एलडीएफ, यूडीएफ ने वायनाड पुनर्वास के लिए केंद्र की ऋण शर्तों की आलोचना की, भाजपा का पलटवार

Author: navabharat digital
UPDATED: Sat, 15 Feb 2025 03:02 PM
एलडीएफ, यूडीएफ ने वायनाड पुनर्वास के लिए केंद्र की ऋण शर्तों की आलोचना की, भाजपा का पलटवार
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तिरुवनंतपुरम/त्रिशूर: वायनाड पुनर्वास के लिए केंद्र द्वारा 529.50 करोड़ रुपये के सशर्त ऋण ने केरल की राजनीति में उबाल ला दिया है और सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) तथा विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा(यूडीएफ) ने शर्तों की आलोचना की है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि दी गई राशि ‘‘वास्तव में अनुदान’’ है।

केरल के राजस्व मंत्री के राजन ने शनिवार को कहा कि वायनाड पुनर्वास के लिए केंद्र द्वारा स्वीकृत 529.50 करोड़ रुपये के ऋण में ऐसी शर्तें हैं जो ‘‘भयावह’’ और ‘‘भद्दा मजाक’’ हैं। केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीसन ने एक दिन पहले इन शर्तों, खास तौर पर 31 मार्च तक पूरी राशि का उपयोग करने की शर्त को ‘‘अव्यावहारिक’’ बताया था।

केरल की वामपंथी सरकार और विपक्षी यूडीएफ पर पलटवार करते हुए भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने कहा कि यह 50 साल का ब्याज मुक्त ऋण है ‘‘जो वास्तव में अनुदान है’’। उन्होंने यह भी कहा कि पिनराई विजयन सरकार तथा यूडीएफ को 50 साल बाद राशि चुकाने के बारे में ंिचता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि पांच साल बाद इसकी जिम्मेदारी ‘‘यहां राष्ट्रीय पार्टी पर आ जाएगी’’ जो स्पष्ट रूप से भाजपा की ओर इशारा है।

तिरुवनंतपुरम में सुरेंद्रन ने संवाददाताओं से कहा कि ‘‘इस मुद्दे पर चुप्पी साध लेने और राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय’’, सरकार को पिछले साल जुलाई में वायनाड में हुए भूस्खलन के पीड़ितों के पुनर्वास के लिए राशि का उपयोग करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।

भाजपा नेता ने कहा कि सभी मिलकर 31 मार्च की समयसीमा को बढ़ाकर अप्रैल या मई करने की मांग कर सकते हैं और उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस तरह के अनुरोध पर विचार करेगी। इससे पहले दिन में, मंत्री राजन ने कहा कि ऋण से जुड़ी शर्तें दर्शाती हैं कि वायनाड और केरल में भूस्खलन पीड़ितों के प्रति केंद्र सरकार के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है।

त्रिशूर में राजन ने संवाददाताओं से कहा कि केरल को बिना शर्त वित्तीय सहायता देने के बजाय केंद्र ने केवल कड़ी शर्तों के साथ ऋण दिया जिसमें 31 मार्च तक पूरी राशि का उपयोग करना भी शामिल है। मंत्री ने कहा, ‘‘ऋण की शर्तें भयावह हैं। राज्य को अगले 45 दिन के भीतर यानी 31 मार्च तक पूरी राशि का उपयोग करने का निर्देश देना एक भद्दा मजाक है।’’

इस बीच, वायनाड में एक टीवी चैनल से बात करते हुए आपदा प्रभावितों में से कुछ ने कहा कि वे इस घटनाक्रम से हताश हैं और कहा कि केंद्र और राज्य उन्हें गेंद की तरह एक पाले से दूसरे पाले में फेंक रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब प्रधानमंत्री यहां आए और पुनर्वास कार्य के लिए हरसंभव मदद का वादा किया तो हमें बड़ी उम्मीदें थीं।

लेकिन केंद्र सरकार ने राज्य को केवल ऋण दिया है। हमारे पास विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं रह गया है।’’ शुक्रवार को, राज्य के वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ने 31 मार्च तक राशि का उपयोग करने की शर्त को ‘‘अव्यावहारिक’’ बताया।

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