नयी दिल्ली. कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा मार्गों पर भोजनालयों को मालिकों के नाम प्रर्दिशत करने से संबंधित आदेशों पर सोमवार को उच्चतम न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने का स्वागत किया और कहा कि उसे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को ‘राज धर्म’ के प्रति जागरूक रहने के लिए कहेंगे. उच्चतम न्यायालय ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालयों के मालिकों के नाम प्रर्दिशत करने संबंधी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के निर्देश पर सोमवार को अंतरिम रोक लगा दी. इसके साथ ही न्यायालय ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के इन निर्देशों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड एवं मध्य प्रदेश की सरकारों को नोटिस जारी किया.
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने एक बयान में कहा, ”हम उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सरकारों के पूरी तरह से असंवैधानिक आदेशों पर उच्चतम न्यायालय द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने का स्वागत करते हैं. इन सरकारों ने सभी दुकानदारों, भोजनालयों से था कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान अपने मालिकों और कर्मचारियों के नाम का उल्लेख बाहर बोर्ड पर करें. यह असंवैधानिक था और कांग्रेस समेत विपक्ष ने इसका विरोध किया था.”
उन्होंने कहा, ”हम बहुत खुश हैं कि उच्चतम न्यायालय ने इतना कड़ा आदेश दिया है और हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री अपने मुख्यमंत्रियों को उनके ‘राज धर्म’ के बारे में जागरूक करेंगे. दुर्भाग्य से वह वही प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ‘राज धर्म’ का पालन करने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने अटल जी की अवहेलना की थी.” उन्होंने कहा, ”हमें उम्मीद है कि उनके मुख्यमंत्री उनकी अवहेलना नहीं करेंगे. उनकी पार्टी में प्रधानमंत्री की स्थिति काफी कमजोर हो गई है, फिर भी हमें उम्मीद है कि वह उस स्थिति को फिर से हासिल करेंगे और अपने मुख्यमंत्रियों को ऐसे असंवैधानिक कदमों में शामिल होने से रोकेंगे.”