पीएम मोदी का बस्तर में संबोधन: 47 साल में पहली बार एक साल में CRPF का कोई जवान शहीद नहीं, जानें भाषण की पांच बड़ी बातें

प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ सफलता का श्रेय जवानों को दिया, खतरा पूरी तरह खत्म न होने की बात कही और गरीबी उन्मूलन पर भी बोले।
Author: www.navabharat.news
UPDATED: Sun, 08 Nov 2026 03:09 PM
पीएम मोदी का बस्तर में संबोधन: 47 साल में पहली बार एक साल में CRPF का कोई जवान शहीद नहीं, जानें भाषण की पांच बड़ी बातें
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बस्तर में जवानों के साथ दीपावली मनाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के मौके पर छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ त्योहार मनाया। संबोधन में उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को देश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 2026 की दीपावली खास है, क्योंकि देश दशकों पुरानी नक्सलवाद की लड़ाई जीत चुका है। साथ ही उन्होंने आगाह किया कि खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

1. नक्सलवाद का डर खत्म, हर जिला नक्सलवाद से मुक्त
पीएम मोदी ने कहा कि यह पहली दिवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय सुरक्षा बलों के साहस और समर्पण को दिया। उन्होंने सतर्क रहने की जरूरत बताई और कहा कि देश का हर जवान उनके परिवार का हिस्सा है।

2. 47 साल में पहली बार एक साल में CRPF का कोई जवान शहीद नहीं
प्रधानमंत्री ने कहा कि मजबूत इरादों और सही रणनीति के साथ देश के दुश्मनों का सामना करना होगा। उनके मुताबिक जिस राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी, उसे 2014 में मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि 47 साल में पहली बार पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान सीआरपीएफ का एक भी जवान बलिदान नहीं हुआ। इसे उन्होंने सही नीतियों, मजबूत इरादों और जवानों के शौर्य, साहस और संयम की जीत बताया।

3. पिछली सरकारों पर निशाना
पीएम मोदी ने कहा कि 2004 से 2013 के आंकड़ों में हर साल नक्सलियों के मारे जाने की तुलना में जवानों के बलिदान की संख्या ज्यादा थी। उनके अनुसार उस समय की सरकारों ने नक्सलवाद को लाइलाज बीमारी मान लिया था। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने लोगों से वोट डालने का अधिकार तक छीन लिया था और एक साल में नक्सली हमलों की संख्या 2,000 तक पहुंच गई थी। उन्होंने 2010 में दंतेवाड़ा में सीआरपीएफ के 76 जवानों के बलिदान और उसी साल एक अन्य घटना में 44 निर्दोष नागरिकों की मौत का जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान अकेले छत्तीसगढ़ में 1,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी बलिदान हुए।

4. ‘दिमागी नक्सलियों’ पर क्या बोले पीएम?
प्रधानमंत्री ने कहा कि जंगलों से हथियारबंद माओवादियों का सफाया हो चुका है, लेकिन ‘दिमागी नक्सलियों’ का खतरा अब भी बना हुआ है। उनके अनुसार ऐसे तत्वों ने कई राजनीतिक दलों और संगठनों में घुसपैठ कर ली है और वे लोगों को संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ भड़काने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि इनकी पहचान कर इन्हें परास्त करना होगा और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

5. 12 वर्षों में 50 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने नक्सलवाद और अलगाववाद के साथ गरीबी के खिलाफ भी बड़ी लड़ाई जीती है। उन्होंने बताया कि दिवाली से कुछ दिन पहले विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया कि इस दौरान भारत के 50 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने कल्याणकारी योजनाओं की तुलना रंगोली से करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने गरीबों को लगातार सशक्त बनाने का काम किया।

नोट: सभी दावे और आंकड़े प्रधानमंत्री के भाषण के हैं, इसलिए खबर में ‘पीएम ने कहा’ या ‘पीएम के अनुसार’ का जिक्र बनाए रखें। विश्व बैंक रिपोर्ट और CRPF के आंकड़ों का प्रकाशन से पहले आधिकारिक स्रोत से मिलान कर लें। ‘दिमागी नक्सली’ वाले बयान पर विपक्ष की प्रतिक्रिया मूल खबर में नहीं है, मिले तो जोड़ सकते हैं।

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