उम्मीद है कि भारत व चीन द्विपक्षीय संबंधों के जरिए सीमाओं पर शांति बहाल करने में सक्षम होंगे: मोदी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 10 Apr 2024 10:21 PM
उम्मीद है कि भारत व चीन द्विपक्षीय संबंधों के जरिए सीमाओं पर शांति बहाल करने में सक्षम होंगे: मोदी
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नयी दिल्ली/नागपुर. भारत और चीन के बीच स्थिर और शांतिपूर्ण संबंधों को पूरे क्षेत्र एवं दुनिया के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उम्मीद जताई है कि कूटनीतिक और सैन्य स्तरों पर सकारात्मक और रचनात्मक द्विपक्षीय संबंधों के माध्यम से दोनों देश अपनी सीमाओं पर शांति बहाल करने और उसे बनाए रखने में सक्षम होंगे. अमेरिका की न्यूजवीक पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में मोदी ने कहा कि भारत के लिए चीन के साथ संबंध महत्वपूर्ण है.

उन्होंने कहा, ”मेरा यह मानना है कि हमें अपनी सीमाओं पर लंबे समय से बनी स्थिति से तत्काल निपटने की जरूरत है ताकि हमारी द्विपक्षीय बातचीत में असामान्यता को पीछे छोड़ा जा सके. भारत और चीन के बीच स्थिर और शांतिपूर्ण संबंध न केवल हम दोनों देशों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण हैं.”

मोदी ने कहा, ”मुझे उम्मीद और भरोसा है कि कूटनीतिक एवं सैन्य स्तर पर सकारात्मक एवं रचनात्मक बातचीत के जरिए हम अपनी सीमाओं पर शांति बहाल करने और वहां स्थिरता बनाए रखने में सक्षम होंगे.” न्यूयॉर्क स्थित पत्रिका के साथ विस्तृत साक्षात्कार के दौरान, प्रधानमंत्री ने आगामी लोकसभा चुनाव, पाकिस्तान के साथ संबंधों, क्वाड, राम मंदिर और लोकतंत्र सहित विभिन्न मुद्दों पर बात की.

पाकिस्तान के साथ रिश्तों के बारे में पूछे जाने पर मोदी ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को पदभार संभालने पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा आतंक और हिंसा से मुक्त माहौल में क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि की वकालत की है. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल भेजे जाने पर मोदी ने कहा, ‘मैं पाकिस्तान के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करूंगा.” चीन और क्वाड समूह के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, भारत, चीन कई विभिन्न समूहों के सदस्य हैं.

उन्होंने कहा, “हम अलग-अलग समूह में अलग-अलग संयोजन में मौजूद हैं. क्वाड किसी भी देश के खिलाफ लक्षित नहीं है. कई अन्य अंतरराष्ट्रीय समूहों, जैसे एससीओ, ब्रिक्स और अन्य की तरह, क्वाड भी समान विचारधारा वाले देशों का एक समूह है जो एक साझा सकारात्मक एजेंडे पर काम कर रहा है.” क्वाड समूह में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं.

जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के फैसले की आलोचनाओं पर मोदी ने कहा, ”मैं आपको कहूंगा कि आप जमीनी स्तर पर हो रहे व्यापक सकारात्मक बदलावों को प्रत्यक्ष रूप से देखने के लिए जम्मू-कश्मीर की यात्रा करें. जो मैं या दूसरे आपसे कहते हैं, उस पर मत जाइए. मैं पिछले महीने ही जम्मू-कश्मीर गया हूं. पहली बार, लोगों के जीवन में एक नयी आशा है.”

उन्होंने कहा, ”विकास की प्रक्रिया, सुशासन और लोगों के सशक्तीकरण पर विश्वास किया जाना चाहिए.” मोदी ने कहा, “लोग शांति का फायदा उठा रहे हैं. 2023 में 2.1 करोड़ से अधिक पर्यटकों ने जम्मू और कश्मीर का दौरा किया. आतंकी घटनाओं में काफी कमी आई है. संगठित बंद/हड़ताल, पथराव, जो कभी सामान्य जनजीवन को बाधित करते थे, अब बीते दिनों की बात हैं.” अयोध्या में राम मंदिर के महत्व पर, मोदी ने कहा कि श्री राम का नाम हमारी राष्ट्रीय चेतना पर अंकित है.

