लंदन. ब्रिटेन को मंगलवार को लिज ट्रस के रूप में तीसरी महिला प्रधानमंत्री मिली, जिन्होंने अपनी पारी की शुरुआत विदेश और व्यापार मंत्री के तौर पर की और भारत के साथ मजबूत संबंधों का हमेशा समर्थन किया. ट्रस ने कंजर्वेटिव पार्टी के नेतृत्व चुनाव में भारतीय मूल के पूर्व चांसलर ऋषि सुनक को मात देकर 10 डाउंिनग स्ट्रीट (ब्रिटिश प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास) तक पहुंच बनाई है.
जॉनसन मंत्रिमंडल में वरिष्ठ मंत्री रहीं 47 वर्षीय ट्रस को अपनी पूर्ववर्ती महिला प्रधानमंत्रियों मार्गरेट थैचर और थेरेसा मे से कहीं अधिक मुश्किल दौर का सामना करना पड़ेगा क्योंकि देश में जीवनयापन की लागत में लगातार वृद्धि हो रही है. उन्हें अपनी पार्टी में भी गुटबाजी का सामना करना पड़ेगा क्योंकि नवीनतम कंजर्वेटिव पार्टी का नेतृत्व चुनाव 43 प्रतिशत के मुकाबले 57 प्रतिशत मतों से जीता है जिसे बहुत बड़ा अंतर नहीं माना जा रहा है.
लेकिन भारत के मोर्चे पर बात करें तो जॉनसन नीत सरकार में पूर्व अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री रहीं ट्रस ने भारत-ब्रिटेन उन्नत व्यापार साझेदारी (ईटीपी) पर पिछले साल हस्ताक्षर किए थे और उम्मीद की जा रही है कि मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए इस साल के अंत तक तय की गई समय सीमा के तहत आगे बढ़ेंगी.
उन्होंने भारत को ‘‘ बड़ा और अहम अवसर’’ करार दिया था और उनका मानना है कि भारत और ब्रिटेन ‘‘ व्यापार में जो गतिशीलता बनी है वह बेहतर स्थान पर है.’’ ईटीपी पर हस्ताक्षर करने के तुरंत बाद ट्रस ने कहा था, ‘‘हम विस्तृत व्यापार समझौते पर विचार कर रहे हैं जिसमें सब शामिल हो, वित्तीय सेवा से लेकर कानूनी सेवा तक, वस्तु से लेकर कृषि तक. हम मानते हैं कि इस समझौते पर शीघ्र हस्ताक्षर होने की प्रबल संभावना है, जिससे दोनों पक्षों की ओर से कर कम होगा, दोनों पक्ष एक दूसरे के अधिक सामान अपने यहां देखेंगे.’’ हाल में नेतृत्व के लिए चल रही दौड़ के दौरान पिछड़ने पर ट्रस ने पार्टी के कंजर्वेटिव फ्रेंड्स आॅफ इंडिया (सीएफआईएप) के कार्यक्रम में दोहराया था कि द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के मामले ‘‘वह बहुत ही प्रतिबद्ध’’ हैं.
उन्होंने प्रतिबद्धता जताई थी कि वह स्वयं भारत-ब्रिटेन एफटीए करना चाहती हैं जिसकी समय सीमा उनके पूर्ववर्ती ने तय की है. उन्होंने कहा कि संभवत्: यह समझौता दिवाली तक हो जाएगा, लेकिन निश्चित तौर पर इस साल के अंत तक इस समझौते को अमली जामा पहना दिया जाएगा.’’ ट्रस लगातार ंिहद प्रशांत क्षेत्र में रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर देती रही हैं ताकि ‘‘ स्वतंत्र नेटवर्क’’ के लक्ष्य को हासिल किया जा सके और चीन एव रूस की आक्रमता का मुकाबला किया जा सके. उन्होंने वादा किया कि ब्रिटेन का वीजा प्रशासन भारत से ‘‘बेहतरीन प्रतिभाओं’’ को आर्किषत करना जारी रखेगा.
