भाजपा सत्ता में आई तो नयी शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ी भाषा में शिक्षा प्रदान करने का प्रयास होगा- प्रधान

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 13 Nov 2023 10:27 PM
भाजपा सत्ता में आई तो नयी शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ी भाषा में शिक्षा प्रदान करने का प्रयास होगा- प्रधान

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रायपुर. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चुनावी राज्य छत्तीसगढ़ में सत्ता में आती है तो नयी शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ी भाषा में शिक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा. प्रधान ने पार्टी के नगर कार्यालय ‘एकात्म परिसर’ में संवादाताओं से कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को जल्दबाजी में 15 हजार रुपये देने का वादा कर छत्तीसगढ़ में भाजपा की विजय यात्रा को रोकने का असफल प्रयास किया है.

उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा है कि देश की हर भाषा राष्ट्रभाषा है. छत्तीसगढ़ में रमन सिंह के नेतृत्व वाले भाजपा शासन के दौरान, छत्तीसगढ़ी भाषा को राज्य भाषा का दर्जा दिया गया था.” केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”मोदी जी राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाए हैं, जिसके तहत आठवीं कक्षा तक की शिक्षा मातृभाषा में देने की बुनियादी योजना है.” उन्होंने कहा कि अगर कोई बच्चा अपनी मातृभाषा में सीखता है तो इससे उसकी आलोचनात्मक सोच, शोध शक्ति और तार्किक क्षमता बढ़ती है.

भाजपा नेता ने कहा, ”छत्तीसगढ़ में भाजपा के सत्ता में आने के बाद हमारा विशेष प्रयास नयी शिक्षा नीति के तहत छत्तीसगढ़ी भाषा में शिक्षा प्रदान करने को प्राथमिकता देना होगा जो नयी पीढ़ी के समावेशी विकास में सहायक होगा.” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में अपनी हार की आशंका से डरी हुई है और इसलिए रविवार को उन्होंने जल्दबाजी में घोषणा की. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को कहा था कि अगर कांग्रेस छत्तीसगढ़ में सत्ता बरकरार रखती है तो राज्य में महिलाओं को 15 हजार रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता दी जाएगी.

17 नवंबर को होने वाले छत्तीसगढ़ चुनाव के दूसरे चरण से पहले की गई इस घोषणा को विपक्षी भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में विवाहित महिलाओं को प्रति वर्ष 12 हजार रुपये देने के वादे के जवाब के रूप में देखा जा रहा है. प्रधान ने कहा, ”चुनाव प्रचार अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है. कांग्रेस अपना घोषणा पत्र पहले ही जारी कर चुकी है लेकिन जल्दबाजी में उसने कल महिलाओं के लिए एक वादा कर दिया. इससे पता चलता है कि कांग्रेस डरी हुई है. जिस पार्टी ने 1500 रुपये वृद्धावस्था पेंशन, स्वयं सहायता समूहों की ऋण माफी, चार रसोई गैस सिलेंडर (ग्रामीण परिवारों को रिफिलिंग) और शराबबंदी (2018 में किया गया) का अपना वादा पूरा नहीं किया, वह अब राज्य में भाजपा के विजय रथ को रोकने की असफल कोशिश कर रही है.”

उन्होंने कहा, ”महिलाओं के खिलाफ अपराध में छत्तीसगढ़ शीर्ष राज्यों में शामिल है. पांच साल में राज्य में एक लाख महिलाओं के लापता होने की खबर है. महिला सशक्तिकरण कांग्रेस के एजेंडे में नहीं है. भ्रष्टाचार कांग्रेस का प्रमुख एजेंडा है और लूट करना उसकी राजनीति है.” प्रधान ने कहा कि कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में अपनी विश्वसनीयता खो दी है और चुनावों में हार की आशंका में जल्दबाजी में वादे किए हैं.

महिलाओं के कल्याण में भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की योजनाओं की सराहना करते हुए प्रधान ने कहा, ”मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने महिला सशक्तिकरण और महिला विकास को प्राथमिकता दी है.” छत्तीसगढ़ की कुल 90 विधानसभा सीटों में से 20 पर सात नवंबर को मतदान हुआ था. शेष 70 सीटों पर 17 नवंबर को मतदान होगा. मतगणना तीन दिसंबर को होगी.

By Yogesh Kumar Sahu