नयी दिल्ली. कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि लाखों युवा विदेश में रोजगार ढूंढने को मजबूर हैं, लेकिन मोदी सरकार रोजगार सृजन के बजाय लगातार देश का ध्यान भटकाने में जुटी है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें दावा किया गया है कि देश में 57 प्रतिशत से अधिक स्नातक युवा बेरोजगार हैं.
उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, “आज युवा बेरोजगारी से हताश और निराश हैं. हालात इतने खराब हैं कि लाखों युवा विदेशों में जाकर रोजगार ढूंढने को मजबूर हैं, लेकिन मोदी सरकार रोजगार सृजन की बजाय लगातार देश का ध्यान भटकाने में जुटी रहती है.” उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के भयावह आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में 57.4 प्रतिशत स्नातक बेरोजग़ार हैं, क्योंकि डिग्री और कौशल में अंतर मानते हुए निजी कंपनियां व उद्योग उन्हें रोजगार योग्य नहीं मान रहे.
कांग्रेस महासचिव का कहना था , “मोदी सरकार का पूरा ध्यान अपने कुछ चुनिंदा मित्रों को फायदा पहुंचाने में है, जिस कारण भारत में आधे से ज्यादा युवा नौकरी पाने में नाकाम रहते हैं. उन्होंने सवाल किया कि युवा देश का भविष्य हैं, लेकिन अगर वे ही बेरोजगार रहेंगे, तो विकास कैसा? रमेश ने कहा कि सरकार जवाब दे कि शिक्षा प्रणाली को उद्योगों की ज.रूरतों के अनुरूप क्यों नहीं बदला गया? उन्होंने सवाल किया, “कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा में कब लाया जाएगा? डिग्रीधारी युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए सरकार की रणनीति क्या है?”
क्या अदाणी मामले में अमरीकी संस्था की मदद करेगी सरकार
कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार अदाणी समूह से जुड़े मामले में अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) की सहायता करेगी? एसईसी ने अमेरिका की एक संघीय न्यायाधीश को बताया है कि कथित रिश्वतखोरी मामले में गौतम अदाणी और सागर अदाणी के खिलाफ शिकायत संबंधी नोटिस पहुंचाने के उसके प्रयास ”जारी” हैं. इसके लिए भारतीय अधिकारियों से भी सहायता का अनुरोध किया गया है.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, “अमेरिकी के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) ने अभी-अभी न्यूयॉर्क जिला न्यायालय को सूचित किया है कि उसने गौतम अदाणी और उनके कुछ सहयोगियों द्वारा अमेरिकी कानूनों के उल्लंघन के मामले में शिकायतें दर्ज कराने के लिए मोदी सरकार से सहायता की मांग की है.” उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री पहले ही मोदानी मामले को व्यक्तिगत विषय घोषित कर चुके हैं. क्या वह एसईसी की सहायता करेंगे?”