नयी दिल्ली. कांग्रेस ने हरियाणा के नूंह में एक पुलिस अधिकारी की खनन माफिया द्वारा कथित तौर पर हत्या किए जाने की घटना की निंदा करते हुए मंगलवार को कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. पार्टी ने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय की निगरानी में इस घटना की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में कहा, ‘‘कांग्रेस हरियाणा के नूंह में अवैध खनन माफिया द्वारा हरियाणा पुलिस के एक डीएसपी सुरेन्द्र सिंह की निर्मम हत्या की कड़ी निंदा करती है और दोषियों के खिलाफÞ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करती है. हमारी संवेदनाएं सुरेन्द्र सिंह के परिवार के साथ हैं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा कार्यकाल के दौरान हरियाणा में कानून व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है. सरकारी संरक्षण में फल-फूल रहे अवैध खनन माफियाओं की हिम्मत अब इतनी बढ़ गई है कि उन्होंने डीएसपी पर डंपर चढ़ाकर हत्या कर दी.’’ रमेश ने दावा किया, ‘‘यह शर्मनाक घटना हरियाणा में पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था का एक और ज्वलंत उदाहरण है, जहां अपराधी सरेआम तांडव कर रहे हैं और प्रदेश की जनता उन अपराधियों के खौफ के साए में जीने को मजबूर है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है और इस पूरे मामले की उच्च न्यायालय की देखरेख में स्वतंत्र जांच होनी चाहिए. इस शर्मनाक घटना के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह गया है और उन्हें अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए.
कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘‘यमुनानगर में यमुना पर पुल बना खुली लूट से लेकर भिवानी में नाजायजÞ खनन और नूंह तक खनन माफिया का ‘‘बेख़ौफÞ जंगलराज’’ कÞायम है. भाजपा-जजपा सरकार और खनन माफिया की सांठगांठ साफÞ है. प्रदेश के खजाने व खनिज संपदा की लूट निरंतर जारी है.’’ उन्होंने मांग की, ‘‘डीएसपी की हत्या की हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश या न्यायधीश के द्वारा न्यायिक जांच हो. 30 दिन में माफिया-सफÞेदपोशों की मिलीभगत बेनकÞाब हो. केवल छुटभैये कांिरदे नहीं, असली खनन माफिया की गिरफ्तारी हो! डीएसपी के परिवार को 5 करोड़ का मुआवजÞा व नौकरी मिले.’’
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, ‘‘जब कोई सरकार भ्रष्ट और अकर्मण्य हो जाए तब अपराधियों में कानून का भय पूरी तरह समाप्त हो जाता है. हरियाणा में 6 विधायकों को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद आज डीएसपी स्तर के अफÞसर की खुले आम हत्या! प्रदेश में कानून बनाने वाले विधायक व कानून की रक्षा करने वाली पुलिस दोनों ही सुरक्षित नहीं.’’ गौरतलब कि अवैध पत्थर खनन की जांच कर रहे तावड़ू के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सुरेंद्र सिंह की नूहं में कथित तौर पर एक ट्रक से कुचलकर हत्या कर दी गई.
वहीं, घटना के कुछ घंटों बाद पुलिस के साथ मुठभेड़ में एक व्यक्ति घायल हुआ है, जिसके बारे में माना जा रहा है कि वह डीएसपी को कुचलने वाले ट्रक का चालक है.