नरसिंहानंद के शिष्यों का शीर्ष अदालत के बाहर प्रदर्शन, आत्महत्या करने के लिये ‘कानूनी मंजूरी’ मांगी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 07 Oct 2022 09:37 PM
नरसिंहानंद के शिष्यों का शीर्ष अदालत के बाहर प्रदर्शन, आत्महत्या करने के लिये ‘कानूनी मंजूरी’ मांगी
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नयी दिल्ली/गाजियाबाद. उच्चतम न्यायालय के बाहर शुक्रवार को प्रदर्शन कर रहे 10 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जिनके बारे में विवादास्पद पुरोहित नरसिंहानंद ने दावा किया कि वे ‘‘जिहादियों’’ से बार-बार हत्या की धमकी मिलने के कारण आत्महत्या करने के लिए ‘‘कानूनी मंजूरी’’ मांगने वहां गए थे.

गाजियाबाद में डासना देवी मंदिर से नरसिंहानंद ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि उनके ‘‘नौ शिष्यों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और शाम करीब पांच बजे उन्हें रिहा कर दिया.’’ दिल्ली पुलिस के अनुसार, शीर्ष अदालत के बाहर प्रदर्शन के आरोप में 10 लोगों को हिरासत में लिया गया था और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया.

इससे पहले, दिन में जारी एक वीडियो क्लिप में नरसिंहानंद ने कहा था, ‘‘मेरे शिष्य शुक्रवार सुबह उच्चतम न्यायालय के लिए निकले हैं, क्योंकि वे जिहादियों द्वारा सिर कलम किये जाने की धमकी से काफी डरे हुए हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं और मेरे शिष्य इस्लामी आतंकवादियों का मुख्य निशाना हैं और हमें कई बार सिर कलम करने की धमकी मिल चुकी है. जिस तरह से जिहादी हिंदुओं की हत्या कर रहे हैं वह बहुत पीड़ादायक और भयावह है.’’

नरसिंहानंद ने दावा किया, ‘‘कोई सरकार हिंदू संतों को सुरक्षा नहीं मुहैया कराती है. जब हम एहतियाती कदम के बारे में चर्चा करते हैं तो कानून और पुलिस हमें जेल में डाल देती है, जहां हमें यातना दी जाती है.’’ मेरठ में एक व्यक्ति का सिर कलम किए जाने के विरोध में नरसिंहानंद के वहां प्रस्तावित मार्च से पहले बृहस्पतिवार को उन्हें हिरासत में ले लिया गया था.

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने उनकी हिरासत की अवधि शनिवार तक बढ़ा दी है और उन्हें मंदिर परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी. इस बीच, पुलिस अधीक्षक (एसपी) (देहात) इराज राजा ने कहा कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए मंदिर के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है.

दिल्ली में दया मृत्यु की मांग करने जा रहे मेरे शिष्यों को गिरफ्तार किया, फिर छोड़ा: यति नरंिसहानंद

गाजियाबाद में डासना देवी मंदिर के महंत और महामंडलेश्वर यति नरंिसहानंद गिरी ने शुक्रवार को दावा किया कि उच्चतम न्यायालय में दया मृत्यु की अनुमति मांगने जा रहे उनके नौ शिष्यों को दिल्­ली में तिलक मार्ग पर पुलिस ने गिरफ्तार किया और उन्­हें शाम को छोड़ दिया.

शुक्रवार को जारी एक बयान और वीडियो क्लिंिपग में यति ने कहा, ”शुक्रवार की सुबह नौ साधु उच्चतम न्­यायालय के लिए रवाना हुए. इस्लामिक जिहादियों के सिर काटने की धमकियों से मेरे संन्यासी डरे हुए हैं, क्योंकि कई बार मुझे अपने शिष्यों के साथ सिर काटने की धमकी मिली है.” उन्­होंने कहा कि वह और उनके शिष्य मुस्लिम आतंकवादियों के मुख्य लक्ष्य हैं. महंत ने कहा कि जिहादी जिस तरह से हिंदुओं को मार रहे हैं, वह बहुत ही दर्दनाक और भयानक है और किसी भी सरकार ने हिंदू संतों को सुरक्षा प्रदान नहीं की है.

यति ने कहा कि यदि हम निवारक तरीकों के बारे में चर्चा करते हैं, तो पुलिस और न्यायपालिका कार्रवाई करती है और हमें जेल भेजती है, जहां हमें प्रताड़ित किया जाता है. उन्होंने कहा कि जिला पुलिस और प्रशासन ने उनको नजरबंद करने की अवधि शनिवार तक बढ़ा दी है, जिससे उन्हें पवित्र मंदिर परिसर से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी.

बाद में शाम को यति ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सभी नौ साधुओं को दिल्ली पुलिस ने शाम करीब पांच बजे रिहा कर दिया. इस बीच पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) इराज राजा ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए डासना देवी मंदिर के बाहर पर्याप्त बल तैनात किया गया है.

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