नयी दिल्ली. आयकर विभाग ने 210 करोड़ रुपये की रिकवरी की मांग का हवाला देते हुए कांग्रेस के प्रमुख खाते ‘फ्रीज’ कर दिए, हालांकि बाद में आयकर अपीलीय अधिकरण ने अगले सप्ताह सुनवाई होने तक उसके खातों पर से रोक हटा दी. कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव की घोषणा से कुछ हफ्ते पहले खातों पर लगी रोक को ‘लोकतंत्र पर तालेबंदी’ करार दिया और कहा कि अगर यह रोक नहीं हटती तो उसकी राजनीतिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती थीं.
कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अजय माकन ने दावा किया कि आयकर विभाग और अपीलीय अधिकरण ने कहा है कि पार्टी को बैंक खातों में 115 करोड़ रुपये की राशि जमा रखनी होगी और इससे ऊपर की राशि ही खर्च की जा सकती है. उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ”हमारी याचिका पर आयकर विभाग और आयकर अपीलीय अधिकरण ने कहा है कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि 115 करोड़ रुपये बैंक खातों में रखे जाएंङ्घ हम उससे ऊपर की राशि ही खर्च कर सकते हैं. इसका मतलब है कि 115 करोड़ रुपये ‘फ्रीज’ कर दिए गए हैं. यह 115 करोड़ रुपये की राशि हमारे चालू खाते से कहीं अधिक है.”
उन्होंने आयकर विभाग के दो नोटिस की प्रति साझा करते हुए दावा किया, “दो नोटिस- पहला कांग्रेस के बैंकों को, और दूसरा युवा कांग्रेस के बैंकों को.” उनके मुताबिक, नोटिस में कहा गया है, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से 1,35,06,88,984 रुपये की राशि बकाया है… (+ युवा कांग्रेस बैंक खाते के लिए 75,17,97,015/- रुपये)..आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 226(3) के तहत आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप बैंक खाता संख्या 062304… और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नाम पर आपके बैंक में सावधि जमा से उपरोक्त दर्शाई गई राशि तक का तुरंत भुगतान करें.”
उन्होंने सवाल किया, “हमारे सभी बैंकरों को यह भेजा जा रहा है…क्या यह हमारे खातों को कुर्क/जब्त/फ्रीज करना नहीं है?” आयकर विभाग के आदेश के खिलाफ अधिकरण के समक्ष उपस्थित हुए पार्टी नेता एवं अधिवक्ता विवेक तन्खा ने कहा कि पार्टी को अब अपने बैंक खाते संचालित करने की अनुमति दे दी गई है. अंतिम निर्णय लेने से पहले अधिकरण अगले बुधवार को मामले की सुनवाई करेगा. तन्खा ने कहा कि उन्होंने अधिकरण को बताया कि यदि पार्टी के खाते ‘फ्रीज’ रहेंगे तो कांग्रेस ”चुनाव के उत्सव” में भाग नहीं ले सकेगी.
केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने विपक्षी दल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भारत की जनता द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तीसरा कार्यकाल दिए जाने के बाद कांग्रेस के नेताओं के पास अपने पसंदीदा विषयों पर विचार रखने के लिए बहुत समय होगा. उन्होंने कहा कि जब मोदी रिकॉर्ड अंतर से तीसरी बार जीतेंगे तो राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेता लोकतंत्र, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और न्यायपालिका पर बात करने के लिए विदेश यात्रा कर सकते हैं.
इससे पहले, माकन ने दावा किया था कि लोकसभा चुनाव की घोषणा से कुछ दिनों पहले वर्ष 2018-19 के आयकर रिटर्न को आधार बनाकर उसके कई बैंक खातों को ‘फ्रीज’ कर दिया गया तथा उससे 210 करोड़ रुपये की रिकवरी की मांग की गई है. माकन ने यह भी कहा था कि पार्टी की युवा इकाई भारतीय युवा कांग्रेस के खातों पर भी रोक लगाई गई है. कांग्रेस सूत्रों ने बताया था कि कुल नौ खाते ‘फ्रीज’ किए गए. बैंक खातों के ‘फ्रीज’ किए जाने के मुद्दे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार किए.
खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”सत्ता के नशे में चूर, मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव के ठीक पहले देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के खाते फ्रीज कर दिए हैं. यह लोकतंत्र पर गहरा आघात है.” उन्होंने आरोप लगाया, ”भाजपा ने जो असंवैधानिक धन इकट्ठा किया है, उसका इस्तेमाल वे चुनाव में करेंगे, लेकिन हमने क्राउडफंडिंग के जरिए जो पैसा इकट्ठा किया है, उसे सील कर दिया जाएगा. इसीलिए हमने कहा है कि भविष्य में कोई चुनाव नहीं होंगे!”
खरगे ने कहा, ”हम न्यायपालिका से अपील करते हैं कि इस देश में बहुदलीय व्यवस्था को बचाएं और भारत के लोकतंत्र को सुरक्षित करें. हम सड़कों पर उतरेंगे और इस अन्याय व तानाशाही के खिलाफ पुरजोर तरीके से लड़ेंगे.” राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”डरो मत मोदी जी, कांग्रेस धन की ताकत का नहीं, जन की ताकत का नाम है. हम तानाशाही के सामने न कभी झुके हैं, न झुकेंगे. भारत के लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर कांग्रेस कार्यकर्ता जी जान से लड़ेगा.”
माकन ने शुक्रवार को सुबह संवाददाताओं से कहा था, ”यह जानकर आप लोगों को आश्चर्य और दुख होगा कि भारत में लोकतंत्र पर पूरी तरह से तालाबंदी कर दी गई है. हम लोगों को परसों (14 फरवरी को) यह जानकारी मिली कि हम जो चेक जारी कर रहे हैं, बैंक उन्हें स्वीकार नहीं कर रहे हैं. जब हम लोगों ने आगे छानबीन की तब पता चला कि देश की मुख्य विपक्षी पार्टी के खाते फ्रीज कर दिए गए हैं.” उन्होंने दावा किया कि यह कांग्रेस पार्टी के खाते ‘फ्रीज’ नहीं हुए हैं, बल्कि देश का लोकतंत्र ‘फ्रीज’ हो गया है.
माकन ने सवाल किया, ”लोकसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने में जब सिर्फ दो हफ्ते रह गए हैं तो ऐसे समय में कांग्रेस के खाते फ्रीज करके सरकार क्या दिखाना चाहती है?” उन्होंने कहा था कि बृहस्पतिवार शाम भारतीय युवा कांग्रेस के खाते भी ‘फ्रीज’ कर दिए गए. कांग्रेस के कोषाध्यक्ष ने कहा कि 2018-19 के आयकर रिटर्न के आधार पर 210 करोड़ रुपये की रिकवरी मांगी गई है.
उनके अनुसार, “2018-19 चुनाव का वर्ष था और उसमें कुल 199 करोड़ रुपये की रसीद कांग्रेस पार्टी की थी, जो चुनाव में खर्च हुए थे…उसमें से 14 लाख 40 हजार रुपये वो थे जो हमारे कांग्रेस के सांसदों और विधायकों ने एक महीने की अपनी तनख्वाह नकद में जमा कराई कराई थी. इसकी वजह से 210 करोड़ रुपये की रिकवरी का जुर्माना कांग्रेस के ऊपर लगा दिया गया.” उन्होंने दावा किया कि अगर किसी के खाते सील होने चाहिए तो भारतीय जनता पार्टी के होने चाहिए क्योंकि उन्होंने ‘असंवैधानिक’ चुनावी बॉन्ड के जरिए कॉर्पोरेट जगत से पैसे लिए हैं.