जापान में बंदरगाह पर विस्फोट, प्रधानमंत्री किशिदा बाल-बाल बचे

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Sat, 15 Apr 2023 04:07 PM
जापान में बंदरगाह पर विस्फोट, प्रधानमंत्री किशिदा बाल-बाल बचे
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तोक्यो: जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा शनिवार सुबह पश्चिमी जापान के एक बंदरगाह पर विस्फोट में बाल-बाल बच गए। अधिकारियों ने बताया कि किसी ने कार्यक्रम स्थल पर विस्फोटक फेंका था। पुलिस ने एक संदिग्ध को मौके पर ही दबोच लिया।
विस्फोट में कोई घायल नहीं हुआ और किशिदा की शनिवार को प्रचार अभियान जारी रखने की योजना है।

बहरहाल, इस घटना ने नौ महीने पहले किशिदा के पूर्ववर्ती ंिशजो आबे की पश्चिमी शहर नारा में एक चुनाव प्रचार अभियान के दौरान हुई हत्या की यादें ताजा कर दी हैं। किशिदा स्थानीय चुनाव में अपनी सत्तारूढ़ पार्टी के एक उम्मीदवार का उत्साहवर्धन करने के लिए वाकायामा के साईकजाकी बंदरगाह पहुंचे थे। प्रधानमंत्री अपना भाषण शुरू करने ही वाले थे कि वहां विस्फोट हो गया।

मुख्य कैबिनेट मंत्री हिरोकाजु मात्सुनो ने पत्रकारों को बताया कि संदिग्ध माने जा रहे एक युवक को शनिवार को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया गया। उसने कथित तौर पर कोई ‘‘संदिग्ध वस्तु’’ फेंकी थी। टीवी पर प्रसारित फुटेज में पकड़े गए व्यक्ति के आसपास वर्दी और सादे कपड़े पहने कई पुलिस अधिकारी नजर आ रहे हैं और उसे जमीन पर घसीटते हुए ले जाते दिख रहे हैं।

अभी यह पता नहीं चल सका है कि विस्फोट किस वजह से हुआ, लेकिन कुछ खबरों में कहा गया है कि यह स्मोक या पाइप बम था।
मात्सुनो ने संदिग्ध की मंशा और उसकी पृष्ठभूमि पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि पुलिस जांच कर रही है। जापान में एक अहम अंतरराष्ट्रीय बैठक की पूर्व संध्या पर हुई इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।

मात्सुनो ने बताया कि किशिदा को चोट नहीं आई है और उनकी शनिवार को चुनावी भाषण देने की योजना है। उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और हमें कभी धमकियों या ंिहसा से अवरोध को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री का चुनाव प्रचार कार्यक्रम जारी रखने का फैसला इसी संदर्भ में है।’’

मात्सुनो ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय पुलिस को मई में होने वाले जी7 सम्मेलन से पहले इस सप्ताहांत बैठकों में हिस्सा लेने के लिए जापान आ रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के वास्ते हरसंभव प्रयास करने का निर्देश दिया है। आबे की हत्या ने देश को स्तब्ध कर दिया था। घटना की जांच में उनकी सुरक्षा में चूक का पता चला था। इसके बाद, जापान में पुलिस सुरक्षा उपायों में बदलाव किया गया था।

जापान में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, क्योंकि रविवार को जी-7 के विदेश मंत्रियों की बैठकों के लिए दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोकतंत्र के कुछ वरिष्ठ राजनयिक यहां पहुंचे हैं। किशिदा अपने गृह नगर हिरोशिमा में 19 से 21 मई को जी-7 नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने एनएचके को बताया कि वह भीड़ में शामिल थी, तभी उसने पीछे से हवा में कुछ आते हुए देखा और अचानक विस्फोट की तेज आवाज सुनी, जिसके बाद वह अपने बच्चों के साथ भाग गई। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि लोग चिल्ला रहे थे और उसने विस्फोट से ठीक पहले एक व्यक्ति को पकड़े जाते देखा।

आबे की हत्या के लिए हमलावर ने कथित तौर पर देसी बंदूक से गोली चलाई थी। हमलावर तेत्सुया यामागामी पर हत्या और बंदूक नियंत्रण कानून के उल्लंघन समेत कई अन्य आरोप लगाए गए हैं। आबे के कथित हत्यारे ने जांचकर्ताओं को बताया था कि उसने जापान के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक आबे की हत्या इसलिए की थी, क्योंकि उनके एक धार्मिक समूह से संबंध थे, जिससे वह नफरत करता था।

जन सुरक्षा और कड़े बंदूक कानून के लिए पहचाने जाने वाले जापान में इस हत्या के बाद कई शीर्ष स्थानीय और राष्ट्रीय पुलिस अधिकारियों ने इस्तीफे दे दिया था। साथ ही नेताओं और अन्य प्रतिष्ठित लोगों की सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश कड़े किए गए थे।

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