उत्सर्जन कटौती नहीं हुई तो हिंदु कुश हिमालय के 80 फीसदी ग्लेशियर 2100 तक पिघल जाएंगे

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 20 Jun 2023 10:22 PM
उत्सर्जन कटौती नहीं हुई तो हिंदु कुश हिमालय के 80 फीसदी ग्लेशियर 2100 तक पिघल जाएंगे
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. अगर उत्सर्जन में तेजी से और तत्काल कमी नहीं की गई तो हिंदु कुश हिमालयी क्षेत्र के ग्लेशियरों का 80 प्रतिशत हिस्सा वर्ष 2100 तक नष्ट होने का अनुमान है. एक नये अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है. हिंदू कुश हिमालय क्षेत्र में दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखलाएं शामिल हैं और ध्रुवीय क्षेत्रों से इतर पृथ्वी पर बर्फ की सबसे अधिक मात्रा है. काठमांडू स्थित ‘इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट’ के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में कहा गया है कि ग्लेशियर 2000-2009 की तुलना में 2010-2019 की अवधि में 65 प्रतिशत तेजी से पिघले.

हिंदू कुश हिमालय (एचकेएच) क्षेत्र के ग्लेशियर और बर्फ से ढके पहाड़ 12 नदियों के लिए पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं जो इस क्षेत्र में रहने वाले करीब 24 करोड़ लोगों को स्वच्छ जल प्रदान करते हैं. शोधकर्ताओं ने जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने की चेतावनी दी, जिससे भीषण बाढ़ और हिमस्खलन होगा. इससे लगभग दो अरब लोगों के जीवन और आजीविका पर असर पड़ेगा. साथ ही पारंपरिक सिंचाई प्रणाली और फसलों को नुकसान के साथ ही मवेशियों का जीवन भी प्रभावित होगा.

अंतर-सरकारी संगठन, जिसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, भारत, म्यांमा और पाकिस्तान इसके सदस्य हैं, ने कहा, ”अनुमान है कि यदि ग्लोबल वार्मिंग दो डिग्री सेल्सियस से नीचे रहती है, तो एचकेएच ग्लेशियरों के वर्ष 2100 तक 30-50 प्रतिशत कम होने जबकि उच्च ग्लोबल वार्मिंग के स्तर की सूरत में ग्लेशियर के पिघलने की मात्रा 55 से 80 प्रतिशत तक होगी.”

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu