मुंबई. मुंबई पुलिस को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि शिवसेना के बागी विधायक असम के गुवाहाटी से मुंबई कब पहुंचेंगे, लेकिन हवाई अड्डों को अलर्ट करने सहित विभिन्न तैयारियां जारी हैं. एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में विधायकों ने 21 जून को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी और पहले पड़ोसी राज्य गुजरात के सूरत और फिर असम चले गए थे. दोनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है.
अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने हवाई अड्डों को अलर्ट कर दिया है और र्किमयों को तैनात कर दिया है. हमें नहीं पता कि ये विधायक कब यहां आएंगे. विधायकों ने वहां (गुवाहाटी) होटल प्रबंधन से अपने ठहरने की अवधि 28 जून तक बढ़ाने को कहा है.’’ इस बीच, ठाकरे के प्रति वफादार शिवसेना कार्यकर्ताओं ने राज्य के कई हिस्सों में रैलियां और विरोध प्रदर्शन किए. उन्होंने प्रभादेवी में पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के कार्यालय से दादर तक एक मोटरसाइकिल रैली निकाली जबकि यवतमाल के विधायक संजय राठौड़ का पुतला भी फूंका गया.
अधिकारियों ने कहा कि शिवसेना के कुछ कार्यकर्ताओं ने उस्मानाबाद के विधायक बालाजी कल्याणकर के घर पर हमला करने की कोशिश की.
नासिक में शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने ठाकरे के समर्थन में नारेबाजी के बीच अमरधाम शवदाहगृह तक प्रदर्शन मार्च में बागी विधायकों का सांकेतिक रूप से अंतिम संस्कार किया. उन्होंने कहा कि बागी विधायक जमीन पर कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत के कारण विधायक बने थे लेकिन वे सत्ता के लिए अपने मतदाताओं को धोखा देने से बाज नहीं आए.
वहीं, शिंदे के समर्थन में भी रैली आयोजित की गई. ठाणे और पालघर तथा रायगढ़ के आसपास के इलाकों में शिंदे के समर्थकों ने प्रदर्शन किया. अधिकारियों ने बताया कि 16 बागी विधायकों के आवासों पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की सुरक्षा दी गयी है. विधानसभा उपाध्यक्ष ने इन 16 बागी विधायकों को नोटिस जारी कर उन्हें अयोग्य करार देने के शिवसेना के आवेदन पर उनसे जवाब मांगा है.