जिसमें आस्था हो उस धर्म का पालन करें, लेकिन दूसरे धर्म का अपमान न करें : आठवले

नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घटक रिपब्लिकन पार्टी आॅफ इंडिया (आरपीआई) के नेता राम दास आठवले ने रविवार को कहा कि लोगों को अपने पसंदीदा धर्म के अनुसरण का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन दूसरे धर्म का अनादर भी नहीं किया जाना चाहिये.

विवादास्पद धर्मांतरण कार्यक्रम के लिए आम आदमी पार्टी (आप) की निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पार्टी को सबक सिखाया जाना चाहिये. उन्होंने आरोप लगाया कि आप के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरंिवद केजरीवाल हमेशा से हिंदू धर्म के खिलाफ बोलते रहे हैं.

आठवले ने कहा, ‘‘मैं इस घटना की निंदा करता हूं. दूसरे धर्मों की निंदा करना संविधान की भावना के खिलाफ है. यह संविधान हमें बी आर आम्बेडकर ने दिया है. यह सभी धर्मों के बीच सौहार्द की परिकल्पना करता है और आम्बेडकर हमेशा इसके हिमायती थे.’’ आरपीआई नेता ने कहा कि वह स्वयं बौद्ध हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बौद्ध धर्म के दर्शन और आम्बेडकर के आदर्शों में विश्वास करते हैं.

हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दिल्ली सरकार के तत्कालीन मंत्री और आप नेता राजेंद्र पाल गौतम को एक कार्यक्रम में शामिल होते दिखाया गया था, जहां सैकड़ों लोगों ने हिंदू देवताओं की निंदा करते हुए बौद्ध धर्म अपनाने का संकल्प लिया था. इसके बाद से गौतम भाजपा के निशाने पर आ गये थे. गौतम ने भारी दबाव के बीच आज मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.

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