गौरतलब है कि ट्रस का जन्म आॅक्सफोर्ड में हुआ था और उनके पिता गणित के प्रोफेसर थे जबकि मां नर्स और शिक्षिका थीं. उनकी परवरिश ब्रिटेन के विभिन्न इलाकों में हुई है. ट्रस की शादी आकउंटेंट ह्यूग ओ लेरी से हुई है और उनकी दो बेटिया हैं.
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने लिज ट्रस को ब्रिटेन का नया प्रधानमंत्री किया नियुक्त
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने कंजरवेटिव पार्टी की नेता लिज ट्रस को मंगलवार को औपचारिक रूप से ब्रिटेन का नया प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया. ट्रस देश की तीसरी महिला प्रधानमंत्री बनी हैं. वह 96 वर्षीय महारानी से मिलने के लिए स्कॉटलैंड के एबर्डीनशायर में उनके बाल्मोरल कैसल स्थित आवास पहुंचीं. महारानी ने औपचारिक रूप से ट्रस से नयी सरकार बनाने को कहा. इससे पहले प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने महारानी को अपना इस्तीफा सौंप दिया.
ट्रस महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के शासनकाल में देश की 15वीं प्रधानमंत्री हैं. पहले प्रधानमंत्री ंिवस्टन र्चिचल 1952 में बने थे.
गौरतलब है कि पहली बार सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया लंदन के बंिकघम पैलेस के बजाय एबर्डीनशायर स्थित शाही परिवार के ग्रीष्मकालीन आवास बाल्मोराल कैसल में हो रही है. महारानी ग्रीष्मकालीन आवास में रह रही हैं.
महारानी से मिलने के बाद 47 वर्षीय ट्रस लंदन स्थित 10 डाउंिनग स्ट्रीट के लिए निकल गयीं जहां वह प्रधानमंत्री के रूप में अपना पहला भाषण देंगी और इसके बाद कुछ प्रमुख कैबिनेट मंत्रियों के नाम की घोषणा करेंगी. ट्रस ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सोमवार को पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक को हरा दिया था.
माना जा रहा है कि ट्रस के शीर्ष दल में अटॉर्नी जनरल सुएला ब्रेवरमैन एकमात्र भारतीय मूल की सांसद हो सकती हैं. गोवा मूल की ब्रेवरमैन को पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल की जगह दी जा सकती है, जिन्होंने सोमवार को इस्तीफा दे दिया था. बोरिस जॉनसन के मंत्रिमंडल में उनकी करीबी सहयोगी के तौर पर प्रमुख भूमिका में रहने वाली भारतवंशी पटेल ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, ‘‘मैं पीछे रहकर उन अनेक नीतियों और मुद्दों को उठाऊंगी, जिनके लिए मैं सरकार के अंदर और बाहर दोनों जगह खड़ी रही हूं.’’ सुनक ने कंजरवेटिव पार्टी के नेता की दौड़ में हार के बाद कहा कि उन्हें अपने प्रचार अभियान पर गर्व है. उन्होंने संकेत दिया कि उनकी ट्रस सरकार में काम करने की योजना नहीं है.
नये मंत्रिमंडल में कारोबार मामलों के मंत्री क्वासी क्वारतेंग का नाम वित्त मंत्री के लिए चल रहा है, वहीं शिक्षा मंत्री जेम्स क्लीवरली को विदेश मंत्री की जिम्मेदारी दी जा सकती है, जिसे अब तक ट्रस खुद संभाल रही थीं. इनके अलावा ब्रिटिश पाकिस्तानी साजिद जाविद के साथ ही नदीम जहावी को भी बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है.
माना जा रहा है कि रक्षा मंत्री बेन वालेस, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री एनी-मैरी ट्रेवेल्यान और संस्कृति मंत्री एन डोरजी अपने पदों पर बने रह सकते हैं. ट्रस की करीबी दोस्त थेरेसी कॉफी स्वास्थ्य मंत्री के रूप में स्टीव बर्कले की जगह ले सकती हैं. ब्रिटेन के मीडिया की कुछ खबरों के मुताबिक मंत्रिमंडल में बदलाव के साथ ही डाउंिनग स्ट्रीट में भी बड़ा परिवर्तन हो सकता है तथा जॉनसन के कार्यकाल में रहे कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है या दूसरी जगहों पर भेजा जा सकता है.