बेरूत/यरूशलम. इजराइल और हिज्बुल्ला ने बृहस्पतिवार को सीमा पर हमले किये जबकि उग्रवादी समूह के नेता हसन नसरल्लाह ने समूह के उपकरणों पर हमलों का बदला लेने का संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि इजराइल ने हजारों पेजर को निशाना बनाया और उनमें विस्फोट किया.
हिज्बुल्ला नेता ने इस सप्ताह लेबनान में हुए विस्फोटों को लेकर इजराइल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई का संकल्प लेते हुए कहा कि दुश्मन को करारा जवाब दिया जायेगा. इस बीच हिज्बुल्ला ने उत्तरी इजराइल पर चार हमलों की घोषणा की. लेबनान के हिज्बुल्ला समूह के नेता ने बृहस्पतिवार को इजराइल के नेताओं को चुनौती दी कि जब तक गाजा में युद्ध जारी रहेगा, वे अपने घरों से विस्थापित हुए हजारों लोगों को उत्तरी इजराइल वापस नहीं भेज पाएंगे.
पेजर हमलों ने सारी हदें पार कर दी : हिज्बुल्ला नेता नसरल्ला
लेबनान स्थित आतंकवादी समूह हिज्बुल्ला के नेता हसन नसरल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि संचार उपकरणों के जरिये इस सप्ताह हुआ घातक हमला एक ”गंभीर झटका” था, जिसने सारी हदें पार कर दी. नसरल्ला ने कहा, ”हां, हमें बहुत बड़ा और गंभीर झटका लगा है. दुश्मन ने सभी हदें पार कर दी है.” नसरल्ला ने किसी अज्ञात स्थान से वीडियो जारी किया. हिज्बुल्ला आमतौर पर समर्थकों के लिए एक रैली बुलाता है ताकि वे नसरल्ला के भाषणों को बड़ी स्क्रीन पर देख सकें, लेकिन इस बार उन्होंने ऐसा नहीं किया.
इजराइल ने लेबनान और हिजबुल्ला को निशाना बनाकर युद्ध के ‘नये चरण’ की शुरुआत की
इजराइल द्वारा लेबनान में हिजबुल्ला आतंकवादियों को निशाना बनाये जाने के बाद इजराइली रक्षा मंत्री ने युद्ध के ‘नये चरण’ की शुरुआत की घोषणा की. सीरिया और लेबनान में हिजबुल्ला द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले पेजर को कथित रूप से इजराइल ने निशाना बनाकर मंगलवार को विस्फोट किये, जिसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हो गयी और करीब तीन हजार लोग घायल हुए. वहीं लेबनान में बुधवार को वॉकी-टॉकी और अन्य उपकरणों में हुए विस्फोट में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गयी और 450 से ज्यादा लोग घायल हुए.
इजराइल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने बुधवार को सैनिकों से कहा, ह्लहम युद्ध के नये चरण की शुरुआत कर रहे हैं, जिसमें साहस, ढृढ निश्चय और जिद की जरूरत होगी.ह्व हिजबुल्ला की कार्यकारी परिषद के प्रमुख ने वादा किया कि समूह मंगलवार को हुए पेजर विस्फोट हमले का कड़े शब्दों में जवाब देगा.
उपकरणों में किए गए धमाकों से हिज्बुल्ला को लगा बड़ा झटका, पर क्षति अपूरणीय नहीं : विश्लेषक
लेबनान में इस सप्ताह पेजर, वॉकी-टॉकी और अन्य उपकरणों में धमाके कर हिज्बुल्ला सदस्यों को निशाना बनाए जाने के बाद भयावह और हतप्रभ करने वाले दृश्य देखने को मिले. हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि इस हमले के बावजूद हिज्बुल्ला फिर से संगठित होने और संचार को स्थापित करने में सक्षम होगा लेकिन इस घटना का मनोवैज्ञानिक असर गहरा होगा.
इन धमाकों के लिए इजराइल को दोषी ठहराया जा रहा है. हालांकि, इजराइल ने न तो घटना में संलिप्त होने की पुष्टि की है और न ही इससे इनकार किया है. इन हमलों में दो बच्चों सहित कम से कम 37 लोग मारे गए जबकि 3,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं.
लेबनान की सेना के अवकाश प्राप्त जनरल इलियास हन्ना ने हमलों को ‘हिज्बुल्ला के लिए पर्ल हार्बर या 9/11” करार दिया है.
कार्नेगी मिडिल ईस्ट सेंटर थिंक टैंक के वरिष्ठ शोधार्थी मोहनद हेज अली ने कहा कि चूंकि धमाकों ने समूह के विभिन्न संस्थानों के लोगों को प्रभावित किया, इसलिए यह हमला ‘संगठन के सीने में घोंपा गये खंजर’ की तरह था. अली ने हिज्बुल्ला पर वृहद पैमाने पर अध्ययन किया है.
उन्होंने कहा, ‘इससे उबरने में समय लगेगा और जो लोग निशाना बनाए गए थे उनकी जगह नए लोगों को लाया जाएगा.” हालांकि, हेज अली और अन्य विश्लेषक इस बात पर सहमत हैं कि मानवबल की हानि कोई बहुत बड़ा झटका नहीं है.
हिज्बुल्ला के नेता हसन नसरल्लाह ने कहा है कि समूह के लड़ाकू बल की संख्या 100,000 से अधिक है.