जमीन से जुड़े शिवसैनिक अभी भी पार्टी के साथ: आदित्य ठाकरे

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 10 Jul 2022 06:27 PM
जमीन से जुड़े शिवसैनिक अभी भी पार्टी के साथ: आदित्य ठाकरे

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मुंबई. महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने रविवार को दावा किया कि पार्टी ने जिन लोगों पर भरोसा किया उनके विश्वासघात करने के बावजूद जमीनी कार्यकर्ता संगठन के साथ अब भी मजबूती से खड़े है. मुंबई के उत्तरी उपनगर दहिसर में अपनी ‘निष्ठा यात्रा’ के दौरान आदित्य ठाकरे ने कहा कि जो लोग शिवसेना छोड़ना चाहते थे, वे चले गए, लेकिन जमीनी स्तर के शिवसैनिक उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी का समर्थन करना जारी रखे हुए हैं.

उल्लेखनीय है कि पिछले महीने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के अधिकतर विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी और उससे राकांपा तथा कांग्रेस से संबंध तोड़ने को कहा था. पार्टी में विद्रोह के कारण उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी जिसके बाद 30 जून को शिंदे ने मुख्यमंत्री के रूप में और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के देवेंद्र फडणवीस ने उप-मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी.

विद्रोह के बाद से, उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री शिंदे के नेतृत्व वाले दोनों गुटों ने बार-बार असली शिवसेना होने का दावा किया है.
शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा, ”प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में हमारे पास दो से तीन दुर्जेय शिवसैनिक हैं…पुरुष और महिलाएं जो चुनाव में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से मुकाबला करने के लिए तैयार हैं.” बाद में, पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मंत्री ने कहा कि शिवसेना को उन लोगों ने ”धोखा” दिया है जिन पर वह भरोसा करती थी.  उन्होंने कहा, ”जो लोग जाने से खुश हैं उनमें नए चुनाव का सामना करने की हिम्मत होनी चाहिए. ‘मातोश्री’ (बांद्रा में ठाकरे का निजी आवास) के दरवाजे उन सभी के लिए खुले हैं जो वापस आना चाहते हैं.”

मुंबई की आरे कालोनी में वन्यजीव एवं जैव विविधता के संरक्षण की जरूरत: आदित्य ठाकरे

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने रविवार को मुंबई की आरे कॉलोनी में मेट्रो कार शेड बनाने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और कहा कि शहर में वन्यजीव और जैव विविधता को संरक्षित करने के लिए 808 एकड़ क्षेत्र को जंगल के रूप में आरक्षित किया गया था.

ठाकरे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं नयी राज्य सरकार (मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली) से अपील करता हूं कि वह हमारे खिलाफ गुस्सा मुंबई पर न निकाले.’’ उन्होंने कहा कि पिछली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार, जिसमें उन्होंने पर्यटन एवं पर्यावरण मंत्री के रूप में काम किया था, ‘‘मुंबई समर्थक, महाराष्ट्र समर्थक और सतत विकास की समर्थक थी.’’ गोरेगांव पश्चिमी उपनगर स्थित आरे वन को प्राय: शहर का ‘फेफड़ा’ कहा जाता है जहां बड़ी संख्या में तेंदुए सहित वनस्पतियों और जीवों की लगभग 300 विभिन्न प्रजातियां पाई जाती हैं. हरित कार्यकर्ता आरे में कार शेड के लिए पेड़ काटने का पुरजोर विरोध कर रहे हैं.

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में राज्य के महाधिवक्ता और प्रशासन को पूर्वी उपनगर कांजुरमार्ग के बजाय आरे कॉलोनी में कार शेड बनाने का प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था. कांजुरमार्ग का चयन पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार ने किया था.

By Yogesh Kumar Sahu