक वर्तमान में आयोजित किए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम से अनुपस्थित रहेगा, उसका वेतन काट लिया जाएगा.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहयोगी पार्टी भाजपा के वरिष्ठ नेता ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ” शिक्षक बंधुआ मजदूर नहीं हैं. शिक्षा विभाग बस उन्हें भयभीत कर रहा है और शिक्षकों को आज (मंगलवार) होली के दिन भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है.” सिंह ने एक वीडियो बयान में कहा, ” मैं शिक्षकों और उनके परिवारों के साथ हूं और उनके हितों के लिए लड़ूंगा. अधिकारियों (जो ऐसे आदेश पारित कर रहे हैं) को निश्चित रूप से आज नहीं तो कल परिणाम भुगतना पड़ेगा.” इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया के लिए बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार से बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो सके .

बिहार राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने चेतावनी दी है कि जो शिक्षक प्रशिक्षण के दौरान अनुपस्थित रहेंगे, उनके वेतन में कटौती की जाएगी. सप्ताह भर (25 मार्च से 30 मार्च तक) तक आयोजित किए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार के लगभग 20,000 सरकारी शिक्षक भाग ले रहे हैं. ऐसे में उन्हें होली के अवसर पर अपने घरों से दूर रहना पड़ा. बिहार सरकार ने पहले ही 26 मार्च और 27 मार्च को होली तथा 29 मार्च को ‘गुड फ्राइडे’ के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है और इस दौरान राज्य सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे.

शिक्षा विभाग के कदम पर भाजपा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव निखिल आनंद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ” शिक्षकों को होली के दौरान काम करने और प्रशिक्षण के लिए मजबूर करना संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है. राज्य शिक्षा विभाग के कुछ उच्च पदस्थ अधिकारी इस तरह व्यवहार कर रहे हैं.” कई शिक्षक संगठनों ने भी इस आदेश का विरोध किया है. ‘टीईटी प्राथमिक शिक्षक संघ’ के संयोजक राजू सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ” एससीईआरटी को इस सर्कुलर को तुरंत वापस लेना चाहिए क्योंकि यह शिक्षकों की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है.”

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