रायपुर. छत्तीसगढ़ की नवनिर्वाचित विधानसभा का पहला सत्र मंगलवार से शुरू होगा. विधानसभा के अधिकारियों ने बताया कि राज्य की छठी विधानसभा का प्रथम सत्र 19 दिसंबर से शुरू होगा तथा 21 दिसंबर तक चलेगा और इस सत्र में कुल तीन बैठकें होंगी. उन्होंने बताया कि मंगलवार को पहले दिन नए सदस्य शपथ ग्रहण करेंगे तथा 20 दिसंबर सुबह 11 बजे राज्यपाल का अभिभाषण होगा.
अधिकारियों ने बताया कि 21 दिसंबर को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी. उन्होंने बताया कि इस सत्र में वित्तीय कार्य के साथ ही अन्य शासकीय कार्य भी किए जाएंगे. राज्य शासन के अधिकारियों ने बताया कि नवनिर्वाचित सरकार इस सत्र में अनुपूरक बजट ला सकती है.
विधानसभा के अधिकारियों ने बताया कि नवनिर्वाचित सदस्यों का स्वागत करने के लिए विधानसभा परिसर को फूल मालाओं और रंगोली से सजाया जा रहा है तथा विधानसभा चौक का नये तरीके से सौंदर्यीकरण किया जा रहा है. उन्होंने बताया, ह्ल विधानसभा परिसर को लोककला और लोक संस्कृति की पेंटिग से सजाया जा रहा है. सत्र के पहले दिन सभी नव निर्वाचित विधायकों का मुख्य द्वार पर पुष्प-गुच्छ देकर स्वागत किया जाएगा.ह्व इस अवसर पर विधानसभा परिसर में छत्तीसगढ़ की लोक कला एवं लोक संस्कृति पर के्द्रिरत लोक नृत्यों की छटा भी देखने को मिलेगी.
अधिकारियों ने बताया, ह्ल विधानसभा में सत्र अवधि के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी. केवल प्रवेश पत्र के साथ ही विधानसभा परिसर में प्रवेश की पात्रता होगी.ह्व उन्होंने बताया, ह्लविधानसभा परिसर और सभी दीर्घाओं में सुरक्षा र्किमयों द्वारा कड़ी नजर रखी जायेगी. विधायकों के साथ आये कार्यकर्ता और उनके परिजनों के लिए विधानसभा परिसर स्थित प्रेक्षागृह में बड़ी स्क्रीन लगाकर सदन की कार्यवाही के सीधे प्रसारण की व्यवस्था की गयी है.ह्व अधिकारियों ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ विधायक एवं विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष रामविचार नेताम नए विधायकों को पद की शपथ दिलाएंगे और विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव से पहले सदन की कार्यवाही का संचालन करेंगे.
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के विधायक रमन सिंह को सत्ता पक्ष की ओर से विधानसभा अध्यक्ष के पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया है. विपक्षी कांग्रेस ने भी उनकी उम्मीदवारी का समर्थन किया है. कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ विधायक और राज्य विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष चरण दास महंत को विपक्ष का नेता नियुक्त किया है.
कांग्रेस को इस विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है. भाजपा ने 90 में से 54 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की है. वहीं राज्य में 2018 में 68 सीटें जीतने वाली कांग्रेस 35 सीटों पर सिमट गई. राज्य में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (जीजीपी) एक सीट जीतने में कामयाब रही है.