उन्होंने कहा, “उनके (भगवान राम) जीवन ने हमारी सभ्यता में विचारों और मूल्यों की रूपरेखा तय की है. उनका नाम हमारी पवित्र भूमि के हर कोने में गूंजता है. इसलिए, 11-दिवसीय विशेष अनुष्ठान के दौरान, मैंने उन स्थानों की तीर्थयात्रा की, जहां श्री राम के पैरों के निशान हैं.” मोदी ने कहा कि श्रीराम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह राष्ट्र के लिए एकता का एक ऐतिहासिक क्षण था और यह सदियों की दृढ़ता और बलिदान की परिणति थी.

उन्होंने कहा, ”जब मुझे समारोह का हिस्सा बनने के लिये कहा गया तो मुझे पता था कि मैं देश के 1.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करूंगा जिन्होंने रामलला की वापसी के लिए सदियों से धैर्यपूर्वक इंतजार किया है.” आगामी लोकसभा चुनाव के बारे में मोदी ने कहा कि वादों को पूरा करने का उनकी सरकार का ”ट्रैक रिकॉर्ड” शानदार रहा है.

उन्होंने कहा, “दूसरे कार्यकाल के अंत तक, यहां तक कि सबसे लोकप्रिय सरकारें भी जनता का समर्थन खोना शुरू कर देती हैं. दुनिया में पिछले कुछ वर्षों में सरकारों के प्रति असंतोष भी बढ़ा है. भारत एक अपवाद के रूप में खड़ा है, जहां हमारी सरकार के लिए जन समर्थन बढ़ रहा है.” भारत को ‘लोकतंत्र की जननी’ बताते हुए मोदी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में, 2019 के आम चुनावों में 60 करोड़ से अधिक लोगों ने मतदान किया और अब से कुछ महीनों में, 97 करोड़ से अधिक पात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.

उन्होंने कहा, “पूरे भारत में 10 लाख से अधिक मतदान केंद्र बनाए जाएंगे. मतदाताओं की लगातार बढ़ती भागीदारी भारतीय लोकतंत्र में लोगों के विश्वास का एक बड़ा प्रमाणपत्र है. भारत जैसा लोकतंत्र केवल इसलिए आगे बढ़ने और कार्य करने में सक्षम है क्योंकि एक जीवंत प्रतिक्रिया तंत्र है. और इस संबंध में मीडिया की एक महत्वपूर्ण भूमिका है. हमारे यहां लगभग 1.5 लाख (150,000) पंजीकृत मीडिया प्रकाशन और सैकड़ों समाचार चैनल हैं.”

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘संविधान खतरे में’ दावे को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह कहने के लिए बुधवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधा कि अगर वह तीसरी बार इस पद पर आसीन होते हैं तो संविधान और लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के निष्प्रभावी होने से संविधान का देशभर में कार्यान्वयन सुनिश्चित हुआ.

महाराष्ट्र की नागपुर, रामटेक, भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीटों पर राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में नागपुर जिले के कन्हान शहर में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि संविधान निर्माता बी. आर. आंबेडकर की आत्मा उन्हें जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने के लिए आशीर्वाद दे रही होगी.

भाजपा के स्टार प्रचारक ने विपक्ष पर यह कहकर लोगों को मूर्ख बनाने का प्रयास करने का आरोप लगाया कि अगर उन्हें तीसरा कार्यकाल मिला तो संविधान बदल दिया जाएगा.उन्होंने पूछा कि क्या आपातकाल (1975-77) के दौरान लोकतंत्र खतरे में नहीं पड़ा था.
प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा उन्हें निशाना बनाकर की गई बयानबाजी से भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की लोकसभा सीटों की संख्या में इजाफा होगा.

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