नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार गाजा की स्थिति को लेकर चुप है ताकि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू नाराज न हो जाएं. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भारत सरकार ने कभी इतनी ”नैतिक कायरता” नहीं दिखायी थी.
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”ग़ाजा में फलस्तीनी लोगों पर इजराइली प्रशासन द्वारा भयावह अत्याचार लगातार जारी है. जरूरी खाद्यान्न जैसी मानवीय मदद लेने जा रहे लोगों को बेरहमी से मार दिया जा रहा है या उन्हें जान-बूझकर भूखा रखा जा रहा है. यह सुनियोजित रूप से अंजाम दिया जा रहा एक निर्मम जनसंहार है, जिसमें पूरे समुदाय को मिटाने की कोशिश की जा रही है.” उन्होंने आरोप लगाया, ”इसके बावजूद मोदी सरकार पूरी तरह चुप है और प्रधानमंत्री इसलिए पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं ताकि उनके मित्र बेंजामिन नेतन्याहू नाराज न हो जाएं. भारत सरकार ने कभी इतनी नैतिक कायरता नहीं दिखायी.” रमेश ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक और अत्यंत निंदनीय है.
उधर, भारत ने गाजा में जारी मानवीय संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वहां संघर्षविराम जरूरी है और यह भी स्पष्ट किया कि ”बीच-बीच में संघर्षविराम” क्षेत्र की जनता के सामने मौजूद चुनौतियों को दूर करने के लिए ”पर्याप्त नहीं” हैं. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बुधवार को हुई एक चर्चा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने कहा, ”आज की बैठक गाजा के मानवीय संकट की पृष्ठभूमि में हो रही है.
मोदी सरकार ने कर्नाटक मॉडल की सफलता को स्वीकार किया: कांग्रेस
कांग्रेस ने संसद में सरकार द्वारा दिए गए एक सवाल के जवाब का हवाला देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि मोदी सरकार ने ‘कर्नाटक मॉडल’ की अद्वितीय सफलता को स्वीकार किया है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने 21 जुलाई को लोकसभा में जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद गिरिधारी यादव और दिनेश चंद्र यादव द्वारा पूछे गए प्रश्न और वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के उत्तर की एक प्रति ‘एक्स’ पर साझा की.
उन्होंने कहा, ”21 जुलाई, 2025 को लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में, मोदी सरकार ने कर्नाटक मॉडल की अद्वितीय सफलता को स्वीकार किया. कर्नाटक का प्रति व्यक्ति शुद्ध राज्य घरेलू उत्पाद (एनएसडीपी) देश में सबसे अधिक है. 2,04,605 रुपये के साथ कर्नाटक का एनएसडीपी, 1,14,710 रुपये की शुद्ध राष्ट्रीय आय से 78 प्रतिशत अधिक था.” रमेश ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस की राज्य सरकार ने निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाले निवेश और सामाजिक कल्याण के संयोजन का बीड़ा उठाया है और अब यह वह मॉडल है जिसका देश को अनुसरण करना चाहिए.
ब्रिटेन के साथ भगोड़ा प्रत्यर्पण समझौते की भी जरूरत: कांग्रेस
कांग्रेस ने भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर से पहले बृहस्पतिवार को कहा कि विजय माल्या, नीरव मोदी और ललित मोदी जैसे लोगों को भारत वापस लाने के लिए ”भगोड़ा प्रत्यर्पण समझौता” की भी जरूरत है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कटाक्ष किया कि मोदी सरकार की ”भगोड़ानॉमिक्स” के ये तीन बड़े सितारे अपनी घर वापसी का इंतजार कर रहे हैं.
भारत और ब्रिटेन बृहस्पतिवार को लंदन में एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे. इससे श्रम-प्रधान उत्पादों जैसे चमड़ा, जूते और कपड़ों का रियायती दरों पर निर्यात संभव होगा जबकि ब्रिटेन से व्हिस्की और कारों का आयात सस्ता हो जाएगा.
यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार को 2030 तक दोगुना करके 120 अरब डॉलर तक पहुंचाने में मदद करेगा.
जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में आज लंदन में भारत-ब्रिटेन एफटीए (मुक्त व्यापार समझौता) पर हस्ताक्षर होंगे. लेकिन भारत को ब्रिटेन से एक और भी जरूरी एफटीए करना चाहिए- ‘फ्यूजिटिव ट्रांसफर एग्रीमेंट’ (भगोड़ा प्रत्यर्पण समझौता).” उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ” आखिरकार, मोदी मॉडल की भगोड़ानॉमिक्स के तीन बड़े स्टार, विजय माल्या, नीरव मोदी और ललित मोदी -अब भी अपनी घर वापसी का इंतज़ार कर रहे हैं और यह भी संभव है कि इस सूची में कुछ और नाम जल्द जुड़ जाएं.”