लद्दाख के लोगों से किए वादे पूरे करें : सोनम वांगचुक ने प्रधानमंत्री मोदी से की अपील

लद्दाख में अनशन कर रहे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे प्रकाश राज

लेह. लद्दाख को राज्य का दर्जा दिए जाने तथा उसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर यहां एक अनशन का नेतृत्व कर रहे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लोगों से किए वादे पूरा करने की अपील की.

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किए एक वीडियो में कमजोर दिख रहे वांगचुक ने लद्दाख के लोगों से राष्ट्र हित में इस बार ”बहुत सावधानीपूर्वक” अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का आह्वान किया. उनके अनशन को मंगलवार को 21वां दिन हो गया. प्रख्यात शिक्षा सुधारक वांगचुक लेह में स्थित एपेक्स बॉडी और करगिल डेमोक्रेटिक एलायंस (केडीए) के संयुक्त प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के एक दिन बाद छह मार्च से शून्य से नीचे के तापमान पर ‘जलवायु अनशन’ कर रहे हैं. ये दोनों संगठन लद्दाख को राज्य का दर्जा देने तथा उसे छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन का संयुक्त रूप से नेतृत्व कर रहे हैं.

छठी अनुसूची में स्वायत्त जिला परिषदों के जरिए असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में आदिवासी इलाकों के प्रशासन से जुड़े प्रावधान हैं. ‘जलवायु उपवास’ आज दिन में समाप्त हो सकता है क्योंकि एपेक्स बॉडी और केडीए बुधवार को आगे की कार्रवाई की घोषणा करेंगे. प्रधानमंत्री को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा उसके चुनाव घोषणापत्र में किए वादों की याद दिलाते हुए वांगचुक ने कहा कि मोदी भगवान राम के भक्त हैं और उन्हें ‘प्राण जाए पर वचन ना जाए’ की उनकी सीख का पालन करना चाहिए.

बॉलीवुड की ब्लॉक बस्टर फिल्म ”3 इंडियट्स’ में आमिर खान का किरदार रैंचो, वांगचुक के जीवन से प्रेरित है. उन्होंने कहा, ”भारत लोकतंत्र की जननी है और हम नागरिकों के पास एक बहुत विशेष शक्ति है. हम निर्णायक भूमिका में हैं, हम किसी भी सरकार को उसके तौर तरीके बदलने के लिए विवश कर सकते हैं या काम न करने पर सरकार बदल सकते हैं. राष्ट्र हित में इस बार बहुत सावधानीपूर्वक अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना याद रखना.” लद्दाख में पांचवें चरण में 20 मई को लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होगा.

वांगचुक ने कहा कि पिछले 20 दिनों में लद्दाख के तीन लाख निवासियों में से करीब 60,000 लोग इस अनशन में शामिल हुए हैं लेकिन ”इस सरकार ने एक शब्द नहीं कहा.” उन्होंने कहा, “हम लद्दाख में हिमालयी पहाड़ों के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र और यहां की अद्वितीय स्वदेशी जनजातीय संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की चेतना को जगाने का प्रयास कर रहे हैं.”

लद्दाख में अनशन कर रहे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे प्रकाश राज
अभिनेता प्रकाश राज ने लद्दाख में अनशन पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मंगलवार को मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया. लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और इसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर सोनम वांगचुक यहां करीब तीन सप्ताह से भूख हड़ताल पर हैं.

केंद्र में सत्तारूढ. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुखर आलोचक प्रकाश राज ने वांगचुक के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि जब सरकारें अपने वादे पूरा नहीं करती हैं, तो लोगों के पास एकजुट होने और अपने संवैधानिक अधिकारों के अनुसार आवाज उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता.

प्रकाश राज ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी एक पोस्ट में कहा, ” आज मेरा जन्मदिन है.. और मैं सोनम वांगचुक तथा लद्दाख के लोगों के साथ एकजुटता का प्रदर्शन कर इसका जश्न मना रहा हूं जो हमारे लिए.. हमारे देश.. हमारे पर्यावरण और हमारे भविष्य के लिए लड़ रहे हैं… आइए उनके साथ खड़े हों.” वांगचुक से मुलाकात करने के बाद प्रकाश राज ने कहा, ” हमने लोगों और वैज्ञानिकों से सुना है कि उनसे भाजपा द्वारा (लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने का) वादा किया गया है, और जब हम उन्हें उनके वादे की याद दिलाते हैं तो वे उन्हें अपराधियों के रूप में देखते हैं. नेता चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं और झूठी उम्मीदें पैदा कर रहे हैं, लेकिन बाद में जब वे हमसे वोट लेते हैं, तो अगले पांच साल तक पीछे मुड़कर नहीं देखते. उनका हमसे कोई लेना-देना नहीं है, हम मूर्ख हैं जो उनकी बातों पर भरोसा कर रहे हैं.”

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