पणजी. कर्नाटक के कारवार तट के पास 19 जुलाई को ‘मर्चेंट नेवी’ के एक जहाज में लगी भीषण आग पर काबू पा लिया गया है. भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी)ने मंगलवार को यह जानकारी दी. बल ने बताया कि तट पर संभावित खतरे के मद्देनजर सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रभावित जहाज गहरे समुद्र में ही रहे.
आईसीजी ने एक विज्ञप्ति में बताया, ”जहाज फिलहाल न्यू मंगलौर से 13 समुद्री मील पश्चिम में है और तट से दूर जा रहा है.” तटरक्षक बल के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि जहाज ‘एमवी मेर्सक फ्रैंकफर्ट’ में 1,154 कंटेनर लदे हैं जिनमें से कुछ में बेंजीन और सोडियम साइनेट जैसे खतरनाक रसायन हैं. उन्होंने बताया कि जहाज में गोवा के तट से लगभग 102 समुद्री मील दूर गुजरात के मुंद्रा से श्रीलंका के कोलंबो जाते समय आग लगी. इस घटना में चालक दल के एक सदस्य की मौत हो गई.
समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने कहा, ”आईसीजी के जहाजों द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों के कारण आग के एक बड़े हिस्से पर काबू पा लिया गया है और सभी कंटेनर के अंदर सामग्री मौजूद होने के कारण बार-बार आग लगने की छोटी-मोटी घटनाएं हो हैं और सफेद धुआं दिखाई दे रहा है.” विशेष प्रदूषण नियंत्रण पोत आईसीजीएस समुद्र प्रहरी और उन्नत अपतटीय गश्ती पोत आईसीजीएस सचेत जहाज पर छोटी-छोटी आग बुझाने में लगे हैं.
तटरक्षक बल ने कहा, ”भारतीय तट पर उत्पन्न गंभीर खतरे को देखते हुए, जहाज को तट से दूर और गहरे समुद्र में रखने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं.” खराब मौसम के बावजूद आग लगने के पांचवें दिन भी जहाज और उसके चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभियान जारी रहा.