आगरा/दुमका/पटना/खंडवा/राजगढ़. उत्तर प्रदेश में आगरा के मिश्रित आबादी वाले कस्बे फतेहपुर सीकरी में मुहर्रम के जुलूस के दौरान फलस्तीन के समर्थन में नारेबाजी करने पर पुलिस ने बुधवार देररात सात युवकों को गिरफ्तार किया. देर रात नारेबाजी का वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित किये जाने के बाद हड़कंप मच गया था. पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है.
इस संबंध में बृहस्पतिवार को डीसीपी ग्रामीण पश्चिम सोनम कुमार के अनुसार, मुहर्रम के जुलूस के दौरान बुधवार शाम फतेहपुर सीकरी में माहौल बिगाडऩे की कोशिश की गई. देर शाम कस्बे के मुख्य बाजार से मुहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था.
पुलिस ने कहा कि बुलंद दरवाजा के पास स्थित बस्ती के युवक ताजिये लेकर तेहरा गेट के करबला की ओर जा रहे थे. पुलिस के मुताबिक मुख्य बाजार पहुंचते ही कुछ युवक एक स्थान पर रुककर फलस्तीन जिंदाबाद के नारे लगाने लगे.
नारेबाजी का वीडियो देर रात सोशल मीडिया पर वायरल 1.15 मिनट के इस वीडियो में युवक एक घर के सामने खड़े होकर जोर-जोर से नारे लगाते दिख रहे हैं. इसके बाद देर रात मुकदमा दर्ज करके सात युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया. अन्य युवकों को चिह्नित कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है.
झारखंड में मुहर्रम के जुलूस में फलस्तीनी झंडा लहराने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार
झारखंड के दुमका जिले में मुहर्रम के जुलूस के दौरान फलस्तीनी झंडा लहराने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. इस सिलसिले में एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है. इस घटना का वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. वीडियो में कुछ युवकों को दुमका जिले में दुधानी चौक पर मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक वाहन पर फलस्तीनी झंडे कथित तौर पर लहराते और नारे लगाते देखा गया. इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की.
दुमका नगर थाना प्रभारी अमित कुमार लकड़ा ने कहा, ”हमने मुहर्रम जुलूस के दौरान फलस्तीनी झंडा लहराने के आरोप में देवघर सब्जी मंडी के एक निवासी को दुधानी स्थित उसके रिश्तेदार के घर से गिरफ्तार किया है. हमने एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया है. उनसे पूछताछ जारी है .” इससे पहले दुमका के उपमंडल पुलिस अधिकारी विजय कुमार महतो ने कहा था कि जांच जारी है और यदि वीडियो क्लिप सही पाई गई तो कार्रवाई की जायेगी.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर ऐसा ही एक वीडियो साझा किया था. उन्होंने ”तालिबानी मानसिकता” वाले ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी. मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि ऐसी घटनाएं उनके प्रशासन की ”मुस्लिम तुष्टीकरण” नीति का नतीजा हैं.
खंडवा में मुहर्रम के जुलूस में ‘फलस्तीनी झंडा लहराने’ के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में लिया
मध्य प्रदेश के खंडवा शहर में ताजिया जुलूस के दौरान कथित तौर पर फलस्तीनी झंडा लहराने के आरोप में पुलिस ने कम से कम तीन लोगों को हिरासत में लिया है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. राज्य के राजगढ़ जिले में पुलिस ने एक वीडियो में कथित तौर पर फलस्तीनी झंडा लहराते हुए दिखे एक नाबालिग लड़के को भी हिरासत में लिया था, लेकिन पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया.
