पोखरण. राजस्थान में यहां मंगलवार को ‘भारत शक्ति’ अभ्यास के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पोखरण भारत की ”आत्मनिर्भरता, विश्वास और आत्म-गौरव” का गवाह बन गया है. सेना के तीनों अंगों का समन्वित अभ्यास पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में करीब 50 मिनट तक हुआ, जहां भारत ने अपने स्वदेशी रक्षा उपकरणों की उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया.
हल्के लड़ाकू विमान तेजस ने आसमान में गर्जना की और अत्याधुनिक हल्के हेलीकॉप्टर एमके-4 ने उड़ान भरी, जबकि मुख्य लड़ाकू टैंक अर्जुन और के-9 वज्र, धनुष तथा सारंग तोपखाना प्रणालियों ने जमीन पर गोलाबारी की. पिनाक उपग्रह प्रणाली जैसे प्लेटफॉर्म और कई ड्रोन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा, ”भारत शक्ति अभ्यास के दौरान आसमान में विमान की गर्जना और जमीन पर प्रर्दिशत किया गया पराक्रम नये भारत का आह्वान है.” उन्होंने याद किया कि यह पोखरण ही था, जहां अतीत में भारत का परमाणु परीक्षण किया गया.
मोदी ने कहा, ”पोखरण भारत की आत्मनिर्भरता, विश्वास और आत्म-गौरव का गवाह बन गया है.” यह अभ्यास जैसलमेर शहर से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर किया गया, जिस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उपस्थित थे. रक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने कहा कि इतने व्यापक स्तर पर किया गया अपनी तरह का यह पहला अभ्यास है जो किसी (उत्तरी या पश्चिमी सीमा की) दिशा या किसी विरोधी के प्रति निर्देशित नहीं था.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने रविवार को कहा था, ”यह स्वदेश में तैयार किये गए समाधानों के जरिये समकालिक और भविष्य की चुनौतियों का मुकाबला करने एवं उनसे निपटने की भारत की तैयारियों का एक स्पष्ट संकेत देते है. साथ ही, ‘भारत शक्ति’ वैश्विक स्तर पर देश की रक्षा क्षमताओं की मजबूती और इसमें नवाचार को प्रर्दिशत करता है.”