रायपुर में जीएसटी विभाग ने अवैध गुटखा कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खमतराई थाना क्षेत्र से करीब 2 करोड़ रुपये का गुटखा जब्त किया है।
मुखबिर की सूचना पर की गई छापेमारी के बाद अधिकारी स्टॉक और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि जब्त गुटखे के भंडारण और परिवहन में कर संबंधी अनियमितताएं हो सकती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने राज्य और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग को मामले की जानकारी दी है।
सूत्रों ने बताया कि संबंधित विभागों की टीम गुटखे के स्टॉक, खरीद-बिक्री और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गुटखा कहां से लाया गया था और किन-किन इलाकों में इसकी सप्लाई की जानी थी। इस कार्रवाई के बाद रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय गुटखा कारोबारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
पुलिस कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान करने के साथ यह भी पता लगा रही है कि इतने बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित गुटखे का भंडारण किस उद्देश्य से किया गया था।नक्शे देखें इससे पहले 26 सितंबर 2026 को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीम ने रायपुर के शदाणी दरबार मार्केट स्थित एक गोदाम में छापेमारी की थी। महाराष्ट्र से मिले इनपुट के आधार पर तीन वाहनों में अधिकारी कारोबारी के ठिकाने पर पहुंचे थे। जांच के दौरान गोदाम से 50 से अधिक बोरे सितार गुटखा मिले थे।
अधिकारियों ने मौके पर मौजूद गुटखे के स्टॉक और संबंधित दस्तावेजों की जांच की थी। गोदाम मालिक समेत कुछ लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई थी, ताकि जांच से जुड़े तथ्यों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके। सितंबर में हुई कार्रवाई के दौरान DGGI सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई थी कि संबंधित गोदाम का संबंध बंटी नामक गुटखा कारोबारी से बताया जा रहा था। दुर्ग में उसके एक कारोबारी साझेदार के होने की बात भी सामने आई थी।