मुस्लिम समुदाय ने ‘आशूरा’ के मौके पर बुधवार को पूरे देश में ताजिया जुलूस निकाले. 680 ईस्वी में इराक के कर्बला में पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हसन को मुहर्रम (इस्लामी महीने) की 10 तारीख को कत्ल कर दिया गया था. खंडवा के पुलिस अधीक्षक मनोज राय ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ह्लविश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक अहम नेता ने हमारे पास शिकायत दर्ज कराई है कि ताजिया जुलूस के दौरान फलस्तीनी झंडा लहराया गया और आरोप लगाया कि ऐसा सांप्रदायिक उन्माद भड़काने के लिए किया गया.ह्व उन्होंने कहा कि इसके बाद तीन कम से कम तीन लोगों को हिरासत में लिया गया.
उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि उनके मकसद का पता चल सके. राय ने कहा, “हम कानून के मुताबिक कार्रवाई करेंगे.” पुलिस के उपमंडल अधिकारी उपेंद्र भाटी ने कहा कि पुलिस ने एक वीडियो में कथित तौर पर फलस्तीनी झंडा लहराते हुए दिखे एक नाबालिग लड़के को हिरासत में लिया था, लेकिन पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया.
हालांकि, इन दोनों जिलों की पुलिस ने इस बात से इनकार किया कि ये झंडे हमास के थे. उन्होंने यह भी कहा कि जुलूस के दौरान इजराइल विरोधी नारे नहीं लगाए गए लेकिन प्रत्यक्षर्दिशयों ने कहा कि जुलूस के दौरान खंडवा शहर के शिवाजी चौक पर कुछ लोगों ने इजराइल विरोधी नारे लगाए.
फलस्तीनी झंडे लहराने में कुछ भी गलत नहीं है: भाकपा माले महासचिव दीपांकर
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने हाल के दिनों में बिहार सहित देश के अन्य हिस्सों में फलस्तीनी झंडे लहराने पर लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की है. पटना में बृहस्पतिवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए वामपंथी नेता ने रिलायंस समूह के प्रमुख मुकेश अंबानी के बेटे की शादी में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद सहित ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों के अन्य नेताओं के शामिल होने पर भी आपत्ति जतायी.
उन्होंने कहा, ”हम बिहार और देश के अन्य हिस्सों में फलस्तीनी झंडा लहराने वालों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लेने की मांग करते हैं. भारत ने फलस्तीन को मान्यता दी है और यही नीति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासन में भी जारी है. इसलिए उन लोगों पर कोई गलत काम करने का आरोप नहीं लगाया जा सकता है.” पिछले कुछ दिनों में पूरे बिहार में फलस्तीनी झंडा लहराने की कम से कम चार घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें बुधवार को निकाले गए मुहर्रम के जुलूस की भी घटना शामिल है.
पड़ोसी राज्य झारखंड में इसी तरह की घटना को लेकर भारतीय जानता पार्टी (भाजपा) और विश्व हिंदू परिषद ने आक्रोश व्यक्त करने के साथ आंदोलन की धमकी दी है. इस सिलसिले में दुमका में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया और एक अन्य को हिरासत में लिया गया है.
भाकपा-माले नेता ने कहा, ”फलस्तीनी झंडे गाजा के लोगों के प्रति एकजुटता दर्शाने के संकेत के रूप में लहराए जा रहे हैं जहां इजराइली सैन्य कार्रवाई में करीब दो लाख लोगों की जान चली गई है. भारत कभी भी फलस्तीन का समर्थन करने से पीछे नहीं हटा है. यही कारण है कि नयी दिल्ली में फलस्तीन का दूतावास मौजूद है.”
वामपंथी नेता ने पिछले हफ्ते मुंबई में अनंत अंबानी की शादी में लालू प्रसाद और उनके छोटे पुत्र तेजस्वी यादव सहित ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य सहयोगियों के शामिल होने पर कहा, ”हमारे विचार में उन्हें वहां जाने से बचना चाहिए था. हम घोर पूंजीवाद का विरोध करते हैं. हमारा राजनीतिक कार्यक्रम उसी तर्ज पर है. हमें उद्योगपतियों के साथ कंधे से कंधा मिलाते हुए नहीं देखा जा सकता है.”