श्रीनगर. यहां की एक अदालत ने 2022 में तेजाब हमले के आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है और 40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. अदालत ने जुर्माने की राशि उसकी संपत्ति से वसूलने का आदेश दिया है. अदालत ने अपराध को ‘नृशंस और अमानवीय’ करार दिया.
पीड़िता के वकील मीर नवीद गुल ने बताया, ” अदालत ने दोषी साजिद अल्ताफ राठेर को उम्र कैद की सजा सुनाने के साथ घटना को नृशंस व अमानवीय कृत्य करार दिया. आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 326ए (तेजाब का इस्तेमाल कर गंभीर रूप से जख्मी करना) और धारा-34(समान मंशा) के तहत दोषी करार दिया गया.” उन्होंने बताया, ” अदालत ने आरोपी पर 40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. जुर्माने की राशि उसकी संपत्ति से वसूल की जाएगी. अर्थदंड भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा- 421(1)(बी)के तहत लगाया गया.” अदालत ने भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 421(1)(बी) के तहत वारंट जारी कर जिलाधिकारी को राशि दोषी की चल या अचल या दोनों संपत्ति से वसूलने के लिए अधिकृत किया.
पीड़िता के वकील के मुताबिक घटना को एक फरवरी 2022 को दो लोगों ने अंजाम दिया था जिनमें से एक नाबालिग था. आरोपी विवाह प्रस्ताव ठुकराए जाने के लिए लड़की को ‘सबक सिखाना और बदला लेना’ चाहते थे. गुल ने बताया, ”न्याय की जीत हुई है.मुझे उम्मीद है कि यह फैसला नजीर की तरह होगा.” जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मामले में तीन लोगों साजिद अल्ताफ राथर, मोहम्मद सलीम कुमार उर्फ तोता एवं किशोर के खिलाफ एक हजार पन्ने का आरोप पत्र दाखिल किया था.
पुलिस ने अदालत ने संशोधित किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के तहत आरोपी किशोर को वयस्क मामने का अनुरोध किया था क्योंकि अधिनियम के मुताबिक जघन्य अपराध के मामले में 16 से 18 साल के आरोपी पर वयस्क के तौर पर मुकदमा चलाया जा सकता है. किशोर के खिलाफ अब भी किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष मामला चल रहा है जबकि कुमार को दोषी करार देते हुए तीन महीने कारावास की सजा सुनाई गई है.