कर्नाटक: नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच जारकिहोली के रात्रिभोज में पहुंचे मुख्यमंत्री सिद्धरमैया

Author: navabharat digital
UPDATED: Fri, 19 Dec 2025 05:14 PM
कर्नाटक: नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच जारकिहोली के रात्रिभोज में पहुंचे मुख्यमंत्री सिद्धरमैया
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बेलगावी: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया मंत्रियों और विधायकों के समूह के साथ बृहस्पतिवार को यहां वरिष्ठ मंत्री सतीश जारकिहोली द्वारा आयोजित रात्रिभोज में शामिल हुए। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। सिद्धरमैया के करीबी माने जाने वाले जारकिहोली के आवास पर आयोजित रात्रि भोज के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचातान की अटकलें एक बार फिर ताजा हो गईं।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में मंत्री जी. परमेश्वर, एच. सी. महादेवप्पा, बी. जेड. जमीर अहमद खान, एम. सी. सुधाकर, और विधायक ए. एस. पोनन्ना, नसीर अहमद शामिल थे। ये सभी सिद्धरमैया के करीबी माने जाते हैं। इससे पहले जारकिहोली ने 17 दिसंबर की रात को यहां एक होटल में 30 से अधिक “समान विचारों वाले” विधायकों को रात्रिभोज पर बुलाया था।

हालांकि, 17 दिसंबर के रात्रिभोज में सिद्धरमैया नहीं पहुंचे थे, लेकिन उनके बेटे व एमएलसी यतीन्द्र सिद्धरमैया, उनके करीबी व विधायक के. एन. राजन्ना रात्रिभोज में शामिल हुए। शुक्रवार को पत्रकारों द्वारा रात्रिभोज बैठक के बारे में पूछे जाने पर उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने कहा, “रात्रिभोज पर मिलने में क्या गलत है?”

शिवकुमार ने कहा, “उन्हें रात्रिभोज करने दीजिए, यह खुशी की बात है। क्या हम कह सकते हैं कि रात्रिभोज मत करो?” जब यह बताया गया कि बैठक में केवल कुछ लोग उपस्थित थे, तो शिवकुमार ने कहा, “मैं इस पर टिप्पणी क्यों करूं? वे रात्रिभोज के दौरान मिले। हम सब लोग (बेलगावी विधानसभा सत्र के लिए) अलग-अलग स्थानों से आए हैं। अगर सभी मिलते हैं तो उसमें क्या गलत है?”

इस बीच रात्रिभोज आयोजित करने वाले जारकिहोली ने कहा कि इसमें कुछ नया नहीं है और भविष्य में भी ऐसा होता रहेगा। उन्होंने कहा, ह्लहां, कल रात्रिभोज के दौरान बैठक हुई थी। मुख्यमंत्री और वरिष्ठ मंत्री इसमें शामिल हुए थे। यह पहली बार नहीं हो रहा है, पहले भी बेंगलुरू में ऐसा हुआ है और बेलगावी में भी ऐसा होता रहता है। भविष्य में भी होता रहेगा। इसमें कुछ नया नहीं है, न ही कोई राजनीति है।

सिद्धरमैया को ह्लनिवर्तमान मुख्यमंत्रीह्व कहे जाने के दावों को खारिज करते हुए जारकिहोली ने कहा, ह्लमुख्यमंत्री ने विधानसभा में खुद कहा था कि उनका कार्यकाल पांच साल का है। उन्होंने रात्रिभोज के लिए शिवकुमार को आमंत्रित न किए जाने के बारे में पूछे जाने पर कहा, ह्लउन्हें भी आमंत्रित किया जाएगा।मुख्यमंत्री के कानूनी सलाहकार और विधायक पोनन्ना ने कहा कि बैठक में राजनीतिक मामलों पर कोई चर्चा नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सूप पीने के बाद जल्दी ही चले गए, क्योंकि उनकी तबियत ठीक नहीं थी। उन्होंने कहा, ह्लभोज देर से हुआ क्योंकि शाम के समय कैबिनेट बैठक थी… इसमें कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने सिर्फ यह कहा कि सभी को सत्र के बाद पार्टी को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, और कुछ नहीं। हम सात-आठ लोग वहां थे।

एक सप्ताह पहले 30 से अधिक कांग्रेस विधायक व कुछ मंत्री बेलगावी के बाहरी इलाके में रात्रिभोज पर शिवकुमार से मिले थे। एक ओर रात्रिभोज में उपस्थित कुछ नेता इन बैठकों को “साधारण रात्रिभोज” बता रहे हैं, तो वहीं कुछ ने यह संकेत दिया है कि हो सकता है कि राज्य में राजनीतिक घटनाओं पर चर्चा की गई हो।

कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार के 20 नवंबर को ढाई साल पूरे हो गए थे, जिसके बाद से राज्य में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर अटकलें जारी हैं। सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच 2023 में हुए “सत्ता-साझा” समझौते से इन अटकलों को बल मिला है। हालांकि, हाल ही में दोनों नेता पार्टी आलाकमान के निर्देश पर एक-दूसरे के घर पर नाश्ते पर बैठक कर चुके हैं।

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