छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी के खिलाफ विवादित वीडियो को लेकर एफआईआर दर्ज हो गई है।
अमित ने वोट चोरी” और “ज्ञानेश कुमार” की आलोचना करते हुए एक वीडियो अपने फेसबुक पर जारी किया। यह वीडियो घोर आपत्तिजनक है। इस वीडियो में ज्ञानेश कुमार और मोदी को एक बिस्तर में हनीमून मनाते दिखाया गया है।
यह वीडियो अमित जोगी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड किया था। वीडियो वायरल हुआ तो इस पर सार्वजनिक आलोचना शुरू हो गई। भाजपा नेताओं ने इसे राजनैतिक सुचिता और नैतिक मूल्य के खिलाफ बताते हुए अमित जोगी की आलोचना की थी और मामला पुलिस तक पहुंच गया था विवाद बढ़ते देखकर अमित जोगी ने वीडियो डिलीट कर दिया था और सार्वजनिक माफी भी मांगी थी। लेकिन आज इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई हैं
आम जन का कहना है कि संवैधानिक पदों पर बैठे दो लोगों का इस तरह अपमान ठीक नहीं। अमित जोगी का यह वीडियो राजनीतिक मर्यादा का स्पष्ट उल्लंघन करता है। कुछ लोग इसे आदिवासी समाज की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ रहे हैं, जो पूर्णतः गलत और भ्रामक है।
आलोचना का अधिकार अलग बात है, पर उसका तरीका और भाषाई मर्यादा की सीमाएँ पार नहीं कर सकते। नेताओं को राजनीतिक मर्यादा का ध्यान जरूर रखना चाहिए। इसका आम जनमानस पर असर पड़ता है।