दुकानदारों के नाम लिखने का आदेश लोकतंत्र पर हमला, इसे वापस लिया जाए: प्रियंका गांधी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 19 Jul 2024 07:48 PM
दुकानदारों के नाम लिखने का आदेश लोकतंत्र पर हमला, इसे वापस लिया जाए: प्रियंका गांधी
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नयी दिल्ली. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के मार्ग में पड़ने वाली दुकानों के मालिकों के नाम लिखने का आदेश विभाजनकारी तथा संविधान एवं लोकतंत्र पर हमला है. उन्होंने कहा कि यह आदेश वापस लिया जाना चाहिए और इसे जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. मुजफ्फरनगर पुलिस ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों को अपने मालिकों के नाम प्रर्दिशत करने का आदेश दिया है, ताकि ह्लभ्रम की स्थितिह्व से बचा जा सके. विपक्षी दल इस आदेश को समुदाय विशेष के व्यापारियों को निशाना बनाने के प्रयास के तौर पर देख रहे हैं.

प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”हमारा संविधान हर नागरिक को गारंटी देता है कि उसके साथ जाति, धर्म, भाषा या किसी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं होगा. उत्तर प्रदेश में ठेलों, खोमचों और दुकानों पर उनके मालिकों के नाम का बोर्ड लगाने का विभाजनकारी आदेश हमारे संविधान, हमारे लोकतंत्र और हमारी साझी विरासत पर हमला है.” उन्होंने कहा, ”समाज में जाति और धर्म के आधार पर विभाजन पैदा करना संविधान के खिलाफ अपराध है. यह आदेश तुरंत वापस लिया जाना चाहिए और जिन अधिकारियों ने इसे जारी किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.”

मुजफ्फरनगर पुलिस के आदेश पर चिराग ने कहा: जाति या धर्म के नाम पर किसी भी विभेद का समर्थन नहीं करता

केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भोजनालयों के मालिकों से उनके नाम प्रर्दिशत करने संबंधी मुजफ्फरनगर पुलिस के आदेश का खुलकर विरोध करते हुए कहा है कि वह जाति या धर्म के नाम पर भेद किए जाने का कभी भी समर्थन नहीं करेंगे.

यह पूछे जाने पर कि क्या वह मुजफ्फरनगर पुलिस के आदेश से सहमत हैं, पासवान ने ‘पीटीआई’ के संपादकों के साथ बातचीत में कहा, ”नहीं, मैं बिलकुल सहमत नहीं हूं.” उन्होंने पीटीआई के विशेष कार्यक्रम ‘4 पार्लियामेंट स्ट्रीट’ में यह भी कहा कि उनका मानना ??है कि समाज में अमीर और गरीब दो श्रेणियों के लोग मौजूद हैं तथा विभिन्न जातियों एवं धर्मों के व्यक्ति इन दोनों ही श्रेणियों में आते हैं. उनसे पहले भाजपा की दो अन्य सहयोगी पार्टियां जनता दल (यूनाइटेड) और राष्ट्रीय लोक दल भी मुजफ्फरनगर पुलिस के आदेश का खुलकर विरोध कर चुकी हैं.

पासवान ने कहा, ”हमें इन दोनों वर्गों के लोगों के बीच की खाई को पाटने की जरूरत है. गरीबों के लिए काम करना हर सरकार की जिम्मेदारी है, जिसमें समाज के सभी वर्ग जैसे दलित, पिछड़े, ऊंची जातियां और मुस्लिम भी शामिल हैं. समाज में सभी लोग हैं. हमें उनके लिए काम करने की आवश्यकता है.” उन्होंने कहा, ”जब भी जाति या धर्म के नाम पर इस तरह का विभेद होता है, तो मैं न तो इसका समर्थन करता हूं और न ही इसे प्रोत्साहित करता हूं. मुझे नहीं लगता कि मेरी उम्र का कोई भी शिक्षित युवा, चाहे वह किसी भी जाति या धर्म से आता हो, ऐसी चीजों से प्रभावित होता है.”

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